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एशिया कप जीतते ही भारत की अगली परीक्षा: आज जापान के खिलाफ शुरू होगी स्वर्ण बचाने की मुहिम

हरमनप्रीत कौर की भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज मेजबान जापान के खिलाफ एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल से अपने स्वर्ण पदक बचाने की शुरुआत करेगी। जानिए समय, स्थान, हालिया फॉर्म और मुकाबले की प्रमुख चुनौतियां।

एशिया कप जीतते ही भारत की अगली परीक्षा: आज जापान के खिलाफ शुरू होगी स्वर्ण बचाने की मुहिम
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: JantaScope

एशियाई खेलों की मौजूदा विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम शुक्रवार, 18 सितंबर को मेजबान जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम निस्शिन के कोरोगी एथलेटिक पार्क में सीधे क्वार्टर फाइनल खेलेगी। मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होना निर्धारित है। जीत भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा देगी, जबकि हार के साथ स्वर्ण पदक बचाने का अभियान पहले ही मैच में समाप्त हो जाएगा।

भारत के लिए यह मुकाबला एक और वजह से महत्वपूर्ण है। टीम कुछ ही दिन पहले दुबई में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप जीत चुकी है। उस पूरे टूर्नामेंट में भारत अपराजित रहा था। अब लगभग बिना किसी लंबे अंतराल के टीम को एक नए देश, नए मैदान और पूरी तरह नॉकआउट प्रतियोगिता में उतरना है।

कागज पर भारत और जापान के बीच अनुभव का बड़ा अंतर है। लेकिन एशियाई खेलों का प्रारूप इस अंतर को सामान्य द्विपक्षीय श्रृंखला की तुलना में कम आरामदायक बना देता है। यहां भारत के पास शुरुआती मैच में प्रयोग करने या खराब दिन के बाद वापसी करने का मौका नहीं है।

सीधे क्वार्टर फाइनल से शुरू होगा भारत का अभियान

आइची-नागोया एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का प्रारूप बेहद सीधा है।

आयोजकों द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम में आठ महिला टीमें शामिल हैं और मुकाबले क्वार्टर फाइनल से शुरू हो रहे हैं। भारत-जापान मुकाबला 18 सितंबर को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे निर्धारित है। इसी दिन श्रीलंका और मलेशिया भी अपना क्वार्टर फाइनल खेलेंगे।

भारत यदि जापान को हराता है तो उसका सेमीफाइनल 20 सितंबर को होगा। महिला क्रिकेट का कांस्य पदक मुकाबला और फाइनल 22 सितंबर को निर्धारित हैं।

इसका मतलब है कि स्वर्ण पदक तक पहुंचने के लिए भारत को केवल तीन नॉकआउट मुकाबले जीतने हैं, लेकिन किसी एक मैच में गलती की गुंजाइश लगभग नहीं है।

यही इस प्रतियोगिता को दिलचस्प बनाता है। लंबी लीग प्रतियोगिता में मजबूत टीम खराब शुरुआत से उबर सकती है। यहां वैसा सुरक्षा कवच मौजूद नहीं है।

हांगझोउ में भारत ने जीता था ऐतिहासिक स्वर्ण

भारतीय महिला क्रिकेट टीम मौजूदा एशियाई खेल चैंपियन है।

महिला क्रिकेट को 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और भारत ने अपने पहले ही अभियान में स्वर्ण पदक जीता था। इसी कारण बीसीसीआई ने 2026 की टीम घोषित करते समय स्पष्ट किया था कि भारत प्रतियोगिता में मौजूदा विजेता के रूप में प्रवेश करेगा।

अब चुनौती उस उपलब्धि को दोहराने की है।

इस बार परिस्थितियां भी अलग हैं। जापान मेजबान है, मुकाबला उसके घरेलू मैदान पर होगा और भारत टूर्नामेंट में एशिया कप जीतने के तुरंत बाद उतर रहा है।

भारत के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यही हालिया प्रदर्शन है।

एशिया कप से सीधे एशियाई खेलों तक

भारत ने 2026 महिला एशिया कप में एक भी मुकाबला गंवाए बिना खिताब जीता।

अभियान की शुरुआत थाईलैंड पर 94 रन की जीत से हुई। इसके बाद स्मृति मंधाना के शतक की मदद से भारत ने हांगकांग को 137 रन से हराया। पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज की और लक्ष्य 11 से अधिक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया।

सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ शेफाली वर्मा ने 40 गेंदों में 64 रन बनाए और भारत ने 40 रन से मुकाबला जीता।

फाइनल में श्रीलंका के सामने भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने निर्णायक भूमिका निभाई। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 129 रन जोड़े और भारत 183/5 तक पहुंचा। इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया और भारत 72 रन से जीत गया।

इस प्रदर्शन का एशियाई खेलों के संदर्भ में महत्व केवल खिताब तक सीमित नहीं है।

भारत की शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी रन बना रही है और गेंदबाजी में भी अलग-अलग चरणों में विकेट लेने वाले विकल्प मौजूद हैं। छोटे नॉकआउट टूर्नामेंट में यही संतुलन निर्णायक हो सकता है।

शेफाली और स्मृति की शुरुआत फिर होगी महत्वपूर्ण

जापान के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी का सबसे स्पष्ट आधार उसका शीर्ष क्रम है।

एशिया कप फाइनल में स्मृति और शेफाली की 129 रन की साझेदारी ने मैच का स्वरूप लगभग पहली पारी में ही तय कर दिया था। शेफाली ने टूर्नामेंट में अलग-अलग मुकाबलों में तेज शुरुआत दी, जबकि स्मृति ने हांगकांग के खिलाफ शतक लगाकर अपनी रन बनाने की क्षमता दिखाई।

टी20 क्रिकेट में कमजोर या कम अनुभवी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भी शुरुआती विकेट गंवाना मैच को अनावश्यक रूप से जटिल बना सकता है।

भारत के लिए इसलिए सबसे व्यावहारिक रणनीति केवल बड़े स्कोर की तलाश करना नहीं होगी। पहले परिस्थितियों को पढ़ना, नई गेंद के व्यवहार को समझना और उसके बाद रन गति बढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

यह विशेष रूप से इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि कोरोगी एथलेटिक पार्क भारतीय खिलाड़ियों के लिए नियमित अंतरराष्ट्रीय स्थल नहीं है।

आयोजकों के अनुसार निस्शिन स्थित इस मैदान को एशियाई खेलों के लिए क्रिकेट स्थल के रूप में विकसित किया गया है और यहां अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की जरूरत के अनुरूप प्राकृतिक घास वाली पिच तैयार की गई है।

गेंदबाजी में दीप्ति और श्री चरणी पर नजर

भारत की हालिया सफलता केवल बल्लेबाजों के कारण नहीं आई है।

एशिया कप के दौरान दीप्ति शर्मा ने लगातार महत्वपूर्ण विकेट लिए। पाकिस्तान के खिलाफ श्री चरणी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट लेकर विरोधी टीम को केवल 55 रन पर रोकने में बड़ी भूमिका निभाई थी। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भी दीप्ति ने तीन विकेट लिए।

फाइनल में भी भारतीय गेंदबाजी ने 183 रन के बड़े स्कोर का प्रभावी बचाव किया।

जापान के खिलाफ भारत के लिए स्पिन विशेष रूप से उपयोगी हथियार बन सकती है। हालांकि यह मान लेना उचित नहीं होगा कि नई परिस्थितियों में पिच निश्चित रूप से स्पिनरों के अनुकूल ही होगी। मैच से पहले उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पिच के वास्तविक खेल व्यवहार का पर्याप्त आधार नहीं देती।

इसलिए भारत की गेंदबाजी की असली परीक्षा यह होगी कि वह परिस्थितियों के हिसाब से कितनी जल्दी अपनी लंबाई और गति बदलती है।

जेमिमा रोड्रिग्स की अनुपस्थिति भारत के लिए बड़ा बदलाव

भारत की मूल एशियाई खेल टीम में जेमिमा रोड्रिग्स का नाम था, लेकिन बाद में चोट के कारण वह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।

बीसीसीआई ने 14 अगस्त को पुष्टि की थी कि इंग्लैंड में द हंड्रेड खेलते समय 3 अगस्त को जेमिमा की दाहिनी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट लगी थी। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई उत्कृष्टता केंद्र में जांच के बाद उन्हें महिला एशिया कप और एशियाई खेल—दोनों से बाहर कर दिया गया।

