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खेल

BWF World Championships 2026: पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य सेन की शानदार वापसी, दूसरे दौर में बनाई जगह

भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में मुश्किल शुरुआत के बाद शानदार वापसी की। नई दिल्ली में खेले गए पुरुष एकल के पहले दौर में लक्ष्य ने ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन को तीन गेम के मुकाबले में 16-21, 21-8, 21-4 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।

BWF World Championships 2026: पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य सेन की शानदार वापसी, दूसरे दौर में बनाई जगह
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: TOI

लक्ष्य सेन ने हार के दबाव से निकाल लिया मुकाबला

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में लक्ष्य सेन ने अपने अभियान की शुरुआत ऐसी जीत से की, जिसने उनकी मानसिक मजबूती और मैच के दौरान रणनीति बदलने की क्षमता को सामने रखा।

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए पुरुष एकल के राउंड ऑफ 64 मुकाबले में 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य को शुरुआती गेम में लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन ने इसका फायदा उठाते हुए पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया।

लेकिन इसके बाद मैच की तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

दूसरे गेम से बदली लक्ष्य की रणनीति

पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य ने अपने खेल में बदलाव किया। उन्होंने कोर्ट की परिस्थितियों और ड्रिफ्ट के अनुसार खुद को बेहतर ढंग से ढाला तथा रैलियों में अधिक नियंत्रण हासिल करना शुरू किया। लक्ष्य ने बाद में भी संकेत दिया कि रणनीतिक बदलाव और खेल को अधिक खोलने की कोशिश उनके लिए फायदेमंद रही।

इसका असर स्कोर पर साफ दिखाई दिया। भारतीय खिलाड़ी ने दूसरा गेम 21-8 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचाया।

तीसरे गेम में लक्ष्य का दबदबा और बढ़ गया। उन्होंने फिलिमोन को वापसी का ज्यादा अवसर नहीं दिया और निर्णायक गेम 21-4 से जीत लिया। इस तरह लक्ष्य ने 45 मिनट में 16-21, 21-8, 21-4 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

शुरुआती परेशानी के बावजूद बड़ी जीत

स्कोरलाइन इस मुकाबले की कहानी को दो अलग हिस्सों में बांटती है। पहले गेम में लक्ष्य दबाव और परिस्थितियों से जूझते नजर आए, जबकि अगले दो गेम में उन्होंने लगभग पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया।

यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विश्व चैंपियनशिप जैसे नॉकआउट टूर्नामेंट में खराब शुरुआत को तुरंत सुधारना जरूरी होता है। यहां एक खराब मुकाबला पूरे अभियान को समाप्त कर सकता है। लक्ष्य ने शुरुआती झटके के बाद जिस तरह मैच का रुख बदला, वह आगे के कठिन मुकाबलों से पहले सकारात्मक संकेत है।

भारत में 17 साल बाद विश्व चैंपियनशिप

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का 2026 संस्करण 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। यह प्रतियोगिता 17 साल बाद भारत लौटी है, जिससे भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर घरेलू दर्शकों की खास नजर है।

लक्ष्य उन भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जिनसे पुरुष एकल में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। विश्व चैंपियनशिप में उनका इतिहास भी उल्लेखनीय रहा है—उन्होंने 2021 में पुरुष एकल का कांस्य पदक जीता था।

अगली चुनौती

इस जीत के साथ लक्ष्य पुरुष एकल के राउंड ऑफ 32 में पहुंच गए। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार अगले दौर में उनका सामना अमेरिका के गैरेट टैन से होना है, जिन्होंने स्विट्जरलैंड के टोबियास कुएन्जी को 21-4, 21-15 से हराया।

अब लक्ष्य के सामने चुनौती होगी कि वे पहले मुकाबले में हुई धीमी शुरुआत से सबक लेते हुए अगले मैच में शुरुआत से ही नियंत्रण स्थापित करें।

क्यों महत्वपूर्ण है यह जीत?

लक्ष्य की जीत केवल अगले दौर में पहुंचने तक सीमित नहीं है। पहला गेम गंवाने के बाद लगातार दो गेम इतने बड़े अंतर से जीतना यह दिखाता है कि वह मैच के बीच परिस्थितियों का आकलन कर अपनी रणनीति बदल सकते हैं।

हालांकि आगे की चुनौती अधिक कठिन हो सकती है। विश्व चैंपियनशिप में जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ता है, गलतियों की गुंजाइश कम होती जाती है। इसलिए इस मुकाबले की शानदार वापसी उत्साह बढ़ाती है, लेकिन शुरुआती गेम में हुई परेशानियां सुधार का क्षेत्र भी बताती हैं।

संतुलित विश्लेषण

लक्ष्य सेन की वापसी प्रभावशाली रही, लेकिन इसे उनके पूरे विश्व चैंपियनशिप अभियान की सफलता का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी। सकारात्मक पहलू यह है कि उन्होंने दबाव में समाधान खोजा, परिस्थितियों के अनुसार खेल बदला और अंतिम दो गेम में प्रतिद्वंद्वी पर स्पष्ट बढ़त बनाई।

दूसरी ओर, बेहतर खिलाड़ियों के खिलाफ धीमी शुरुआत अधिक महंगी साबित हो सकती है। आगे के दौर में लक्ष्य को शुरुआती रैलियों से ही शटल पर नियंत्रण, कोर्ट की परिस्थितियों का तेज आकलन और अनावश्यक गलतियों को कम करने पर ध्यान देना होगा।

फिलहाल यह जीत भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए उम्मीद बढ़ाने वाली है और घरेलू विश्व चैंपियनशिप में लक्ष्य का अभियान मजबूती से आगे बढ़ गया है।


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