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ODI टीम से बाहर होने पर छलका Rishabh Pant का दर्द, बोले—राय देना आसान, वापसी पर है पूरा भरोसा

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने वनडे टीम से लगातार बाहर रहने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि चयन न होने पर बुरा लगता है, लेकिन इसे खिलाड़ी के करियर में आने वाले उतार-चढ़ाव का हिस्सा बताया। पंत अगस्त 2024 के बाद से भारत के लिए कोई ODI नहीं खेले हैं और वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज के लिए भी उन्हें टीम में जगह नहीं मिली।

ODI टीम से बाहर होने पर छलका Rishabh Pant का दर्द, बोले—राय देना आसान, वापसी पर है पूरा भरोसा
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Hindustan Times, The Indian Express और ABP Live. मुख्य बयान The Business of Sport podcast से रिपोर्ट किए गए हैं। Hindustan Times

वनडे टीम से बाहर रहने पर Rishabh Pant ने तोड़ी चुप्पी

टेस्ट क्रिकेट में भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल ऋषभ पंत के लिए ODI टीम में वापसी का रास्ता फिलहाल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद पंत ने पहली बार अपनी स्थिति पर विस्तार से बात की है।

The Business of Sport podcast पर बातचीत में पंत ने माना कि टीम से बाहर होने पर निराशा होना स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने अपने मौजूदा दौर को करियर का अंत मानने के बजाय एक setback के रूप में देखने की बात कही और वापसी के लिए मेहनत जारी रखने पर जोर दिया।

'बुरा तो लगता है, लेकिन setback के बाद comeback भी होता है'

पंत ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में खिलाड़ी को बुरा महसूस होता है, लेकिन पेशेवर खेल में मुश्किल दौर से निपटना भी प्रक्रिया का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि बाहर से लगातार राय देना आसान होता है, जबकि खिलाड़ी स्वयं जानता है कि वह कितनी मेहनत कर रहा है और किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। पंत का जोर इस बात पर था कि परिणाम सामने आने में समय लग सकता है और उन्हें अपनी तैयारी तथा अनुशासन पर भरोसा बनाए रखना होगा।

दो साल से नहीं खेला भारत के लिए ODI

पंत ने भारत के लिए अपना पिछला वनडे 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके बाद वह कुछ ODI squads का हिस्सा जरूर रहे, लेकिन playing XI में मौका नहीं मिला।

उनके वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 31 मैचों में 871 रन बनाए हैं। उनका औसत 33.50 है, जबकि 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 125 रन उनका सर्वोच्च ODI स्कोर है।

यह स्थिति उनके टेस्ट करियर से काफी अलग है, जहां वह भारतीय टीम की योजनाओं में महत्वपूर्ण विकेटकीपर-बल्लेबाज बने हुए हैं।

KL Rahul ने मजबूत की अपनी जगह

पंत की ODI वापसी को समझने के लिए भारत के विकेटकीपिंग विकल्पों को देखना जरूरी है। पंत की लंबी अनुपस्थिति के दौरान KL Rahul ने वनडे टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर अपनी जगह मजबूत की।

2025 Champions Trophy के दौरान भी पंत squad में थे, लेकिन playing XI में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी राहुल ने संभाली।

इसी बीच ईशान किशन भी भारत के अनुभवी white-ball wicketkeeping विकल्पों में शामिल हैं, जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा ODI squad में Dhruv Jurel को backup wicketkeeper के रूप में चुना गया।

Dhruv Jurel का चयन भी महत्वपूर्ण संकेत

वेस्टइंडीज सीरीज को पंत की संभावित वापसी के अवसर के रूप में देखा जा सकता था, क्योंकि कुछ नियमित खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद selectors ने विकेटकीपिंग विकल्प के तौर पर Dhruv Jurel को चुना।

यह चयन कम-से-कम मौजूदा सीरीज के लिए इतना स्पष्ट करता है कि ODI wicketkeeping स्लॉट पर प्रतिस्पर्धा केवल पंत और राहुल तक सीमित नहीं है। हालांकि किसी खिलाड़ी के भविष्य के चयन के बारे में इससे निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

पंत बोले—मौके का इंतजार भी करना पड़ता है

पंत ने यह भी संकेत दिया कि उन्हें लगता है कि वनडे क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाने के पर्याप्त अवसर नहीं मिले हैं। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लगातार बदल रहा है और कई बार खिलाड़ी को अपने अगले अवसर का इंतजार करना पड़ता है।

उनका फोकस फिलहाल उन चीजों पर दिखाई देता है जिन्हें वह स्वयं नियंत्रित कर सकते हैं—तैयारी, प्रदर्शन और मौका मिलने पर उसका इस्तेमाल।

Irani Cup में मिली बड़ी जिम्मेदारी

राष्ट्रीय ODI टीम से बाहर रहने के बावजूद पंत घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें Rest of India टीम का कप्तान बनाया गया है।

यह उनके लिए मैच अभ्यास हासिल करने का अवसर भी है। ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, पंत Irani Cup के जरिए लय बनाने के साथ भारत की आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी कर रहे हैं।

पंत के लिए आगे की चुनौती क्या है?

पंत की सबसे बड़ी चुनौती केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत के पास उपलब्ध कई विकेटकीपर-बल्लेबाज विकल्पों के बीच वनडे टीम में जगह बनाना है।

KL Rahul का स्थापित ODI रोल, Ishan Kishan का white-ball अनुभव और Dhruv Jurel जैसे विकल्प चयनकर्ताओं को कई संयोजन उपलब्ध कराते हैं। दूसरी तरफ पंत की आक्रामक बाएं हाथ की बल्लेबाजी middle overs में अलग विकल्प प्रदान कर सकती है—एक पहलू जिसे Indian Express ने भी उनके संभावित ODI उपयोग के संदर्भ में रेखांकित किया है।

फिलहाल पंत के बयान का सबसे स्पष्ट संदेश यही है कि वह ODI वापसी की उम्मीद छोड़ने के मूड में नहीं हैं। अगला मौका कब मिलेगा, यह चयन और टीम संयोजन पर निर्भर करेगा; लेकिन पंत अपनी ओर से वापसी के लिए तैयार रहने की बात कर रहे हैं।

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