इस मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वहीं, भारतीय टीम की कोशिश सीरीज का अंत जीत के साथ करने की होगी। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड अपने घरेलू मैदान पर एक और जीत दर्ज करके सीरीज का अंतर कम करना चाहेगा। मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें भारतीय बल्लेबाजों और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों के बीच होने वाली टक्कर पर रहेंगी।
न्यूजीलैंड ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी का फैसला
हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेले जा रहे पांचवें टी20 मुकाबले में टॉस न्यूजीलैंड के पक्ष में रहा। कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतने के बाद भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
सैंटनर के मुताबिक, मैदान की परिस्थितियों और दूसरी पारी में ओस पड़ने की संभावना को देखते हुए पहले गेंदबाजी करना उनकी रणनीति का हिस्सा था। न्यूजीलैंड की टीम इस मुकाबले में बेहतर गेंदबाजी प्रदर्शन के साथ भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआती झटके देना चाहेगी। वहीं भारतीय कप्तान और टीम प्रबंधन के सामने चुनौती एक मजबूत स्कोर खड़ा करने की होगी, ताकि गेंदबाजों को बचाव के लिए पर्याप्त रन मिल सकें।
भारतीय टीम में दो बड़े बदलाव, भुवनेश्वर और वरुण को मिला मौका
पांचवें टी20 मुकाबले के लिए भारतीय टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी हुई है। वहीं, स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती को भी इस दौरे पर पहली बार खेलने का अवसर मिला है।
दूसरी तरफ मयंक यादव और अक्षर पटेल को इस मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। भारतीय टीम के इन बदलावों को गेंदबाजी आक्रमण को संतुलित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
न्यूजीलैंड ने भी अपनी टीम में एक बदलाव किया है। मैथ्यू फिशर की जगह ब्लेयर टिकनर को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए न्यूजीलैंड अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण पर भरोसा कर रहा है।
भारत 3-1 से आगे, चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने की शानदार वापसी
पांच मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन किया है। पहले तीन मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करके भारत ने सीरीज पर अपना कब्जा सुनिश्चित कर लिया था।
हालांकि, चौथे टी20 मुकाबले में तस्वीर बदल गई। न्यूजीलैंड ने शानदार बल्लेबाजी और प्रभावशाली गेंदबाजी के दम पर भारत को 81 रनों से हरा दिया। इस जीत ने मेजबान टीम को सीरीज में वापसी का मौका दिया।
लगातार तीन हार के बाद न्यूजीलैंड के लिए यह जीत काफी महत्वपूर्ण रही। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा और पांचवें मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद भी मजबूत हुई।
भारत के लिए चौथा मुकाबला एक चेतावनी की तरह रहा। सीरीज जीतने के बावजूद टीम अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की कमजोरियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहेगी।
सेडन पार्क की पिच पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों की होगी परीक्षा
हैमिल्टन का सेडन पार्क न्यूजीलैंड के प्रमुख क्रिकेट मैदानों में शामिल है। यहां की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन तेज गेंदबाजों को भी परिस्थितियों के अनुसार स्विंग और उछाल मिल सकता है।
इस मैदान की बाउंड्री अपेक्षाकृत छोटी होने के कारण बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में गेंदबाजों को अपनी लाइन और लेंथ पर विशेष ध्यान देना होगा।
इसके अलावा, दूसरी पारी में ओस का प्रभाव भी मुकाबले की दिशा बदल सकता है। मिचेल सैंटनर ने टॉस के समय भी ओस की संभावना का जिक्र किया था। यही वजह है कि न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया।
विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं, युवा टी20 खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें
इस टी20 सीरीज में भारतीय टीम के युवा और अनुभवी टी20 खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी चर्चा हो रही है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक बल्लेबाजों से तेज शुरुआत की उम्मीद रहेगी।
वहीं, न्यूजीलैंड के लिए मिचेल सैंटनर, ग्लेन फिलिप्स और अन्य अनुभवी खिलाड़ियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। ग्लेन फिलिप्स अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती पेश कर सकते हैं।
इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों की भूमिका भी अहम होगी। भुवनेश्वर कुमार का अनुभव और वरुण चक्रवर्ती की स्पिन गेंदबाजी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है।
भारत के पास सीरीज 4-1 से खत्म करने का मौका
भारतीय टीम पांचवां मुकाबला जीतकर सीरीज 4-1 से समाप्त करना चाहेगी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम जीत दर्ज करके सीरीज का अंतर 3-2 करना चाहेगी।
भारत के लिए यह मुकाबला अपनी लय वापस पाने और चौथे मैच की हार को पीछे छोड़ने का अवसर है। वहीं न्यूजीलैंड के पास घरेलू दर्शकों के सामने सीरीज का आखिरी मैच जीतने का मौका है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला केवल एक और टी20 मैच नहीं, बल्कि आगामी क्रिकेट मुकाबलों से पहले अपनी तैयारियों को परखने का भी अवसर है।
