पीवी सिंधु के सामने अब तक की सबसे कठिन चुनौती
नई दिल्ली में चल रही BWF World Championships 2026 में भारत की निगाहें गुरुवार, 20 अगस्त को पीवी सिंधु पर टिकी हैं। टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 16 में नौवीं वरीय सिंधु का सामना चीन की तीसरी वरीय वांग झी यी से होना है। यह मुकाबला सिंधु के मौजूदा अभियान की अब तक की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जा रहा है।
सिंधु ने पिछले दौर में कनाडा की वेन यू झांग को सीधे गेम में 21-16, 21-17 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। इस जीत में उन्होंने दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखा और दूसरे गेम में चुनौती मिलने के बावजूद मुकाबले को निर्णायक गेम तक नहीं जाने दिया।
छठे विश्व चैंपियनशिप पदक पर सिंधु की नजर
सिंधु के लिए विश्व चैंपियनशिप का मंच खास रहा है। वह इस प्रतियोगिता में पहले ही पांच पदक जीत चुकी हैं और 2019 में विश्व चैंपियन बनी थीं। इस बार उनके पास छठा विश्व चैंपियनशिप पदक हासिल कर अपने शानदार रिकॉर्ड को और मजबूत करने का अवसर है।
घरेलू दर्शकों के सामने खेलना सिंधु को अतिरिक्त ऊर्जा दे सकता है, लेकिन वांग झी यी जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ केवल अनुभव पर्याप्त नहीं होगा। रैलियों पर नियंत्रण, नेट के पास सटीकता और अहम अंकों पर गलतियों को सीमित रखना मुकाबले की दिशा तय कर सकता है।
आयुष शेट्टी पर भी रहेंगी निगाहें
भारत की चुनौती केवल सिंधु तक सीमित नहीं है। पुरुष एकल में युवा आयुष शेट्टी इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से भिड़ेंगे। आयुष पहले दौर में मौजूदा विश्व नंबर एक और डिफेंडिंग चैंपियन शी यू ची को हराकर टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक कर चुके हैं।
लक्ष्य सेन के दूसरे दौर में बाहर होने के बाद पुरुष एकल में आयुष की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। लक्ष्य को अमेरिका के गैरेट टैन के खिलाफ तीन गेम के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।
सात्विक-चिराग से भी पदक की उम्मीद
भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी आज कोर्ट पर उतरेगी। उनका मुकाबला मलेशिया के जुनैदी आरिफ और रॉय किंग याप की जोड़ी से निर्धारित है। भारत के लिए युगल वर्ग में सात्विक-चिराग लंबे समय से प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल रहे हैं।
आज भारत के कई मुकाबले राउंड ऑफ 16 में हैं, इसलिए दिन के नतीजे यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि मेजबान देश कितनी स्पर्धाओं में क्वार्टर फाइनल तक अपनी चुनौती बनाए रखता है।
भारत में 17 साल बाद विश्व चैंपियनशिप
2026 BWF World Championships का आयोजन 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है। विश्व चैंपियनशिप 17 वर्षों के अंतराल के बाद भारत लौटी है; इससे पहले देश ने 2009 में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी की थी।
घरेलू विश्व चैंपियनशिप भारतीय खिलाड़ियों के लिए केवल पदक जीतने का अवसर नहीं है। यह युवा खिलाड़ियों को दुनिया के शीर्ष शटलरों के खिलाफ बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका भी देती है।
क्यों महत्वपूर्ण है आज का मुकाबला?
सिंधु का अनुभव भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, लेकिन वांग झी यी की ऊंची वरीयता और मजबूत अंतरराष्ट्रीय स्तर को देखते हुए मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है। सिंधु अगर क्वार्टर फाइनल में पहुंचती हैं, तो छठे विश्व चैंपियनशिप पदक की उनकी कोशिश एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ जाएगी।
दूसरी ओर, आयुष शेट्टी जैसे युवा खिलाड़ी का आगे बढ़ना भारतीय पुरुष एकल के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत होगा। सात्विक-चिराग की मौजूदगी भारत को युगल वर्ग में भी मजबूत दावेदारी देती है।
इसलिए आज का दिन केवल सिंधु के व्यक्तिगत अभियान का नहीं, बल्कि विश्व चैंपियनशिप में भारत की व्यापक पदक संभावनाओं का भी महत्वपूर्ण पड़ाव है।
