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खेल

Lausanne Diamond League में नीरज चोपड़ा की बड़ी परीक्षा, पथिरागे समेत दुनिया के दिग्गज जेवलिन स्टार्स से होगा मुकाबला

भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को Lausanne Diamond League में उतरेंगे। उनके सामने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन रुमेश पथिरागे सहित ओलंपिक और विश्व स्तर पर सफलता हासिल कर चुके कई दिग्गज भाला फेंक खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।

Lausanne Diamond League में नीरज चोपड़ा की बड़ी परीक्षा, पथिरागे समेत दुनिया के दिग्गज जेवलिन स्टार्स से होगा मुकाबला
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: PTI

मुख्य खबर

भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा की वापसी के बाद अगली बड़ी परीक्षा स्विट्जरलैंड में होने वाली Lausanne Diamond League में होगी। 21 अगस्त को होने वाली पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में नीरज को दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी चुनौती पेश करनी होगी।

यह प्रतियोगिता नीरज के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि वह चोट से वापसी के बाद धीरे-धीरे अपनी प्रतिस्पर्धी लय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इस सीजन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.83 मीटर रहा है।

पथिरागे बन सकते हैं बड़ी चुनौती

Lausanne में सबसे ज्यादा नजर श्रीलंका के रुमेश पथिरागे पर रहने की संभावना है। पथिरागे ने हाल में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 89.75 मीटर के प्रदर्शन के साथ खिताब जीता था।

उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 92.62 मीटर है, जो उन्होंने जून में रोम में हासिल किया। यह प्रदर्शन उन्हें मौजूदा अंतरराष्ट्रीय जेवलिन सर्किट के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल करता है।

नीरज ने ग्लासगो में 85.83 मीटर के सीजन-बेस्ट प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया था। ऐसे में Lausanne में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला खास आकर्षण बन सकता है।

स्टार खिलाड़ियों से सजी होगी प्रतियोगिता

मुकाबला केवल नीरज और पथिरागे तक सीमित नहीं रहेगा। Lausanne की फील्ड में पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम, त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वालकॉट, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स और जर्मनी के थॉमस रोहलर जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

इसके अलावा चेक गणराज्य के जाकुब वादलेज्च, जर्मनी के जूलियन वेबर, स्विट्जरलैंड के साइमन वीलैंड और अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन भी चुनौती पेश करेंगे।

इतने अनुभवी और सफल खिलाड़ियों की मौजूदगी Lausanne की प्रतियोगिता को इस सीजन के सबसे दिलचस्प जेवलिन मुकाबलों में से एक बना सकती है।

चोट के बाद वापसी पर नीरज की नजर

Lausanne प्रतियोगिता नीरज की चोट से वापसी के बाद तीसरी स्पर्धा होगी। उन्होंने जून में Doha Diamond League से अपना सीजन शुरू किया था, जहां 85.69 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया।

इसके बाद ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके प्रदर्शन में मामूली सुधार देखने को मिला और 85.83 मीटर के थ्रो ने उन्हें रजत पदक दिलाया।

इस लिहाज से Lausanne में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नीरज अपने प्रदर्शन को कितना आगे ले जा पाते हैं।

Lausanne से जुड़ी हैं नीरज की अच्छी यादें

नीरज चोपड़ा का Lausanne में पिछला रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। उन्होंने 2022 में यहां 89.08 मीटर के प्रदर्शन के साथ खिताब जीता था।

2024 में उन्होंने इसी प्रतियोगिता में 89.49 मीटर का थ्रो करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया था। इसलिए यह मैदान उनके लिए पूरी तरह नया नहीं है और पिछले अच्छे प्रदर्शन उन्हें आत्मविश्वास दे सकते हैं।

यह मुकाबला क्यों महत्वपूर्ण है?

Lausanne में नीरज का प्रदर्शन केवल एक प्रतियोगिता के नतीजे के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं होगा। चोट के बाद उनकी फिटनेस, निरंतरता और लंबी दूरी के थ्रो की क्षमता का भी यहां बड़ा परीक्षण होगा।

दूसरी ओर पथिरागे की शानदार फॉर्म ने पुरुष जेवलिन में प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना दिया है। अरशद नदीम, जूलियन वेबर, एंडरसन पीटर्स और दूसरे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी का मतलब है कि शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए नीरज को बेहद मजबूत प्रदर्शन की जरूरत पड़ सकती है।

संतुलित विश्लेषण

नीरज के पक्ष में उनका अनुभव, बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की क्षमता और Lausanne में पिछला मजबूत रिकॉर्ड है। हालांकि मौजूदा सीजन में उनके प्रदर्शन और पथिरागे जैसे प्रतिद्वंद्वियों की फॉर्म को देखते हुए उन्हें स्वतः खिताब का प्रबल दावेदार मानना जल्दबाजी होगी।

चोट के बाद वापसी कर रहे खिलाड़ी के लिए प्रदर्शन में क्रमिक सुधार भी महत्वपूर्ण संकेत होता है। ऐसे में Lausanne का परिणाम चाहे जो हो, नीरज कितनी सहजता से थ्रो करते हैं और अपने सीजन-बेस्ट को कितना बेहतर कर पाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।

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