दक्षिण कोरिया को हराकर भारत ने रचा इतिहास
भारतीय महिला तीरंदाजी ने Asian Games में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम अनिल मोहोड की भारतीय टीम ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर महिला रिकर्व टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
यह इस इवेंट में भारत का पहला Asian Games gold medal है। इससे पहले भारतीय महिला टीम इस स्पर्धा के फाइनल तक भी नहीं पहुंची थी।
भारत ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई थी।
शुरुआती दो सेट में बराबरी
फाइनल की शुरुआत से ही मुकाबला बेहद करीबी रहा।
पहले सेट में भारत और दक्षिण कोरिया दोनों ने 54-54 का स्कोर बनाया। इससे दोनों टीमों को एक-एक set point मिला।
दूसरे सेट में मुकाबले का स्तर और ऊपर गया। दक्षिण कोरिया ने 56 अंक बनाए, लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने दबाव में उसी स्कोर की बराबरी कर ली।
इस तरह दो सेट के बाद मुकाबला 2-2 से बराबर था।
तीसरे सेट ने बदला मुकाबला
तीसरे सेट में भारत को निर्णायक बढ़त मिली।
दक्षिण कोरियाई तीरंदाज अपनी अंतिम arrows में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकीं। भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए 55 अंक बनाए और सेट अपने नाम किया।
इस जीत के साथ भारत मैच में 4-2 से आगे हो गया।
अब भारतीय टीम को स्वर्ण पदक सुनिश्चित करने के लिए अंतिम सेट में केवल एक set point की जरूरत थी।
आखिरी सेट में रोमांचक फैसला
चौथे और अंतिम सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए।
भारत के लिए स्थिति बेहद दबाव वाली थी। अंतिम arrows तक भारतीय टीम को दक्षिण कोरिया के 54 अंकों की बराबरी करनी थी।
भारत ने भी 54 अंक बनाए और सेट बराबर रहने से दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला।
इसने मुकाबले का अंतिम स्कोर 5-3 कर दिया और भारतीय टीम Asian Games champion बन गई।
कुछ रिपोर्टों में निर्णायक क्षण को कीर्ति शर्मा के एक arrow के score review से जोड़ा गया है, जबकि अन्य विस्तृत match accounts कुमकुम के अंतिम 10 को निर्णायक बताते हैं। अंतिम आधिकारिक परिणाम दोनों ही स्थितियों में भारत की 5-3 जीत रहा।
दबाव में कुमकुम मोहोड का शानदार प्रदर्शन
17 वर्षीय कुमकुम अनिल मोहोड ने फाइनल में खास तौर पर प्रभावित किया।
कई महत्वपूर्ण मौकों पर उन्होंने 10 अंक के shots लगाकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। अंतिम चरण में भी उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
अनुभवी अंकिता भकत ने टीम को स्थिरता दी, जबकि कीर्ति शर्मा ने मुश्किल शुरुआत के बाद महत्वपूर्ण shots लगाए।
यह जीत किसी एक तीरंदाज की नहीं बल्कि तीनों खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन का परिणाम रही।
दक्षिण कोरिया के दबदबे को भारत ने दी चुनौती
इस जीत का महत्व केवल स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है।
दक्षिण कोरिया दशकों से अंतरराष्ट्रीय रिकर्व तीरंदाजी की सबसे मजबूत ताकतों में शामिल रहा है। Asian Games में भी उसकी महिला टीम का लंबा दबदबा रहा है।
2026 के फाइनल में भारत का सामना Kang Chaeyoung, Lee Yunji और Oh Yejin की मजबूत कोरियाई टीम से था।
इसके बावजूद भारतीय तिकड़ी ने शुरुआती दो सेट बराबर रखे और तीसरे सेट में बढ़त हासिल करने के बाद दबाव में मुकाबला अपने हाथ से निकलने नहीं दिया।
Hangzhou के Bronze से Aichi-Nagoya के Gold तक
भारतीय महिला रिकर्व टीम ने पिछले Asian Games में भी पदक जीता था।
Hangzhou Asian Games में अंकिता भकत, भजन कौर और सिमरनजीत कौर की भारतीय टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था।
Aichi-Nagoya में भारत ने इस प्रदर्शन को एक कदम नहीं बल्कि दो कदम आगे बढ़ाते हुए सीधे स्वर्ण पदक तक पहुंचाया।
अंकिता भकत दोनों उपलब्धियों का हिस्सा रही हैं।
भारतीय रिकर्व तीरंदाजी के लिए क्यों बड़ी है यह जीत?
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में compound archery में बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन Olympic programme में शामिल recurve discipline में लगातार सफलता हासिल करना अधिक चुनौतीपूर्ण रहा है।
इसी कारण महिला टीम का यह स्वर्ण विशेष महत्व रखता है।
दुनिया की सबसे मजबूत रिकर्व टीमों में शामिल दक्षिण कोरिया को Asian Games final में हराना यह दिखाता है कि भारतीय महिला तीरंदाज उच्च दबाव वाले मुकाबलों में शीर्ष प्रतिद्वंद्वियों के सामने चुनौती पेश कर सकती हैं।
हालांकि एक टूर्नामेंट की जीत को भविष्य के Olympic परिणामों की गारंटी नहीं माना जा सकता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर प्रदर्शन, selection depth और बड़े मुकाबलों में consistency आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
कुमकुम के लिए यादगार दिन
कुमकुम मोहोड के लिए यह दिन महिला टीम के स्वर्ण तक सीमित नहीं रहा।
महिला टीम इवेंट के बाद उन्होंने धीरज बोम्मादेवरा के साथ mixed recurve team event में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
भारतीय जोड़ी ने mixed team में भी ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और रजत पदक हासिल किया।
इस तरह 17 वर्षीय कुमकुम ने कुछ ही घंटों के भीतर Asian Games में एक gold और एक silver अपने नाम किया।
भारतीय तीरंदाजी के लिए नया अध्याय
अंकिता, कीर्ति और कुमकुम की जीत भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी के लिए एक महत्वपूर्ण milestone है।
भारत ने पहली बार इस स्पर्धा का Asian Games final खेला और उसी प्रयास में स्वर्ण पदक जीत लिया।
लेकिन इस उपलब्धि का दीर्घकालिक महत्व इस बात से तय होगा कि भारतीय तीरंदाज आने वाले World Cups, World Championships और Olympic qualification competitions में इस प्रदर्शन को कितनी निरंतरता से दोहरा पाते हैं।
फिलहाल Aichi-Nagoya का परिणाम स्पष्ट है—भारत की महिला रिकर्व टीम पहली बार Asian Games champion है।
