दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास, 171 विकेट के साथ महिला T20I की सबसे सफल गेंदबाज बनीं
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने महिला T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। महिला एशिया कप 2026 में थाईलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान उन्होंने अपने विकेटों की संख्या 171 तक पहुंचाते हुए इस प्रारूप में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
दीप्ति ने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 170 T20I विकेट थे। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि दीप्ति के 150वें T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में आई।
बिना रन दिए तीन विकेट लेकर बदला मुकाबला
थाईलैंड के खिलाफ दीप्ति ने केवल 1.1 ओवर गेंदबाजी करते हुए बिना कोई रन दिए तीन विकेट हासिल किए। उनके इस छोटे लेकिन निर्णायक स्पेल ने विपक्षी टीम की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 159 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की टीम 16.1 ओवर में 65 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 94 रन के बड़े अंतर से जीत लिया। शेफाली वर्मा ने भारतीय पारी में नाबाद 64 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
दीप्ति ने थाईलैंड की ओर से सबसे अधिक 41 रन बनाने वाली नन्नापत कोंचारोएनकाई का विकेट भी लिया। इस सफलता के साथ उनका करियर आंकड़ा 171 विकेट तक पहुंच गया और वह महिला T20I क्रिकेट की विकेट सूची में शीर्ष पर आ गईं।
150वें मुकाबले में मिला ऐतिहासिक रिकॉर्ड
रिकॉर्ड को और खास बनाने वाली बात यह रही कि थाईलैंड के खिलाफ मैच दीप्ति का 150वां महिला T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। वह हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के बाद 150 महिला T20I खेलने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं।
इतनी बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलना उनके लंबे करियर, फिटनेस और भारतीय टीम में लगातार बनी उपयोगिता को दर्शाता है। स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने की क्षमता ने उन्हें भारत की प्रमुख ऑलराउंडरों में शामिल किया है।
शीर्ष स्थान की दौड़ में पुत्थावोंग को पीछे छोड़ा
दीप्ति ने दिसंबर 2025 में श्रीलंका के खिलाफ अपना 152वां विकेट लेकर उस समय महिला T20I विकेट तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया था। बाद में सक्रिय गेंदबाजों के बीच चली प्रतिस्पर्धा में थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग का आंकड़ा 170 तक पहुंच गया। अब दीप्ति ने 171 विकेट के साथ फिर स्पष्ट बढ़त बना ली है।
हालांकि उनकी बढ़त अभी केवल एक विकेट की है। चूंकि दोनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय हैं, इसलिए आने वाले मुकाबलों में शीर्ष स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा जारी रह सकती है।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
दीप्ति शर्मा की सफलता भारतीय महिला क्रिकेट के लिए कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल परिस्थितियों के बीच लगातार विकेट लेना आसान नहीं होता। T20 प्रारूप में गेंदबाजों को केवल चार ओवर मिलते हैं और उन्हें आक्रामक बल्लेबाजी के सामने रन रोकने के साथ विकेट भी हासिल करने होते हैं।
दीप्ति की ऑफ-स्पिन, नियंत्रित लाइन-लेंथ और परिस्थितियों के अनुसार गति बदलने की क्षमता उन्हें मध्य ओवरों में प्रभावी बनाती है। उनका रिकॉर्ड भारतीय गेंदबाजी की उस निरंतरता को भी दर्शाता है जो अक्सर बल्लेबाजों की उपलब्धियों के बीच अपेक्षाकृत कम चर्चा में रहती है।
यह उपलब्धि उभरती हुई भारतीय स्पिन गेंदबाजों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है। इससे यह संदेश मिलता है कि नियंत्रण, रणनीति और लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन करके छोटे प्रारूप में भी स्थायी प्रभाव छोड़ा जा सकता है।
संतुलित विश्लेषण: रिकॉर्ड बड़ा, लेकिन चुनौती जारी
थाईलैंड के खिलाफ मुकाबला काफी एकतरफा रहा और दीप्ति को सिर्फ सात गेंदों में तीन विकेट मिल गए। फिर भी उनके 171 विकेटों का रिकॉर्ड केवल इस एक प्रदर्शन का परिणाम नहीं है। यह 150 T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हासिल की गई निरंतर सफलता का संयुक्त परिणाम है।
दूसरी ओर, एक विकेट की बढ़त यह भी बताती है कि रिकॉर्ड अभी सुरक्षित नहीं माना जा सकता। पुत्थावोंग सहित कई सक्रिय गेंदबाज इस सूची में आगे बढ़ रही हैं। दीप्ति के लिए अब चुनौती केवल शीर्ष स्थान हासिल करने की नहीं, बल्कि आने वाले मुकाबलों में अपनी प्रभावशीलता और फिटनेस बनाए रखने की होगी।
भारत को मिली मजबूत शुरुआत
व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ भारत के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत भी सकारात्मक रही। पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआती उतार-चढ़ाव के बावजूद टीम ने 159 रन बनाए और इसके बाद गेंदबाजों ने थाईलैंड को केवल 65 रन पर रोक दिया।
94 रन की जीत ने भारत को अंक देने के साथ नेट रन रेट के लिहाज से भी मजबूत शुरुआत दिलाई। दीप्ति का रिकॉर्ड इस जीत का सबसे बड़ा व्यक्तिगत आकर्षण रहा, लेकिन परिणाम में भारतीय गेंदबाजी इकाई के सामूहिक प्रदर्शन की भी अहम भूमिका रही।
निष्कर्ष
दीप्ति शर्मा का महिला T20I क्रिकेट में 171 विकेट तक पहुंचना भारतीय क्रिकेट की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 150वें मुकाबले में शीर्ष विकेट लेने वाली गेंदबाज बनना उनके अनुभव, कौशल और निरंतरता का प्रमाण है।
रिकॉर्ड की दौड़ आगे भी बदल सकती है, लेकिन दीप्ति ने फिलहाल महिला T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने लिए एक विशिष्ट स्थान सुनिश्चित कर लिया है। आने वाले मुकाबले यह तय करेंगे कि वह इस बढ़त को कितना आगे ले जा पाती हैं।
