नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों में गिने जाने वाले कोहली ने अलग-अलग परिस्थितियों में भारतीय टीम को यादगार जीत दिलाई हैं। हालांकि, उनके शानदार करियर में एक ऐसी उपलब्धि अब भी बाकी है, जिसे हासिल करने का मौका उन्हें आगामी न्यूजीलैंड दौरे पर मिलने वाला है।
भारतीय टीम 4 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी। इस दौरे में कोहली की नजर केवल रन बनाने या शतक लगाने पर नहीं होगी। वह न्यूजीलैंड की धरती पर अपना पहला वनडे प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार भी जीतना चाहेंगे।
आखिर कौन-सा रिकॉर्ड पूरा करना चाहते हैं विराट कोहली?
क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड को सामूहिक रूप से SENA देश कहा जाता है। इन चारों देशों में भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन को खास महत्व दिया जाता है, क्योंकि विदेशी परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।
विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में वनडे प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार जीत चुके हैं। लेकिन न्यूजीलैंड में उन्हें अब तक यह सम्मान नहीं मिला है। यदि वह आगामी सीरीज के किसी एक वनडे में यह पुरस्कार जीत लेते हैं, तो चारों SENA देशों में वनडे प्लेयर ऑफ द मैच बनने वाले चौथे भारतीय क्रिकेटर बन जाएंगे। इस विशेष उपलब्धि को अब तक सचिन तेंदुलकर, रोहित शर्मा और पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव हासिल कर चुके हैं।
45 पुरस्कार जीत चुके विराट, फिर भी अधूरी है उपलब्धि
विराट कोहली वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 45 बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने जा चुके हैं। इस सूची में वह दुनिया के तीसरे सबसे सफल खिलाड़ी हैं। सर्वाधिक पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 62 बार यह सम्मान प्राप्त किया। श्रीलंका के महान ऑलराउंडर सनथ जयसूर्या 48 पुरस्कारों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत में प्लेयर ऑफ द मैच बन चुके हैं। जनवरी 2026 में वडोदरा में खेले गए मुकाबले में उन्होंने 93 रन बनाए थे और अपना 45वां वनडे प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार जीता था। हालांकि, मौजूदा रिकॉर्ड का संबंध विपक्षी टीम से नहीं, बल्कि उस देश से है जहां मुकाबला खेला जाता है। यही वजह है कि भारत में न्यूजीलैंड के खिलाफ पुरस्कार जीतने से उनका यह रिकॉर्ड पूरा नहीं हुआ।
न्यूजीलैंड में पहले भी दिखाई बल्लेबाजी की ताकत
ऐसा नहीं है कि विराट कोहली न्यूजीलैंड में प्रभावशाली बल्लेबाजी नहीं कर पाए हैं। वर्ष 2014 के दौरे पर उन्होंने पांच वनडे मैचों में 291 रन बनाए थे। इसी सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने 123 रनों की शानदार शतकीय पारी भी खेली थी।
इसके बाद 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में उनके बल्ले से 148 रन निकले। वहीं, 2020 की तीन मैचों की वनडे सीरीज में उन्होंने 75 रन बनाए थे। इन दौरों में कोहली ने कई उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन कोई भी प्रदर्शन उन्हें न्यूजीलैंड की धरती पर प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार नहीं दिला सका। अब 2026 का दौरा उन्हें इस अधूरी उपलब्धि को पूरा करने का नया अवसर देगा।
शानदार फॉर्म के साथ न्यूजीलैंड जाएंगे कोहली
विराट कोहली के हालिया प्रदर्शन ने भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ाई हैं।
सितंबर 2026 में वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में उन्होंने सिर्फ 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए थे। इस पारी के दौरान कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे किए और अपना 55वां वनडे शतक भी लगाया। हालांकि, उस मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार चार विकेट लेने वाले कुलदीप यादव को मिला था। यह उदाहरण बताता है कि किसी बल्लेबाज का शतक बनाना पुरस्कार जीतने की गारंटी नहीं होता। मैच के नतीजे और उसमें दूसरे खिलाड़ियों के योगदान की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
न्यूजीलैंड वनडे सीरीज में दो कप्तानों के साथ उतरेगा भारत
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे टीम की घोषणा कर दी है। पहले तीन मुकाबलों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि अंतिम दो मैचों में यह जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर संभालेंगे। विराट कोहली और रोहित शर्मा को सभी पांच वनडे मुकाबलों के लिए टीम में चुना गया है। ऐसे में दोनों अनुभवी बल्लेबाजों के पास विदेशी परिस्थितियों में अपनी उपयोगिता साबित करने का अच्छा अवसर रहेगा।
2027 विश्व कप से पहले क्यों महत्वपूर्ण है यह सीरीज?
न्यूजीलैंड का यह दौरा केवल द्विपक्षीय सीरीज तक सीमित नहीं है। भारतीय टीम अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियों को मजबूत करना चाहती है। अनुभवी बल्लेबाजों के साथ युवा खिलाड़ियों का संयोजन इस सीरीज की अहम विशेषता रहेगा। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाने की कोशिश करेगी। कोहली के लिए यह सीरीज अपनी बल्लेबाजी की निरंतरता बनाए रखने, विदेशी गेंदबाजों के सामने लय हासिल करने और टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर होगी।
क्या पांच मैचों में पूरा होगा विराट का सपना?
विराट कोहली के सामने पांच वनडे मैचों का अवसर है, लेकिन इस उपलब्धि को हासिल करना पूरी तरह उनके प्रदर्शन और मैच पर पड़ने वाले प्रभाव पर निर्भर करेगा। उनके पास अनुभव, तकनीक और बड़े मुकाबलों में रन बनाने की क्षमता है। फिर भी न्यूजीलैंड के गेंदबाजों, परिस्थितियों और मुकाबले की स्थिति से मिलने वाली चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोहली इस बार न्यूजीलैंड की धरती पर पहली बार वनडे प्लेयर ऑफ द मैच बनकर इतिहास रचते हैं, या फिर उनके शानदार करियर का यह अनोखा रिकॉर्ड कुछ समय और अधूरा रह जाता है।
