38 वर्षीय मैक्सवेल ने सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में विक्टोरिया की ओर से 50 ओवर और चार दिवसीय रेड-बॉल क्रिकेट से भी दूरी बनाने का फैसला किया है। हालांकि, वह फ्रेंचाइजी टी20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। ऐसे में प्रशंसक उन्हें आगामी बिग बैश लीग (BBL) में मेलबर्न स्टार्स की ओर से खेलते हुए देख सकते हैं।
शरीर को आराम देना चाहते हैं मैक्सवेल
मैक्सवेल ने अपने संन्यास के पीछे फिटनेस और शरीर को लंबे समय तक खेल के लिए तैयार रखने की जरूरत को अहम वजह बताया। लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और अलग-अलग लीग में खेलने के कारण खिलाड़ियों पर शारीरिक दबाव बढ़ता है। मैक्सवेल भी अब अपने करियर के बचे हुए टी20 टूर्नामेंट पर ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने पॉडकास्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई का फैसला थोड़ा भावुक करने वाला है, लेकिन कहीं न कहीं यह जरूरी भी था। उनका उद्देश्य अपने शरीर को बेहतर स्थिति में रखना है, ताकि वह करियर के बाकी टूर्नामेंट खेल सकें। मैक्सवेल को उम्मीद थी कि उन्हें अपने घरेलू मैदान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर इंग्लैंड के खिलाफ एक विदाई मैच खेलने का मौका मिल सकता है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की टीम में युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण यह संभावना खत्म हो गई। मैक्सवेल ने चयनकर्ताओं के फैसले को समझने की बात भी कही।
149 वनडे, 130 टी20 और 7 टेस्ट मैचों का सफर
ग्लेन मैक्सवेल ने साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उन्होंने अपने करियर में सात टेस्ट, 149 वनडे और 130 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। वनडे क्रिकेट में मैक्सवेल ने 3,990 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 126.7 रहा। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 2,897 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 154.4 रहा। वह गेंदबाजी में भी उपयोगी साबित हुए और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 136 विकेट अपने नाम किए। मैक्सवेल की सबसे बड़ी ताकत उनकी बल्लेबाजी की विविधता रही। वह मैदान के लगभग हर हिस्से में शॉट खेलने की क्षमता रखते थे। जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाना हो या मुश्किल परिस्थिति में टीम को संभालना, उन्होंने कई मौकों पर अपनी उपयोगिता साबित की।
अफगानिस्तान के खिलाफ 2023 की पारी हमेशा रहेगी याद
मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई नाबाद 201 रन की पारी शामिल है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया 292 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय 91 रन पर सात विकेट गंवा चुका था। ऐसी स्थिति में टीम की जीत मुश्किल नजर आ रही थी। लेकिन मैक्सवेल ने हार नहीं मानी। मांसपेशियों में ऐंठन और शारीरिक परेशानी के बावजूद उन्होंने 128 गेंदों में नाबाद 201 रन बना दिए। इस पारी में उन्होंने 21 चौके और 10 छक्के लगाए। कप्तान पैट कमिंस के साथ उनकी नाबाद साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह पारी सिर्फ एक दोहरा शतक नहीं थी, बल्कि मैक्सवेल के जुझारूपन और मैच जिताने की क्षमता का उदाहरण बन गई। विश्व कप के इतिहास में इसे सबसे यादगार व्यक्तिगत पारियों में गिना जाता है।
ऑस्ट्रेलिया को तीन विश्व कप जिताने में निभाई अहम भूमिका
मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की उन टीमों का हिस्सा रहे जिन्होंने 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप का खिताब जीता। इसके अलावा 2021 में ऑस्ट्रेलिया की टी20 विश्व कप विजेता टीम में भी उनका अहम योगदान रहा। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया को कई बार मजबूत स्थिति में पहुंचाया। गेंदबाजी में ऑफ स्पिन और फील्डिंग में उनकी चुस्ती ने उन्हें एक संपूर्ण ऑलराउंडर बनाया। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैक्सवेल ने पांच शतक लगाए। इस उपलब्धि के साथ वह भारत के रोहित शर्मा के साथ उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने इस प्रारूप में पांच अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए।
पहले ही वनडे क्रिकेट से ले चुके थे संन्यास
मैक्सवेल ने जून 2025 में वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। हालांकि, उन्होंने इसके बाद भी ऑस्ट्रेलिया के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना जारी रखा। 2026 टी20 विश्व कप में ओमान के खिलाफ मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच साबित हुआ। उस मैच में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए थे, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद वह फ्रेंचाइजी टी20 लीग में खेलते रहेंगे।
क्या क्रिकेट प्रशंसकों को फिर दिखेगा ‘द बिग शो’?
मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक बड़े दौर का अंत है। उन्होंने अपने खेल से यह साबित किया कि क्रिकेट में आक्रामकता के साथ रचनात्मकता भी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। उनके शॉट्स, दबाव में खेलने का अंदाज और असंभव दिखने वाले मुकाबलों को जीत में बदलने की क्षमता लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
हालांकि, प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि मैक्सवेल ने क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा है। वह फ्रेंचाइजी टी20 क्रिकेट में सक्रिय रहेंगे। ऐसे में ‘द बिग शो’ का रोमांच अभी खत्म नहीं हुआ है, बस अब उनका प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय जर्सी के बजाय अलग-अलग टी20 लीग में देखने को मिलेगा।
ग्लेन मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय सफर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन 2023 विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक 201 रन की पारी क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी।
