लल्लियानजुआला छांगते बने इंडियन फुटबॉलर ऑफ द ईयर 2026
भारतीय फुटबॉल के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल लल्लियानजुआला छांगते ने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। उन्हें फुटबॉल प्लेयर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FPAI) के इंडियन फुटबॉल अवॉर्ड्स 2026 में पुरुष वर्ग का ‘इंडियन प्लेयर ऑफ द ईयर’ चुना गया।
29 वर्षीय छांगते को यह सम्मान शनिवार, 29 अगस्त 2026 को आयोजित पुरस्कार समारोह में भारतीय फुटबॉल के दिग्गज बाइचुंग भूटिया ने प्रदान किया। इसी समारोह में मनीषा कल्याण को ‘इंडियन विमेंस प्लेयर ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार मिला।
साथी खिलाड़ियों के वोट ने सम्मान को बनाया खास
FPAI पुरस्कार की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी चयन प्रक्रिया है। पुरुष वर्ग के विजेताओं का फैसला इंडियन सुपर लीग और आई-लीग में खेलने वाले पेशेवर फुटबॉलरों के मतदान के आधार पर किया जाता है। इसलिए यह सम्मान केवल आंकड़ों या विशेषज्ञों के आकलन पर आधारित नहीं होता, बल्कि मैदान पर साथ और विपक्ष में खेलने वाले खिलाड़ियों की राय को भी दर्शाता है।
साथी खिलाड़ियों से मिली यह मान्यता बताती है कि छांगते की गति, तकनीकी क्षमता और आक्रामक योगदान को पेशेवर फुटबॉल समुदाय में व्यापक सम्मान मिला है। व्यक्तिगत पुरस्कार होने के बावजूद यह उपलब्धि उस निरंतरता का परिणाम है जो उन्होंने कई सत्रों में दिखाई है।
मुंबई सिटी से मोहन बागान तक नया अध्याय
मिजोरम से आने वाले छांगते हाल ही में मुंबई सिटी एफसी छोड़कर मोहन बागान से जुड़े हैं। नए क्लब में जाना उनके करियर का महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि अब उनसे भारत के सबसे अधिक अपेक्षाओं वाले फुटबॉल वातावरणों में से एक में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
व्यक्तिगत सम्मान उन्हें नई टीम के साथ आत्मविश्वास दे सकता है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। बड़े क्लब में प्रतिस्पर्धा, समर्थकों की अपेक्षाएं और प्रमुख मुकाबलों का दबाव किसी भी खिलाड़ी की निरंतरता की कठिन परीक्षा लेते हैं।
छांगते के करियर में एक और बड़ी उपलब्धि
यह पहली बार नहीं है जब छांगते को FPAI का शीर्ष सम्मान मिला है। वह 2023-24 सत्र के लिए भी पुरुष भारतीय खिलाड़ी का पुरस्कार जीत चुके हैं। उस समय मुंबई सिटी के लिए उनके प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें लगातार दूसरे वर्ष इस सम्मान का विजेता बनाया था।
इससे पहले वह AIFF के पुरुष खिलाड़ी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। हालांकि AIFF और FPAI के पुरस्कार अलग-अलग संस्थाओं द्वारा दिए जाते हैं, दोनों स्तरों पर पहचान मिलना उनके करियर की निरंतर प्रगति को दर्शाता है।
भारतीय फुटबॉल के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
छांगते की सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है। मिजोरम और पूर्वोत्तर भारत ने लंबे समय से देश को कई प्रतिभाशाली फुटबॉलर दिए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र के खिलाड़ियों की लगातार पहचान उभरती प्रतिभाओं को पेशेवर फुटबॉल अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने भी छांगते को बधाई दी, जबकि मिजोरम फुटबॉल एसोसिएशन ने इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया।
यह सम्मान भारतीय खिलाड़ियों की भूमिका पर भी ध्यान खींचता है। घरेलू प्रतियोगिताओं में विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच भारतीय फुटबॉलरों का निर्णायक प्रदर्शन राष्ट्रीय टीम के भविष्य के लिए जरूरी है। छांगते जैसे अनुभवी खिलाड़ी युवा फुटबॉलरों के लिए यह उदाहरण प्रस्तुत करते हैं कि निरंतर प्रदर्शन से घरेलू और राष्ट्रीय—दोनों स्तरों पर पहचान बनाई जा सकती है।
उपलब्धि बड़ी, लेकिन आगे की चुनौती भी कठिन
पुरस्कार छांगते के हालिया प्रभाव की पुष्टि करता है, पर उनके सामने अगली चुनौती इस स्तर को बनाए रखने की होगी। फुटबॉल में व्यक्तिगत सम्मान अक्सर पिछले प्रदर्शन का मूल्यांकन होता है, जबकि खिलाड़ी की वास्तविक विरासत उसके लंबे समय के योगदान से तय होती है।
मोहन बागान के साथ क्लब प्रतियोगिताओं और भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनका प्रदर्शन अब अधिक बारीकी से देखा जाएगा। यदि वह अपनी रफ्तार, रचनात्मक खेल और गोल में योगदान को लगातार प्रभावी बनाए रखते हैं, तो वह आने वाले वर्षों में भारतीय आक्रमण की प्रमुख ताकत बने रह सकते हैं।
FPAI अवॉर्ड्स 2026 के अन्य प्रमुख विजेता
मनीषा कल्याण ने महिला वर्ग का शीर्ष पुरस्कार जीता, जबकि सनान मोहम्मद के को ‘यंग प्लेयर ऑफ द ईयर’ चुना गया। फ्रांगकी बुआम को आई-लीग प्लेयर ऑफ द ईयर और मिगुएल फिगुएरा दमासेनो को फॉरेन प्लेयर ऑफ द ईयर का सम्मान मिला। ओवेन कॉयल पुरुष वर्ग के कोच ऑफ द ईयर बने।
निष्कर्ष
लल्लियानजुआला छांगते का ‘इंडियन फुटबॉलर ऑफ द ईयर 2026’ बनना उनकी प्रतिभा, निरंतरता और पेशेवर खिलाड़ियों के बीच सम्मान का प्रमाण है। यह उपलब्धि उनके लिए पिछले प्रदर्शन की स्वीकृति होने के साथ करियर के नए अध्याय की मजबूत शुरुआत भी है।
मोहन बागान और भारतीय राष्ट्रीय टीम के साथ आने वाला समय बताएगा कि वह इस सम्मान को कितनी बड़ी सफलता में बदल पाते हैं। फिलहाल, यह पुरस्कार उन्हें भारतीय फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली मौजूदा खिलाड़ियों में मजबूती से स्थापित करता है।
