भारत की इस शानदार जीत के हीरो स्ट्राइकर अभिषेक नैन रहे, जिन्होंने मुकाबले में दो गोल किए। खास बात यह रही कि अभिषेक का यह 150वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था और उन्होंने इस खास अवसर को दो गोल दागकर यादगार बना दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और विष्णुकांत सिंह ने भी एक-एक गोल करके भारत की जीत में अहम योगदान दिया। जापान की ओर से शोता यामादा ने एकमात्र गोल किया।
अभिषेक नैन ने दो गोल कर टीम को दिलाई बढ़त
भारत और जापान के बीच मुकाबले की शुरुआत काफी प्रतिस्पर्धी रही। जापान ने शुरुआती मिनटों में आक्रामक खेल दिखाया और भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की। मैच के दूसरे मिनट में ही जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उसे गोल में बदलने का मौका नहीं दिया।
इसके बाद भारत ने धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की। मैच के 11वें मिनट में भारतीय टीम को पहली बड़ी सफलता मिली। विवेक सागर प्रसाद ने सर्कल के बाईं ओर सुखजीत सिंह को गेंद पहुंचाई। सुखजीत ने शानदार तरीके से गेंद को आगे बढ़ाते हुए अभिषेक नैन के लिए पास बनाया। अभिषेक ने बिना गलती किए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि, जापान ने जल्द ही वापसी कर ली। पहले क्वार्टर के अंतिम क्षणों में भारतीय खिलाड़ी संजय के शरीर से गेंद टकराने के बाद जापान को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। जापान के शोता यामादा ने 15वें मिनट में इस मौके का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया। इसके साथ ही स्कोर 1-1 हो गया।
हाफ टाइम तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं
पहले गोल के बाद जापान ने अपने डिफेंस को और मजबूत कर लिया। जापानी खिलाड़ियों ने भारतीय फॉरवर्ड्स को सर्कल के अंदर ज्यादा जगह नहीं दी। उनकी मैन-टू-मैन मार्किंग के कारण भारत को गोल करने के स्पष्ट मौके बनाने में परेशानी हुई।
दूसरे क्वार्टर में जापान ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। भारतीय टीम ने भी कई बार जवाबी हमले किए, लेकिन जापानी गोलकीपर और डिफेंडर्स ने उन प्रयासों को रोक दिया। भारत को पहले हाफ में एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिला।
तीसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। सुखजीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने गोल करने के प्रयास किए, लेकिन जापान के गोलकीपर ने शानदार बचाव किया। दूसरी ओर जापान को भी पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।
तीन क्वार्टर का खेल समाप्त होने तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। ऐसे में मुकाबले का फैसला आखिरी 15 मिनट में होना था।
आखिरी क्वार्टर में भारत ने बदला मैच का रुख
चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अपने खेल की रफ्तार बढ़ा दी। लगातार हमलों के बाद भारत को 46वें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मौके को बेकार नहीं जाने दिया। उन्होंने अपनी शानदार ड्रैग-फ्लिक से गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।
हरमनप्रीत का यह टूर्नामेंट में पांचवां गोल था और उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए थे। इस गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने जापान के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया।
इसके चार मिनट बाद यानी 51वें मिनट में अभिषेक नैन ने अपना दूसरा गोल दागा। दिलप्रीत सिंह ने गेंद संजय को दी और संजय ने बाईं ओर से शानदार पास बनाते हुए अभिषेक तक गेंद पहुंचाई। अभिषेक ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और भारत की बढ़त 3-1 कर दी।
मैच के 56वें मिनट में विष्णुकांत सिंह ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास से भारत का चौथा गोल किया। हरमनप्रीत सिंह ने उन्हें एक बेहतरीन एरियल पास दिया। विष्णुकांत ने गेंद को नियंत्रित किया, आगे बढ़े और गोलकीपर को छकाते हुए गेंद गोलपोस्ट में डाल दी। इस गोल के साथ भारत ने 4-1 की मजबूत बढ़त बना ली। आखिरी मिनटों में भारतीय टीम ने अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
150वें अंतरराष्ट्रीय मैच में अभिषेक बने प्लेयर ऑफ द मैच
जापान के खिलाफ यह मुकाबला अभिषेक नैन के करियर के लिए भी खास रहा। उन्होंने अपना 150वां सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और दो गोल करके टीम को जीत दिलाई। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
अभिषेक ने मैच के बाद बताया कि टीम ने आखिरी क्वार्टर में खेल पर नियंत्रण बनाने और जापान पर अधिक दबाव डालने की रणनीति अपनाई थी। उन्होंने यह भी बताया कि हाफ टाइम के दौरान कोच क्रेग फुल्टन ने खिलाड़ियों को जापान के खिलाफ आक्रामक दबाव बनाने की सलाह दी थी।
अंक तालिका में शीर्ष पर भारत, अब मलेशिया से मुकाबला
जापान के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम तीन मैचों में तीन जीत के साथ नौ अंक हासिल कर अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। भारत का गोल अंतर प्लस 19 रहा। मलेशिया भी तीन जीत के साथ नौ अंक पर है, लेकिन गोल अंतर प्लस 8 होने के कारण वह दूसरे स्थान पर है।
भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत बांग्लादेश को 13-0 से हराकर की थी। इसके बाद चीन के खिलाफ 5-2 से जीत दर्ज की और अब जापान को 4-1 से मात दी है।
भारतीय टीम का अगला मुकाबला रविवार, 1 नवंबर को मलेशिया से होगा। यह मैच जालंधर में शाम 7 बजे खेला जाएगा। भारत पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन मलेशिया के खिलाफ मुकाबला अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
लगातार तीन जीत के साथ भारतीय टीम ने खिताब बचाने की दिशा में मजबूत शुरुआत की है। अब सभी की नजरें मलेशिया के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर रहेंगी। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए एक बार फिर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करेगी।
