हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी को कहा अलविदा
भारतीय महिला क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व अध्याय समाप्त हो गया है। हरमनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर 2026 को भारतीय महिला टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी से हटने की घोषणा की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में बताया कि यह उनके लिए आसान फैसला नहीं था और कप्तानी के वर्षों के साथ कई यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का अर्थ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना नहीं है। वह भारत के लिए खिलाड़ी के रूप में उपलब्ध रहेंगी।
हरमनप्रीत ने अपने संदेश में संक्षेप में कहा, “Captaincy ends. The journey continues.”
BCCI की समीक्षा बैठक के बाद आया फैसला
हरमनप्रीत की घोषणा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की गुवाहाटी में हुई समीक्षा बैठक के बाद सामने आई।
रिपोर्टों के अनुसार, BCCI सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत के साथ उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे। बैठक में हाल के महीनों में भारतीय महिला टीम की दिशा और भविष्य पर चर्चा की गई।
हालांकि हरमनप्रीत ने अपने सार्वजनिक बयान में किसी विवाद या एक विशेष परिणाम को कप्तानी छोड़ने का कारण नहीं बताया। इसलिए उनके फैसले को किसी एक मैच या घटना से जोड़ना बिना आधिकारिक पुष्टि के उचित नहीं होगा।
2016 से शुरू हुआ था कप्तानी का लंबा सफर
हरमनप्रीत का नेतृत्व सफर लगभग एक दशक तक फैला रहा।
उन्होंने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कमान संभाली और मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से हटने के बाद 2022 में वनडे तथा टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तान बनीं। icc
Reuters के मुताबिक, हरमनप्रीत ने भारत की कप्तानी 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में की।
इतने लंबे समय तक नेतृत्व करने के कारण वह भारतीय महिला क्रिकेट के आधुनिक दौर की सबसे महत्वपूर्ण कप्तानों में शामिल हो गईं।
2025 ODI World Cup जीत बनी सबसे बड़ी उपलब्धि
हरमनप्रीत की कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 महिला ODI वर्ल्ड कप रही।
उनकी अगुवाई में भारत ने घरेलू धरती पर अपना पहला महिला 50-ओवर वर्ल्ड कप खिताब जीता। यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बन गया और हरमनप्रीत भारत की पहली महिला कप्तान बनीं जिन्होंने सीनियर ICC World Cup ट्रॉफी जीती।
इस जीत ने महिला क्रिकेट की भारत में बढ़ती लोकप्रियता को भी नई गति दी।
एशियन गेम्स में लगातार दूसरा गोल्ड
कप्तानी छोड़ने का फैसला हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारत की एक और बड़ी सफलता के कुछ ही समय बाद आया है।
भारत ने Aichi-Nagoya Asian Games 2026 में महिला टी20 क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड हासिल किया था।
इस तरह हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारत ने एशियन गेम्स महिला क्रिकेट में लगातार दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
उनके नेतृत्व में भारत ने एशिया कप स्तर पर भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं।
कप्तानी छोड़ी है, क्रिकेट नहीं
हरमनप्रीत के फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है।
37 वर्षीय बल्लेबाज ने स्पष्ट किया है कि वह अब कप्तानी के दबाव के बिना फिर से खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।
यह भारतीय टीम के लिए उपयोगी हो सकता है। नया कप्तान टीम की जिम्मेदारी संभाल सकता है, जबकि हरमनप्रीत अपने अनुभव और बल्लेबाजी के जरिए टीम में योगदान जारी रख सकती हैं।
लेकिन उनकी उम्र और भारतीय महिला टीम के अगले प्रतिस्पर्धी चक्र को देखते हुए चयनकर्ताओं को भविष्य की टीम संरचना पर भी लगातार निर्णय लेने होंगे।
अगली कप्तान कौन होगी?
हरमनप्रीत के हटने के बाद सबसे बड़ा सवाल है—भारतीय महिला टीम की अगली कप्तान कौन बनेगी?
मौजूदा उपकप्तान स्मृति मंधाना को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। New Indian Express ने उन्हें अगली कप्तान बनने की दौड़ में सबसे आगे बताया है।
हालांकि, जब तक BCCI औपचारिक घोषणा नहीं करता, किसी भी खिलाड़ी को हरमनप्रीत की निश्चित उत्तराधिकारी बताना जल्दबाजी होगी।
नए नेतृत्व के सामने चुनौती सिर्फ मैच जीतने की नहीं होगी। उसे उस टीम की जिम्मेदारी मिलेगी जिसने हाल के वर्षों में World Cup और Asian Games जैसे बड़े खिताब जीतकर अपेक्षाओं का स्तर काफी ऊपर पहुंचा दिया है।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
हरमनप्रीत का कप्तानी छोड़ना सिर्फ कप्तान बदलने की सामान्य प्रक्रिया नहीं है।
भारतीय महिला क्रिकेट ने उनके नेतृत्व के दौरान कई बड़े बदलाव देखे—अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां बढ़ीं, Women's Premier League शुरू हुई और महिला क्रिकेट को दर्शकों तथा व्यावसायिक स्तर पर अधिक पहचान मिली।
इसलिए नए कप्तान के सामने पहले से मजबूत लेकिन अधिक अपेक्षाओं वाली टीम होगी।
सकारात्मक पक्ष यह है कि नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हो रहा है जब हरमनप्रीत खुद खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ बनी रहने की बात कह रही हैं। इससे नए कप्तान को मैदान के अंदर एक बेहद अनुभवी वरिष्ठ खिलाड़ी का सहयोग मिल सकता है।
एक कप्तानी युग का अंत, लेकिन खिलाड़ी के रूप में सफर जारी
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी रिकॉर्ड केवल आंकड़ों से नहीं मापा जाएगा।
2025 का ऐतिहासिक ODI World Cup और लगातार दो Asian Games स्वर्ण पदक उनकी कप्तानी की सबसे स्पष्ट उपलब्धियों में शामिल रहेंगे।
अब भारतीय महिला क्रिकेट एक नए नेतृत्व दौर में प्रवेश करने जा रहा है। हरमनप्रीत के लिए भी भूमिका बदल रही है—कप्तान से वापस वरिष्ठ खिलाड़ी की।
उनका अगला अध्याय इसलिए दिलचस्प होगा कि कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद वह बल्ले से भारतीय टीम को कितना योगदान दे पाती हैं।
