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खेल

17 साल की कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास, Asian Games में Individual Recurve Gold जीतने वाली पहली भारतीय

17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने Asian Games 2026 में South Korea की Oh Yejin को shoot-off में हराकर women's individual recurve gold जीता। वह Asian Games में individual recurve gold जीतने वाली पहली भारतीय बनीं और भारत के लिए LA 2028 Olympic quota भी हासिल किया।

17 साल की कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास, Asian Games में Individual Recurve Gold जीतने वाली पहली भारतीय
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Olympics.com, The Indian Express, Akashvani News and Asian Games match reports.

आइची-नागोया, जापान, 3 अक्टूबर 2026: भारत की 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम अनिल मोहोड ने Asian Games 2026 में महिला individual recurve archery का स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तीरंदाजी में नया इतिहास रच दिया। फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की Oh Yejin को बेहद रोमांचक shoot-off में 6-5 से हराया। मुकाबला पांच सेट के बाद 5-5 से बराबर था; shoot-off में Oh ने 8 लगाया, जबकि कुमकुम ने perfect 10 के साथ गोल्ड अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ कुमकुम Asian Games में individual recurve gold जीतने वाली भारत की पहली तीरंदाज बनीं। इससे पहले इस स्पर्धा में किसी भारतीय महिला ने individual recurve medal भी नहीं जीता था। भारत का पिछला individual recurve पदक पुरुष वर्ग में Tarundeep Rai का 2010 Guangzhou Asian Games का silver था।

फाइनल में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी

गोल्ड मेडल मुकाबले की शुरुआत कुमकुम के पक्ष में नहीं हुई। Oh Yejin ने पहला सेट 29-27 से जीतकर 2-0 की बढ़त बनाई। दूसरा सेट 29-29 से बराबर रहा, जिससे कोरियाई तीरंदाज 3-1 से आगे हो गईं।

तीसरे सेट में कुमकुम ने जबरदस्त जवाब दिया। उन्होंने लगातार तीन 10 लगाकर perfect 30 बनाया और मुकाबला 3-3 से बराबर कर दिया।

चौथा सेट Oh ने 28-27 से जीता और 5-3 की बढ़त हासिल कर ली। इसका मतलब था कि कुमकुम को मुकाबला बचाने के लिए पांचवां सेट हर हाल में जीतना था।

तीन तीर, तीन 10 और फिर निर्णायक Perfect 10

दबाव के सबसे बड़े क्षण में कुमकुम ने पांचवें सेट में फिर 10-10-10 का perfect 30 स्कोर किया। Oh Yejin 28 अंक ही बना सकीं और मैच 5-5 पर पहुंच गया।

अब गोल्ड का फैसला single-arrow shoot-off से होना था।

Oh ने पहले तीर चलाया और 8 स्कोर किया। इसके बाद 17 वर्षीय भारतीय तीरंदाज ने 10-ring पर निशाना लगाकर मुकाबला खत्म कर दिया। इसी एक perfect 10 ने उन्हें Asian Games champion बना दिया।

Quarterfinal में World Champion Kang Chaeyoung को हराया

कुमकुम का गोल्ड तक का सफर केवल फाइनल की वजह से खास नहीं था। Quarterfinal में उनके सामने दक्षिण कोरिया की Kang Chaeyoung थीं, जिन्हें मौजूदा world champion और Olympic medallist के रूप में रिपोर्ट किया गया है।

कुमकुम ने यह मुकाबला 6-4 से जीतकर बड़ा उलटफेर किया। अंतिम सेट में उन्हें मुकाबला अपने नाम करने के लिए आखिरी arrow पर 10 की जरूरत थी और उन्होंने वही स्कोर किया।

यह जीत उनके अभियान के सबसे कठिन मुकाबलों में से एक थी और इसके बाद उनका सामना एक और शीर्ष अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज से हुआ।

Semifinal में चीन की Zhu Jingyi को 6-2 से हराया

सेमीफाइनल में कुमकुम ने चीन की World Championships silver medallist Zhu Jingyi को 6-2 से हराया।

