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खेल

IND vs SL 1st Test: तीसरे दिन TV अंपायर अहसान रजा को क्यों उतरना पड़ा मैदान पर? रॉड टकर की जगह संभाली जिम्मेदारी

भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन अंपायरिंग पैनल में अचानक बदलाव देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर की तबीयत खराब होने के कारण पाकिस्तान के अहसान रजा को TV अंपायर की भूमिका छोड़कर मैदान पर उतरना पड़ा। रिजर्व अंपायर रवींद्र विमलासिरी ने इसके बाद तीसरे अंपायर की जिम्मेदारी संभाली।

IND vs SL 1st Test: तीसरे दिन TV अंपायर अहसान रजा को क्यों उतरना पड़ा मैदान पर? रॉड टकर की जगह संभाली जिम्मेदारी
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: livemint

IND vs SL: Day 3 पर क्यों बदला अंपायरिंग पैनल?

गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट के तीसरे दिन की शुरुआत एक महत्वपूर्ण बदलाव के साथ हुई। मैच के लिए मूल रूप से रॉड टकर और शरफुद्दौला सैकत को ऑन-फील्ड अंपायर नियुक्त किया गया था, जबकि अहसान रजा TV यानी तीसरे अंपायर की भूमिका में थे।

लेकिन रॉड टकर के अस्वस्थ होने के कारण यह व्यवस्था बदलनी पड़ी। रिपोर्ट के मुताबिक, टकर दूसरे दिन के अंतिम सत्र में भी मैदान पर अंपायरिंग के लिए नहीं लौट पाए थे। तीसरे दिन भी उनकी तबीयत उन्हें मैदान पर उतरने की अनुमति नहीं दे सकी। इसके बाद अहसान रजा ने ऑन-फील्ड अंपायर की जिम्मेदारी संभाली।

अहसान रजा को क्यों मिली ऑन-फील्ड जिम्मेदारी?

अहसान रजा पहले टेस्ट में TV अंपायर नियुक्त थे। रॉड टकर की अनुपलब्धता के बाद मैच को निर्धारित अधिकारियों के साथ सुचारू रूप से जारी रखने के लिए रजा को मैदान पर भेजा गया।

इस बदलाव के बाद रिजर्व अंपायर रवींद्र विमलासिरी को तीसरे अंपायर की भूमिका दी गई। इस तरह अंपायरिंग टीम के भीतर जिम्मेदारियों में बदलाव कर मुकाबले को जारी रखा गया।

यह बदलाव किसी विवादित फैसले या अनुशासनात्मक कार्रवाई के कारण नहीं हुआ, बल्कि टकर की तबीयत खराब होने के कारण आवश्यक बना।

कौन हैं रॉड टकर?

ऑस्ट्रेलिया के रॉड टकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बेहद अनुभवी अंपायरों में शामिल हैं। गॉल टेस्ट की शुरुआती आधिकारिक सूची में उन्हें शरफुद्दौला के साथ ऑन-फील्ड अंपायर नियुक्त किया गया था, जबकि अहसान रजा तीसरे अंपायर थे।

ऐसे में तीसरे दिन टकर का मैदान पर दिखाई नहीं देना दर्शकों के लिए स्वाभाविक रूप से सवाल का विषय बना। बाद में सामने आया कि उनकी अनुपस्थिति स्वास्थ्य कारणों से थी।

बदलाव क्यों है महत्वपूर्ण?

टेस्ट क्रिकेट में ऑन-फील्ड और TV अंपायरों की जिम्मेदारियां अलग होती हैं। मैदान पर मौजूद अंपायर को हर गेंद पर तुरंत फैसले लेने होते हैं, जबकि तीसरा अंपायर वीडियो तकनीक और DRS से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसलिए मैच के बीच TV अंपायर का ऑन-फील्ड भूमिका में जाना सामान्य स्थिति नहीं है। हालांकि, मैच अधिकारियों की टीम में वैकल्पिक व्यवस्था इसी तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए होती है।

अहसान रजा का अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग अनुभव इस बदलाव को सहज बनाने में अहम है।

मैच में भारत की मजबूत पहली पारी

अंपायरिंग में बदलाव के बीच तीसरे दिन भारत की पहली पारी भी जल्द समाप्त हो गई। टीम इंडिया ने दूसरे दिन के 460/9 से आगे खेलना शुरू किया और केवल दो रन जोड़कर 462 रन पर ऑलआउट हो गई। असिथा फर्नांडो ने प्रसिध कृष्णा को आउट कर भारतीय पारी समाप्त की।

भारत की पारी में देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की बड़ी पारी खेली, जबकि केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रन का योगदान दिया।

गॉल की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने के संकेत भी दिखाई दिए हैं, जिससे मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ स्पिन की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।

बारिश भी बनी चुनौती

गॉल टेस्ट के शुरुआती दिनों में बारिश ने भी खेल को प्रभावित किया है। पहले दो दिनों में मौसम के कारण कई ओवर नहीं खेले जा सके। इसी वजह से तीसरे दिन खेल को आगे बढ़ाने और समय की भरपाई करने की कोशिश भी महत्वपूर्ण रही।

संतुलित विश्लेषण

रॉड टकर का मैच के दौरान अनुपलब्ध होना असामान्य जरूर है, लेकिन इससे अंपायरिंग व्यवस्था पर किसी तरह के विवाद का संकेत नहीं मिलता। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह पूरी तरह स्वास्थ्य से जुड़ा बदलाव है।

अहसान रजा का तीसरे अंपायर से ऑन-फील्ड अंपायर की भूमिका में आना दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय मैचों में अधिकारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण होती है। वहीं रिजर्व अंपायर के तीसरे अंपायर की जिम्मेदारी संभालने से मैच को बिना बड़े व्यवधान के जारी रखा जा सका।


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