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क्राइस्टचर्च में नमन धीर का तूफानी फिनिश, भारत ने 226 का लक्ष्य पार कर न्यूजीलैंड को हराया

बड़े लक्ष्य का दबाव, बीच के ओवरों में लगातार विकेट और आखिरी ओवर तक खिंचा मुकाबला—भारत और न्यूजीलैंड के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में रोमांच की कोई कमी नहीं रही। गुरुवार, 22 अक्टूबर को खेले गए इस मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की। मेजबान टीम ने 225/4 का मजबूत स्कोर बनाया था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने दो गेंद बाकी रहते जीत दर्ज कर ली।

क्राइस्टचर्च में नमन धीर का तूफानी फिनिश, भारत ने 226 का लक्ष्य पार कर न्यूजीलैंड को हराया
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: the indian express, times of india, crick buzz

फिलिप्स की बल्लेबाजी से न्यूजीलैंड का बड़ा स्कोर

पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों को शुरुआत से चुनौती दी। फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर पारी को रफ्तार दी। मेजबान टीम पावरप्ले में एक विकेट पर 65 रन तक पहुंच गई थी। इस शुरुआत के बाद ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय आक्रमण के खिलाफ तेजी से रन जुटाए।

फिलिप्स ने 40 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। बेवन जैकब्स ने भी 31 रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड ने बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए ऐसा स्कोर खड़ा किया, जिसके सामने भारत को शुरू से तेज गति बनाए रखने की जरूरत थी।

भारतीय गेंदबाजों के लिए कठिन शाम

फिलिप्स और जैकब्स की चौथे विकेट की 73 रन की साझेदारी न्यूजीलैंड की पारी का अहम हिस्सा रही। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों को दबाव बनाने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला।

लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे भुवनेश्वर कुमार के लिए मुकाबला आसान नहीं रहा। उन्होंने बिना विकेट लिए 49 रन दिए। न्यूजीलैंड की पारी ने भारतीय टीम के सामने स्पष्ट चुनौती रख दी थी: जीत के लिए केवल एक अच्छी साझेदारी पर्याप्त नहीं होती, अलग-अलग चरणों में बल्लेबाजों को जिम्मेदारी निभानी थी।

सैमसन और अभिषेक ने शुरुआत में बदला दबाव

226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने आक्रामक शुरुआत की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़े और न्यूजीलैंड को शुरुआती बढ़त का फायदा नहीं उठाने दिया। अभिषेक ने 12 गेंदों पर 29 रन बनाए, जिसके बाद माइकल ब्रेसवेल ने उन्हें आउट किया।

भारत ने छह ओवर में एक विकेट पर 94 रन बना लिए थे। सैमसन ने 33 गेंदों में 67 रन की पारी खेली, जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी ने जरूरी रनगति को नियंत्रण में रखने में मदद की। इतने बड़े लक्ष्य के सामने यह शुरुआत इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि इससे मध्यक्रम के पास विकेट गिरने की स्थिति में पारी संभालने की कुछ गुंजाइश बनी रही।

मध्यक्रम के विकेटों से फिर खुला मुकाबला

तेज शुरुआत के बावजूद भारत की जीत का रास्ता सीधा नहीं रहा। सैमसन, तिलक वर्मा और ईशान किशन के लगातार ओवरों में आउट होने से न्यूजीलैंड को वापसी का मौका मिला। जिस पारी में कुछ समय पहले भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा दिख रहा था, उसमें अचानक साझेदारी की जरूरत महसूस होने लगी।

कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस दौरान जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने अक्षर पटेल और फिर नमन धीर के साथ पारी आगे बढ़ाई। अय्यर ने 28 गेंदों पर 42 रन बनाए। उनकी मौजूदगी ने भारत को विकेट गिरने के बाद भी मुकाबले में बनाए रखा और अंतिम चरण में धीर को आक्रामक बल्लेबाजी का अवसर दिया।

सैंटनर के ओवर में भारत ने पकड़ी रफ्तार

भारत का स्कोर 16 ओवर के बाद पांच विकेट पर 178 रन था। यानी आखिरी 24 गेंदों पर 48 रन चाहिए थे। इस स्थिति में एक महंगा ओवर मुकाबले की दिशा बदल सकता था। मिचेल सैंटनर के अगले ओवर में वही हुआ।

धीर ने इस ओवर में छक्का और चौका लगाया, जबकि अय्यर ने भी चौका जोड़ा। कुल 19 रन आने से भारत का स्कोर 197/5 हो गया और समीकरण 18 गेंदों पर 29 रन का रह गया। इसके बाद 18वें ओवर में 13 रन आए। भारत अब अंतिम दो ओवरों में 16 रन की दूरी पर था।

आखिरी ओवर में छक्के से जीत पर मुहर

19वें ओवर में अय्यर के आउट होने के बावजूद धीर ने धैर्य बनाए रखा। अंतिम ओवर शुरू होने पर भारत को आठ रन चाहिए थे। मैट हेनरी की पहली गेंद पर धीर ने चौका लगाया। अगली दो गेंदों पर एक-एक रन आया और चौथी गेंद को धीर ने छक्के के लिए भेजकर मुकाबला समाप्त कर दिया।

भारत ने 19.4 ओवर में छह विकेट पर 230 रन बनाए। धीर सिर्फ 15 गेंदों पर 42 रन बनाकर नाबाद लौटे। विजयी शॉट बल्ले के ऊपरी किनारे से निकला, लेकिन गेंद सीमा रेखा पार कर गई। दबाव में उनकी तेज पारी भारत के लिए निर्णायक साबित हुई।

जीत के नायक धीर, पुरस्कार सैमसन के नाम

धीर ने शानदार फिनिश किया, जबकि प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार संजू सैमसन को मिला। दोनों की भूमिकाएं अलग थीं और जीत के लिए जरूरी भी। सैमसन ने शुरुआत में लक्ष्य का दबाव घटाया, अय्यर ने बीच में पारी संभाली और धीर ने अंतिम चुनौती पूरी की। भारत के लिए यह जीत बल्लेबाजी क्रम में कई खिलाड़ियों के योगदान की अहमियत दिखाती है।

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