भारत ने पाकिस्तान को हराकर जीता Asian Games Gold
भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित Asian Games 2026 men's cricket final में टीम इंडिया ने दबाव के महत्वपूर्ण क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 19 रन से जीत दर्ज की।
जापान के Nisshin स्थित Korogi Sports Park में 3 अक्टूबर को खेले गए मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। भारत ने 20 ओवर में छह विकेट खोकर 211 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले को अंतिम ओवरों तक जीवित रखा, लेकिन 212 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर सका और 192/6 पर रुक गया।
अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने दी तेज शुरुआत
भारत की पारी में अभिषेक शर्मा ने शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने केवल 28 गेंदों में 61 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और सात छक्के शामिल थे। उनका strike rate 217 से अधिक रहा।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 9 गेंदों में 15 रन बनाए, जबकि संजू सैमसन केवल दो रन पर आउट हुए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 21 और ईशान किशन ने 20 रन का योगदान दिया।
तेज शुरुआत के बाद पाकिस्तान ने बीच के ओवरों में कुछ विकेट लेकर भारत की रन गति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन अंतिम ओवरों में तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने मैच का रुख फिर भारत की ओर मोड़ दिया।
तिलक वर्मा ने आखिरी ओवरों में बदला खेल
भारत की पारी के अंतिम हिस्से में तिलक वर्मा ने सिर्फ 22 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए। उन्होंने तीन चौके और चार छक्के लगाए।
शिवम दुबे ने भी 15 गेंदों में 27 रन बनाए। दोनों ने छठे विकेट के लिए केवल 31 गेंदों में 62 रन जोड़कर भारत को 200 के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतिम तीन ओवरों में भारत ने 46 रन बनाए।
पाकिस्तान के लिए अराफात मिन्हास ने 25 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि अहमद दानियाल ने भी दो विकेट हासिल किए।
पाकिस्तान ने भी दी कड़ी चुनौती
212 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पारी पूरी तरह एकतरफा नहीं रही।
हसन नवाज की तेज अर्धशतकीय पारी ने पाकिस्तान को मुकाबले में बनाए रखा। अंतिम दो ओवरों में पाकिस्तान को जीत के लिए 44 रन चाहिए थे और मैच अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था।
यहीं भारतीय गेंदबाजी का अनुभव निर्णायक साबित हुआ।
जसप्रीत बुमराह का 19वां ओवर बना निर्णायक
जब पाकिस्तान को आखिरी 12 गेंदों में 44 रन चाहिए थे, जसप्रीत बुमराह ने 19वां ओवर संभाला।
उनके ओवर के बाद पाकिस्तान के सामने अंतिम छह गेंदों में 33 रन की बेहद कठिन चुनौती रह गई। भारत ने इसके बाद मुकाबला अपने नियंत्रण में रखते हुए 19 रन से जीत सुनिश्चित की।
फाइनल में भारत की जीत केवल बड़े स्कोर की वजह से नहीं आई। आखिरी ओवरों में बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए अतिरिक्त रन और दबाव में गेंदबाजों की execution दोनों निर्णायक रहे।
Final Score
भारत: 211/6 (20 ओवर)
अभिषेक शर्मा — 61 (28)
तिलक वर्मा — 51* (22)
शिवम दुबे — 27 (15)
पाकिस्तान: 192/6 (20 ओवर)
भारत ने 19 रन से मैच जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
लगातार दूसरी बार Asian Games Champion बना भारत
यह जीत भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने अपना Asian Games men's cricket खिताब successfully defend किया।
भारत ने Hangzhou Asian Games 2023 में भी पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था। उस समय अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था और बेहतर ranking के आधार पर भारत को गोल्ड मिला था।
2026 में कहानी अलग रही। इस बार भारत ने मैदान पर पूरा फाइनल खेलकर पाकिस्तान को हराया और लगातार दूसरी बार Asian Games men's cricket gold हासिल किया।
फाइनल तक कैसे पहुंचे थे भारत और पाकिस्तान?
बारिश ने इस Asian Games cricket tournament को काफी प्रभावित किया। भारत का अफगानिस्तान के खिलाफ quarter-final बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया था। बेहतर ICC T20I ranking के कारण भारत semifinal में पहुंचा।
Semifinal में भारत ने श्रीलंका को 124 रन से हराया। भारत के 169/7 के जवाब में श्रीलंका केवल 45 रन पर ऑल आउट हो गया था। ईशान किशन ने 46 गेंदों पर नाबाद 80 रन बनाए थे।
पाकिस्तान का Hong Kong, China के खिलाफ quarter-final भी बारिश से धुल गया था। Semifinal में पाकिस्तान ने Bangladesh को rain-reduced मुकाबले में छह विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
इस जीत का महत्व
इस फाइनल की अहमियत सिर्फ भारत-पाकिस्तान rivalry तक सीमित नहीं थी। भारत defending champion के रूप में टूर्नामेंट में आया था और उसने लगातार दूसरी बार men's cricket gold जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा।
मैच ने भारतीय टीम की batting depth भी दिखाई। अभिषेक शर्मा ने powerplay और शुरुआती चरण में तेजी दी, जबकि तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने अंतिम ओवरों में स्कोर को 211 तक पहुंचाया। दूसरी ओर पाकिस्तान ने बड़े लक्ष्य के बावजूद मैच को अंतिम दो ओवरों तक प्रतिस्पर्धी बनाए रखा।
इसलिए 19 रन का अंतिम अंतर केवल एकतरफा मुकाबले की कहानी नहीं बताता—फाइनल में दोनों टीमों के पास अलग-अलग चरणों में momentum रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारत ने बढ़त बनाए रखी।
