आइची-नागोया, 2 अक्टूबर 2026: भारतीय तीरंदाज कुमकुम अनिल मोहोड और धीरज बोम्मादेवरा ने एशियन गेम्स 2026 में रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा का रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। गोल्ड मेडल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन की झू जिंगयी और ली मेंगची की जोड़ी ने 5-3 से हराया। यह एशियन गेम्स में भारत का मिक्स्ड टीम रिकर्व स्पर्धा में पहला पदक है।
फाइनल में भारत शुरुआती दो सेट गंवाने के बाद 0-4 से पिछड़ गया था, लेकिन कुमकुम और धीरज ने तीसरा सेट जीतकर जोरदार वापसी की। चौथा सेट 37-37 से बराबर रहने के कारण चीन को जरूरी एक अंक मिला और उसने 5-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
शुरुआत में चीन ने बनाया दबाव
गोल्ड मेडल मैच में चीन ने शुरुआत से ही बेहतर लय दिखाई। पहले सेट में भारतीय जोड़ी ने 34 अंक बनाए, जबकि चीन ने 38 अंक हासिल कर दो सेट पॉइंट ले लिए।
दूसरे सेट में भारत ने 35 अंक बनाए, लेकिन चीन ने 37 के स्कोर के साथ एक और सेट जीत लिया। इससे चीनी जोड़ी की बढ़त 4-0 हो गई और भारत के लिए मुकाबले में बने रहने के लिए अगला सेट जीतना जरूरी हो गया।
तीसरे सेट में कुमकुम-धीरज की शानदार वापसी
दबाव की स्थिति में भारतीय तीरंदाजों ने तीसरे सेट में बेहतर निशाना लगाया। कुमकुम और धीरज ने मिलकर 37 अंक बनाए।
चीन 36 अंक तक पहुंच सका और भारत ने सेट जीतकर स्कोर 2-4 कर दिया। इस प्रदर्शन ने भारतीय जोड़ी की गोल्ड मेडल की उम्मीदों को बरकरार रखा।
आखिरी सेट में एक अंक ने तय किया गोल्ड
चौथा सेट बेहद करीबी रहा। कुमकुम ने 9 और 10 के स्कोर किए, जबकि धीरज ने अपनी दोनों arrows पर 9-9 अंक हासिल किए। भारत का कुल स्कोर 37 रहा।
चीन को मुकाबला समाप्त करने के लिए अंतिम दो arrows से 19 अंक चाहिए थे। झू ने 9 लगाया और इसके बाद ली मेंगची ने 10 के साथ चीन का स्कोर भी 37 कर दिया।
सेट 37-37 से बराबर रहने के कारण दोनों टीमों को एक-एक सेट पॉइंट मिला। इसी के साथ चीन 5-3 से आगे हो गया और गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
सेमीफाइनल में जापान को 5-3 से हराया
फाइनल तक पहुंचने का भारत का सफर भी आसान नहीं था। सेमीफाइनल में कुमकुम और धीरज का सामना जापान के नानामी असाकुनो और जुन्या नाकानिशी से हुआ।
भारत शुरुआती सेट गंवाने के बाद पिछड़ गया था। दूसरा सेट बराबर रहने के बाद जापान 3-1 से आगे था, लेकिन भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में 39 अंक बनाकर मुकाबला 3-3 से बराबर कर दिया।
निर्णायक चौथे सेट में भारत ने 37 अंक बनाए, जबकि जापान 35 तक पहुंच सका। इस तरह कुमकुम और धीरज ने 5-3 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई।
LA 2028 का Olympic quota चीन के नाम
इस फाइनल का महत्व केवल एशियन गेम्स गोल्ड तक सीमित नहीं था। विजेता टीम के लिए Los Angeles 2028 Olympics का automatic mixed-team qualification quota भी दांव पर था।
चीन ने गोल्ड के साथ यह quota हासिल किया, जबकि भारत इस मुकाबले के जरिए शुरुआती Olympic quota हासिल करने से चूक गया।
यह नतीजा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सिल्वर भारत की competitive strength दिखाता है, लेकिन Olympic qualification की प्रक्रिया के लिहाज से आगे के qualifying opportunities अभी भी अहम रहेंगी।
कुमकुम मोहोड के लिए एक ही दिन में गोल्ड और सिल्वर
कुमकुम के लिए यह दिन विशेष रूप से यादगार रहा। मिक्स्ड टीम फाइनल से पहले 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था।
भारतीय महिला टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड जीता। इसके कुछ समय बाद कुमकुम ने धीरज के साथ मिक्स्ड टीम सिल्वर अपने नाम किया।
इस तरह कुमकुम ने एक ही दिन में एक गोल्ड और एक सिल्वर अपने नाम किया।
भारतीय रिकर्व तीरंदाजी के लिए क्यों खास है यह पदक?
एशियन गेम्स में mixed-team recurve को 2018 में शामिल किया गया था और कुमकुम-धीरज का सिल्वर इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक है।
भारत का फाइनल तक पहुंचना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियाई रिकर्व तीरंदाजी में चीन, दक्षिण कोरिया और जापान जैसी मजबूत टीमें मौजूद हैं। इसी दिन भारतीय महिला रिकर्व टीम का दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड जीतना और mixed team का फाइनल तक पहुंचना भारत के लिए उल्लेखनीय प्रदर्शन रहा।
फिर भी मिक्स्ड फाइनल ने सुधार की गुंजाइश भी दिखाई। शुरुआती दो सेटों में भारत के कम स्कोर ने चीन को 4-0 की बढ़त दे दी, जिसके बाद वापसी के लिए बहुत कम जगह बची। तीसरे और चौथे सेट में प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन शुरुआती अंतर निर्णायक साबित हुआ।
गोल्ड नहीं, फिर भी ऐतिहासिक उपलब्धि
कुमकुम मोहोड और धीरज बोम्मादेवरा गोल्ड से एक कदम दूर रह गए, लेकिन उनका सिल्वर भारतीय तीरंदाजी के लिए नया एशियन गेम्स माइलस्टोन है।
0-4 से पिछड़ने के बाद भारतीय जोड़ी ने मुकाबले को चौथे सेट की अंतिम arrow तक पहुंचाया। चीन ने दबाव में जरूरी स्कोर हासिल कर गोल्ड और LA 2028 quota दोनों अपने नाम किए, जबकि भारत ने इस स्पर्धा में अपना पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया।
