पहले हाफ से ही भारत ने बनाई मजबूत बढ़त
भारत और श्रीलंका के बीच यह सेमीफाइनल मुकाबला 30 अक्टूबर को अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेला गया। भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। रेडर्स ने विरोधी टीम के डिफेंस पर दबाव बनाया, वहीं भारतीय डिफेंडर्स ने श्रीलंका के खिलाड़ियों को आसानी से अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।
पहले हाफ में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 24-7 की बढ़त बना ली। इस दौरान भारत की रेडिंग लगातार प्रभावी रही और डिफेंस ने भी कई अहम अंक जुटाए। श्रीलंका की टीम भारतीय खिलाड़ियों के सामने लय हासिल नहीं कर सकी। पहले हाफ के प्रदर्शन ने ही मुकाबले में भारत की मजबूत स्थिति तय कर दी थी।
दूसरे हाफ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति जारी रखी। टीम ने अनावश्यक जोखिम लेने के बजाय संयम के साथ खेला और अपनी बढ़त को लगातार बनाए रखा। श्रीलंका ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय टीम ने उसे बड़े अंतर को कम करने का मौका नहीं दिया। आखिरकार भारत ने 39-14 से मुकाबला जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
साक्षी और निधि शर्मा ने संभाली रेडिंग की कमान
भारतीय टीम की जीत में साक्षी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कुल 11 अंक हासिल किए, जिनमें आठ रेड पॉइंट और तीन टैकल पॉइंट शामिल थे। साक्षी ने रेडिंग के साथ डिफेंस में भी उपयोगी योगदान देकर अपनी ऑलराउंड क्षमता दिखाई।
टीम की कप्तान निधि शर्मा ने भी शानदार खेल दिखाया। उन्होंने 12 रेड के दौरान 10 अंक जुटाए, जिनमें दो बोनस पॉइंट शामिल थे। कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन टीम के लिए काफी अहम रहा। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों के बीच तालमेल बनाए रखने और लगातार दबाव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डिफेंस की बात करें तो रितु ने चार टैकल पॉइंट हासिल किए, जबकि सुमन ने तीन अंक जुटाए। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में 21 रेड पॉइंट और 12 टैकल पॉइंट हासिल किए। इसके अलावा टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन ऑलआउट भी किए। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत ने मुकाबले के दोनों अहम विभागों में अपना दबदबा बनाए रखा।
युगांडा ने केन्या को हराकर फाइनल में बनाई जगह
भारतीय महिला टीम के साथ युगांडा ने भी फाइनल में प्रवेश कर लिया है। दूसरे सेमीफाइनल में युगांडा ने केन्या को बेहद करीबी मुकाबले में 23-21 से हराया। यह मैच आखिरी मिनटों तक रोमांचक बना रहा और दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
युगांडा ने पहले हाफ में 12-9 की बढ़त हासिल की थी। दूसरे हाफ में उसने अपनी बढ़त को 18-12 तक पहुंचाया। हालांकि, केन्या की खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और वापसी की कोशिश की। केन्या की लावेंडा ओधियाम्बो ने 16 रेड पॉइंट हासिल कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। इसके बावजूद युगांडा ने दबाव के बीच अपनी बढ़त कायम रखी और दो अंकों से जीत दर्ज की। अब भारत और युगांडा के बीच महिला वर्ग का फाइनल खेला जाएगा। यह मुकाबला 31 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे निर्धारित है।
ग्रुप स्टेज में भी युगांडा को हरा चुका है भारत
फाइनल से पहले भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक बात यह है कि वह ग्रुप स्टेज में युगांडा को हरा चुकी है। दोनों टीमों के बीच 25 अक्टूबर को हुए मुकाबले में भारत ने 41-18 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, फाइनल में मुकाबले की परिस्थितियां अलग होंगी और युगांडा की टीम पिछली हार से सीख लेकर नई रणनीति के साथ उतर सकती है।
भारतीय कप्तान निधि शर्मा ने सेमीफाइनल के बाद फाइनल को लेकर उत्साह जताया था। उन्होंने कहा कि टीम युगांडा के खिलाफ पहले भी खेल चुकी है, लेकिन फाइनल में विरोधी टीम अपनी रणनीति बदल सकती है। ऐसे में भारत को पूरी तैयारी और सतर्कता के साथ मैदान पर उतरना होगा।
पुरुष टीम भी फाइनल में, भारत के पास दोहरी सफलता का मौका
कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में भारतीय पुरुष टीम ने भी फाइनल में जगह बनाई है। पुरुष वर्ग के सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 56-27 से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने केन्या को 28-24 से मात दी। अब पुरुष वर्ग के फाइनल में भारत का सामना श्रीलंका से होगा। पुरुष टीम का फाइनल 31 अक्टूबर को रात 9 बजे खेला जाना निर्धारित है। इस तरह भारत की महिला और पुरुष, दोनों टीमें खिताब से केवल एक जीत दूर हैं।
भारतीय कबड्डी के लिए अहम है यह चैंपियनशिप
अहमदाबाद में 23 से 31 अक्टूबर तक आयोजित पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में पुरुष वर्ग में 13 और महिला वर्ग में 10 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारतीय टीमों के लिए यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
महिला टीम ने श्रीलंका के खिलाफ 39-14 की जीत से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह खिताब की मजबूत दावेदार है। रेडिंग में साक्षी और निधि शर्मा का प्रदर्शन तथा डिफेंस में रितु और सुमन का योगदान टीम की ताकत बना हुआ है।
अब सभी की नजरें भारत और युगांडा के बीच होने वाले फाइनल पर टिकी हैं। भारतीय खिलाड़ियों के सामने सेमीफाइनल के शानदार प्रदर्शन को दोहराने और चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम करने की चुनौती होगी। अगर टीम इसी लय और तालमेल के साथ खेलती है, तो भारतीय प्रशंसकों को एक और बड़ी जीत देखने को मिल सकती है।
