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राजनीति

वोटर लिस्ट गड़बड़ी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुँचे राहुल गांधी: विपक्ष के 11 बड़े नेताओं ने दायर की याचिका।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन ज़ोरों पर है। इसी संदर्भ में सोमवार को विपक्षी दलों के 11 नेताओं ने राहुल गांधी की अगुवाई में एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में चुनाव आयोग के डिजिटल डेटाबेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं।

वोटर लिस्ट गड़बड़ी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुँचे राहुल गांधी: विपक्ष के 11 बड़े नेताओं ने दायर की याचिका।
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: आजतक, एनडीटीवी

राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका?

वोटर लिस्ट में हो रही कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के मामले में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, सोमवार को राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था ,और सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के संदर्भ और एसआईआर के खिलाफ याचिका दायर की गई है।

पूरे दिन चले मार्च के बाद सोमवार की शाम को दायर हुई इस याचिका में राहुल गांधी की अगुवाई रही है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ विपक्षी दलों के 10 बड़े नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। मतलब, कुल 11 नेताओं ने मिलकर एसआईआर के खिलाफ याचिका दायर की है।

11 विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका में क्या लिखा है?

सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में विशेष पुनर्निरीक्षण (एसआईआर) कराने के चुनाव आयोग के फैसले को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही याचिका में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया की कानूनी जांच की मांग की गई है। विपक्ष द्वारा दायर याचिका में अदालत से यह पूछा गया है कि, क्या चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया के ज़रिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल उनके निर्धारित उद्देश्य से हटकर किया है?

जानें, विपक्षी नेताओं ने याचिका में क्या कहा?

इंडिया ब्लॉक द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त के अधिकारों, वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के डिजिटल डेटाबेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में स्वतंत्र जांच समिति बनाने की मांग की गई है। वहीं, याचिका में विपक्षी दलों द्वारा यह सवाल उठाया गया है कि, क्या एसआईआर लागू करते समय चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रियाओं का पालन किया था? क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ने बाकी दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना अकेले ही फैसला ले लिया?

हालांकि, विपक्षी दलों द्वारा दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी सप्लीमेंट्री सूची में सूचीबद्ध नहीं हुई है, क्योंकि अदालत की रजिस्ट्री में इसमें 14 बड़ी कमियां पाई गई हैं। इन कमियों को सुधारने के बाद ही मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के मुताबिक, याचिका में काफी तकनीकी और दस्तावेज़ संबंधी कमियां हैं। इनमें लोगों के नाम से प्रतिवादी बनाना, पुराने फैसलों की कॉपी न लगाना और 9 याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे शामिल न होना है। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आईडी कार्ड की धुंधली कॉपी दी गई है, और कोर्ट को 220 रुपये कोर्ट फीस कम मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि, याचिका में दायर की गई सारी कमियों को दूर करने के बाद ही केस कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकता है।

दायर याचिका में की गई मांगें

  • एसआईआर के दौरान किए गए बदलावों और हटाए गए नामों का तय समय में स्वतंत्र ऑडिट करने के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए।

  • समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करें और तकनीकी विशेषज्ञ तथा गणमान्य नागरिक उनकी मदद करें।

  • यह स्पष्ट किया जाए कि कानून के मुताबिक, बिना उचित नोटिस और सुनवाई का मौका दिए किसी भी वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा।

  • यह भी तय किया जाए कि, पंजाब और अन्य राज्यों, जहां चुनाव होने वाले हैं, वहां लोगों को कानून द्वारा तय तारीख तक वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कराने की इजाज़त दी जाए।

  • योग्य मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए, इस याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जाए और फैसला होने तक देशभर में जारी वोटर लिस्ट के एसआईआर को रोकने का अंतिम आदेश दिया जाए।

इंडिया ब्लॉक के किन बड़े नेताओं ने दायर की याचिका?

  • कांग्रेस सांसद राहुल गांधी

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

  • समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव

  • तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय

  • राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले

  • शिवसेना के नेता संजय राउत

  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी. राजा

  • झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी

  • मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एम. ए. बेबी

  • इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता ई. टी. मोहम्मद बशीर

इन सभी नेताओं ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। वहीं, याचिका में कुल 4 पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इनमें पहला प्रतिवादी भारतीय चुनाव आयोग है, जबकि बाकी 3 प्रतिवादी चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं।

बता दें कि , दायर याचिका में मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने वक्त मांगा है और हो सकता है कि बुधवार को याचिका सूचीबद्ध की जाए।

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