यह भारत के मध्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है।

जेमिमा तेज रन बनाने के साथ पारी को संभालने की क्षमता भी रखती हैं। उनके नहीं होने पर कप्तान हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और विकेटकीपर ऋचा घोष जैसे खिलाड़ियों पर मध्यक्रम की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

भारत की मूल घोषित टीम में हरमनप्रीत के साथ उपकप्तान स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी कमलिनी, भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नंदनी शर्मा और अन्य खिलाड़ी शामिल थे।

जापान के खिलाफ सबसे बड़ा खतरा क्या है?

जापान के खिलाफ भारत को स्पष्ट रूप से अधिक अनुभवी टीम माना जा रहा है, लेकिन इसी अंतर से एक मानसिक चुनौती भी पैदा होती है।

भारत कुछ दिन पहले ही एशिया कप जैसा बड़ा टूर्नामेंट जीतकर आया है। दूसरी तरफ जापान के पास घरेलू परिस्थितियों में एक बड़े प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बिना ज्यादा अपेक्षाओं के खेलने का अवसर है।

ऐसी स्थिति में भारत के लिए खतरा किसी एक जापानी खिलाड़ी से ज्यादा मैच के प्रारूप में है।

यह द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं है जहां एक खराब प्रदर्शन के बाद अगला मुकाबला मौजूद हो। टॉस, कुछ शुरुआती विकेट, बारिश से प्रभावित परिस्थितियां या कुछ ओवरों की खराब गेंदबाजी भी नॉकआउट मुकाबले को बदल सकती है।

इसलिए दोनों टीमों के अनुभव में अंतर होने के बावजूद भारत के लिए जापान को केवल औपचारिक बाधा मानना उचित नहीं होगा।

पहली बार आमने-सामने भारत और जापान

आज का मुकाबला एक और वजह से अलग है।

उपलब्ध प्रतियोगिता रिकॉर्ड और ताजा मैच पूर्वावलोकनों के अनुसार यह भारत और जापान की वरिष्ठ महिला टीमों के बीच पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा।

इसका अर्थ है कि भारत के पास जापान के खिलाफ हाल के सीधे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का सामान्य डेटा नहीं होगा, जैसा उसे श्रीलंका, बांग्लादेश या पाकिस्तान जैसी परिचित एशियाई टीमों के खिलाफ मिलता है।

यहीं शुरुआती कुछ ओवर महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

भारत को विपक्षी बल्लेबाजों की शैली और गेंदबाजों की विविधता को मैदान पर ही जल्दी समझना होगा।

एशिया कप की जीत अब इतिहास, आज से नई परीक्षा

भारत के लिए सबसे उपयोगी संदर्भ शायद मुख्य प्रशिक्षक अमोल मजूमदार की एशिया कप फाइनल के बाद कही बात है। खिताब जीतने के बाद उन्होंने कहा था कि वह प्रतियोगिता समाप्त हो चुकी है और अब टीम का ध्यान एशियाई खेलों पर है।

यही मानसिक बदलाव आज के मुकाबले की कुंजी है।

रिकॉर्ड आठवां एशिया कप भारत को आत्मविश्वास देता है, लेकिन जापान के खिलाफ स्कोरबोर्ड पर उसका कोई मूल्य नहीं होगा। एशियाई खेलों में अभियान शून्य से शुरू होगा और पहला मैच ही नॉकआउट है।

अगर भारत अपनी हालिया बल्लेबाजी की लय, गेंदबाजी की विविधता और बड़े मुकाबलों के अनुभव को मैदान पर उतार पाता है, तो उसके पास स्वर्ण पदक बचाने की दिशा में पहला कदम उठाने का अवसर होगा।

लेकिन पहले उसे मेजबान जापान की चुनौती पार करनी होगी।

मुकाबला: भारत महिला बनाम जापान महिला, एशियाई खेल क्वार्टर फाइनल
तारीख: 18 सितंबर 2026
समय: सुबह 10:30 बजे भारतीय समय
स्थान: कोरोगी एथलेटिक पार्क, निस्शिन, जापान

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