भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। 15 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने Duleep Trophy 2026-27 के सेमीफाइनल में दोनों पारियों में महत्वपूर्ण योगदान देकर East Zone को लंबे अंतराल के बाद फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
बेंगलुरु में खेले गए सेमीफाइनल में East Zone ने defending champion Central Zone को चार विकेट से हराया। Central Zone ने दूसरी पारी में 158 रन बनाए, जिसके बाद East Zone को जीत के लिए 159 रन का लक्ष्य मिला।
East Zone ने छह विकेट खोकर 162 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम किया।
मैच का संक्षिप्त स्कोर रहा:
Central Zone: 266 और 158
East Zone: 266 और 162/6
East Zone ने 4 विकेट से मैच जीता।
इस जीत के साथ East Zone ने 2012-13 सीजन के बाद पहली बार Duleep Trophy के फाइनल में जगह बनाई।
पहली पारी में वैभव सूर्यवंशी के 92 रन बने मैच का Turning Point
वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ दूसरी पारी में ही योगदान नहीं दिया। East Zone को मुकाबले में बनाए रखने की असली नींव उनकी पहली पारी में रखी गई थी।
Central Zone ने पहली पारी में 266 रन बनाए थे।
जवाब में वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 81 गेंदों में 92 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे।
वह शतक से केवल आठ रन दूर रह गए, लेकिन उनकी पारी ने East Zone को Central Zone के पहली पारी के स्कोर की बराबरी करने में बड़ी भूमिका निभाई।
East Zone भी ठीक 266 रन पर ऑलआउट हुआ और पहली पारी के बाद दोनों टीमें बराबरी पर थीं।
वैभव और अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने पहले विकेट के लिए 161 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की थी। ईश्वरन ने पहली पारी में 69 रन बनाए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए बदला वैभव का अंदाज
159 रन का लक्ष्य स्कोरबोर्ड पर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन सेमीफाइनल के दबाव और पिच के बदलते व्यवहार को देखते हुए East Zone को मजबूत शुरुआत की जरूरत थी।
यहां वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी का एक अलग पहलू दिखाया।
पहली पारी की विस्फोटक बल्लेबाजी के विपरीत उन्होंने शुरुआत में काफी संयम बरता। उनके शुरुआती 15 रन 30 गेंदों में आए।
इसके बाद उन्होंने तेजी से गियर बदला।
वैभव ने कुल 43 गेंदों में 40 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल थे।
उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़कर लक्ष्य का पीछा करने की मजबूत नींव रखी।
Yash Thakur के एक ओवर में वैभव का हमला
वैभव की पारी का सबसे आक्रामक चरण Yash Thakur के खिलाफ आया।
14वें ओवर में युवा बल्लेबाज ने तेज गेंदबाज पर हमला करते हुए तीन चौके और एक छक्का लगाया।
हालांकि उसी ओवर में Central Zone के कप्तान Rajat Patidar ने पीछे की ओर दौड़ते हुए शानदार कैच लेकर वैभव की पारी समाप्त कर दी।
लेकिन तब तक वह East Zone को आवश्यक शुरुआती momentum दे चुके थे।
Harsh Dubey ने मैच में पैदा किया रोमांच
वैभव के आउट होने के बाद मुकाबला अचानक Central Zone की तरफ झुकता दिखाई दिया।
Left-arm spinner Harsh Dubey ने East Zone के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और लगातार विकेट हासिल किए।
उन्होंने कुल चार विकेट लिए।
एक समय East Zone का स्कोर 124/5 हो गया था।
छोटा लक्ष्य होने के बावजूद मैच फिर खुल गया था और Central Zone के पास वापसी का अवसर मौजूद था।
यहीं East Zone को अपने अनुभवी बल्लेबाजों की जरूरत पड़ी।
ईशान किशन ने संभाला मोर्चा
कप्तान Ishan Kishan ने दबाव के समय जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाए और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया।
किशन के लिए यह मैच व्यक्तिगत रूप से भी चुनौतीपूर्ण रहा। शुरुआती दिन विकेटकीपिंग करते समय उन्हें चोट लगी थी और एक चरण में वैभव सूर्यवंशी को नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ी थी।
लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए किशन ने धैर्य बनाए रखा और टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में Mohammed Shami 8 रन बनाकर नाबाद रहे और विजयी रन उनके बल्ले से आए।
East Zone ने 162/6 बनाकर मुकाबला चार विकेट से जीत लिया।
जीत की असली नींव Shami और Mukesh ने रखी
वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन की बल्लेबाजी सुर्खियों में रही, लेकिन East Zone की जीत में गेंदबाजों का योगदान उतना ही महत्वपूर्ण था।
Central Zone ने तीसरे दिन 45/3 से अपनी दूसरी पारी आगे बढ़ाई थी।
इसके बाद Mohammed Shami और Mukesh Kumar ने बल्लेबाजी क्रम को संभलने का मौका नहीं दिया।
Mukesh Kumar – 4/44
Mohammed Shami – 3/56
दोनों तेज गेंदबाजों ने मिलकर सात विकेट हासिल किए और Central Zone को सिर्फ 158 रन पर समेट दिया।
Central Zone एक समय 97/8 तक पहुंच गया था।
हालांकि Harsh Dubey और Arshad Khan ने नौवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर स्कोर को 150 के पार पहुंचाया, लेकिन वे East Zone के सामने बड़ा लक्ष्य नहीं रख सके।
Mukesh Kumar बने Player of the Match
मुकेश कुमार का प्रदर्शन सिर्फ Central Zone की दूसरी पारी तक सीमित नहीं था।
उन्होंने पूरे मुकाबले में कुल सात विकेट हासिल किए।
उनके इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें Player of the Match चुना गया।
इस तरह East Zone की जीत युवा बल्लेबाजी प्रतिभा और अनुभवी तेज गेंदबाजी का शानदार मिश्रण साबित हुई।
Defending Champion Central Zone टूर्नामेंट से बाहर
इस नतीजे के साथ defending champion Central Zone का खिताब बचाने का अभियान समाप्त हो गया।
पहली पारी में दोनों टीमों के 266-266 रन बनाने के बाद मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था।
Central Zone के लिए पहली पारी में Rinku Singh ने 60 रन बनाए थे।
लेकिन दूसरी पारी में टीम का बल्लेबाजी क्रम Shami और Mukesh के सामने टिक नहीं पाया और 158 रन पर सिमट गया।
East Zone ने मिले अवसर को इस बार हाथ से नहीं जाने दिया।
15 साल की उम्र में Duleep Trophy में वैभव का बड़ा प्रभाव
इस सेमीफाइनल ने वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में सिर्फ power-hitting ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार खेल बदलने की क्षमता भी दिखाई।
पहली पारी में उन्होंने 81 गेंदों में 92 रन की विस्फोटक पारी खेली।
दूसरी पारी में लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआत में उन्होंने नई गेंद के खतरे को संभाला और फिर तेजी से रन बनाए।
इस मुकाबले के दौरान वह Duleep Trophy में अर्धशतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने।
15 वर्ष की उम्र में red-ball domestic cricket के बड़े मुकाबले में ऐसा प्रदर्शन उनकी बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है।
East Zone के लिए क्यों खास है यह जीत?
East Zone पिछली बार 2012-13 सीजन में Duleep Trophy Final में पहुंचा था और उसी सीजन उसने खिताब भी जीता था।
इसके बाद टीम लंबे समय तक फाइनल में जगह नहीं बना सकी।
इसलिए Central Zone के खिलाफ यह जीत सिर्फ एक सेमीफाइनल जीत नहीं है—इसने East Zone के एक दशक से अधिक लंबे इंतजार को समाप्त किया है।
दिलचस्प बात यह है कि इस उपलब्धि में एक तरफ 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी की अहम भूमिका रही, तो दूसरी ओर Mohammed Shami, Mukesh Kumar, Abhimanyu Easwaran और Ishan Kishan जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण समय पर योगदान दिया।
अब Duleep Trophy Final पर नजर
East Zone अब Duleep Trophy 2026-27 के खिताब से सिर्फ एक जीत दूर है।
फाइनल 6 सितंबर से चेन्नई के Chepauk में खेला जाना है।
East Zone का मुकाबला दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
Central Zone के खिलाफ मिली जीत ने यह भी दिखाया कि East Zone सिर्फ किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। वैभव और ईश्वरन ने बल्लेबाजी की नींव रखी, Shami और Mukesh ने गेंद से मैच बदला और Ishan Kishan ने दबाव में लक्ष्य का पीछा पूरा किया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही होगा—क्या East Zone 2012-13 की सफलता दोहरा पाएगा?