भारतीय तीरंदाज ने पहला सेट 28-27 से जीता। इसके बाद दो सेट बराबर रहे और चौथा सेट 29-28 से जीतकर उन्होंने फाइनल में प्रवेश किया।

इसी प्रदर्शन ने भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सुनिश्चित की—Los Angeles 2028 Olympics का women's individual recurve quota। Olympic quota देश को मिलता है, न कि व्यक्तिगत खिलाड़ी को स्थायी रूप से आवंटित होता है।

Asian Games 2026 में कुमकुम के तीन पदक

Individual gold कुमकुम का इन Asian Games में पहला पदक नहीं था। उनका अभियान कुल तीन पदकों—दो गोल्ड और एक सिल्वर— के साथ समाप्त हुआ।

इससे पहले कुमकुम ने Ankita Bhakat और Kirti Sharma के साथ महिला recurve team gold जीता था। भारतीय टीम ने फाइनल में powerhouse South Korea को 5-3 से हराकर इस event में भारत का पहला Asian Games gold हासिल किया।

इसके बाद कुमकुम ने Dhiraj Bommadevara के साथ mixed recurve team silver जीता। फाइनल में भारतीय जोड़ी चीन से 3-5 से हार गई थी।

इस तरह 17 वर्षीय कुमकुम ने अपने पहले Asian Games अभियान को Individual Gold + Team Gold + Mixed Team Silver के साथ पूरा किया।

2018 में शुरू किया था Archery का सफर

कुमकुम की उपलब्धि उनकी उम्र को देखते हुए और उल्लेखनीय है। The Indian Express के मुताबिक उन्होंने 2018 में archery शुरू की थी और पिछले कुछ महीनों में strength तथा bow-hand release पर विशेष रूप से काम किया था।

Asian Games से पहले भारतीय टीम में जगह बनाने की प्रक्रिया भी आसान नहीं थी। India Today के मुताबिक selection के रास्ते में उन्होंने अनुभवी भारतीय तीरंदाज और चार बार की Olympian Deepika Kumari को भी पीछे छोड़ा था।

भारतीय Recurve Archery के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह Gold?

भारत ने compound archery में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन Olympic discipline recurve archery में Asian Games individual gold अब तक नहीं आया था।

कुमकुम की जीत ने यह इंतजार खत्म किया। वह केवल पहली भारतीय महिला individual recurve medallist नहीं बनीं, बल्कि सीधे gold जीतकर भारत की पहली Asian Games individual recurve champion भी बन गईं।

इस उपलब्धि का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू LA 2028 Olympic quota है। भारत के लिए शुरुआती qualification हासिल होने से Olympic preparation को स्पष्ट लक्ष्य मिलता है, हालांकि Games में अंतिम athlete selection बाद में भारतीय qualification और selection process के अनुसार तय होगा।

Korean dominance के बीच बड़ी उपलब्धि

महिला recurve archery में South Korea लंबे समय से विश्व की सबसे मजबूत शक्तियों में रहा है। कुमकुम ने अपने individual campaign में दो Korean archers को हराया, जिसमें world champion Kang Chaeyoung भी शामिल थीं। इससे एक दिन पहले वह उस भारतीय महिला टीम का भी हिस्सा थीं जिसने South Korea को team final में हराया था।

फिर भी एक tournament की सफलता को भविष्य के Olympic परिणाम की गारंटी नहीं माना जा सकता। 2028 तक form, qualification, selection और international competition जैसे कई चरण बाकी हैं।

लेकिन 17 साल की उम्र में Asian Games के दबाव में top international opponents को हराना और shoot-off में perfect 10 लगाना कुमकुम को भारतीय recurve archery के लिए एक महत्वपूर्ण उभरती खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।

एक Perfect 10 से इतिहास में दर्ज हुआ नाम

फाइनल की कहानी आखिरकार एक arrow पर आकर टिक गई।

Oh Yejin का 8 और कुमकुम मोहोड का 10।

उस एक तीर ने भारत को Asian Games इतिहास का पहला individual recurve gold दिया, कुमकुम को 17 साल की उम्र में continental champion बनाया और भारत के लिए LA 2028 Olympic quota भी सुनिश्चित किया।

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