88 मिनट की लड़ाई के बाद PV Sindhu टूर्नामेंट से बाहर
नई दिल्ली में चल रहे BWF World Championships 2026 में भारतीय प्रशंसकों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु महिला एकल के राउंड ऑफ 16 में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
सिंधु का मुकाबला चीन की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल Wang Zhi Yi से था। मैच तीन गेम तक चला और दोनों खिलाड़ियों के बीच कोर्ट पर 88 मिनट तक कड़ा संघर्ष देखने को मिला। आखिरकार Wang ने मुकाबला 21-11, 15-21, 21-17 से अपने नाम किया।
पहला गेम Wang Zhi Yi के नाम
मुकाबले की शुरुआत सिंधु के लिए मुश्किल रही। Wang ने शुरुआती गेम में बेहतर नियंत्रण बनाया और सिंधु को अपनी लय हासिल करने का ज्यादा मौका नहीं दिया।
चीनी खिलाड़ी ने पहला गेम 21-11 से जीतकर मैच में बढ़त हासिल कर ली। सिंधु के सामने अब वापसी करने की चुनौती थी।
दूसरे गेम में दिखा सिंधु का दमदार जवाब
दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी रणनीति और आक्रामकता में बदलाव किया। इस बार सिंधु ज्यादा प्रभावी नजर आईं और अहम मौकों पर अंक हासिल करती रहीं।
15-15 की बराबरी के बाद सिंधु ने लगातार छह अंक जीतते हुए दूसरा गेम 21-15 से अपने नाम किया और मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।
यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि शुरुआती गेम में बड़े अंतर से पिछड़ने के बाद सिंधु ने दिखाया कि बड़े मुकाबलों में उनका अनुभव अब भी उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने की क्षमता देता है।
निर्णायक गेम में 17-17 तक चला रोमांच
तीसरा गेम मुकाबले का सबसे तनावपूर्ण हिस्सा साबित हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां और लगातार बदलती बढ़त ने मैच को बेहद रोमांचक बना दिया।
निर्णायक गेम में स्कोर एक समय 17-17 तक पहुंच गया था। इसके बाद Wang ने महत्वपूर्ण अंक हासिल करते हुए गेम 21-17 से जीत लिया और सिंधु का अभियान समाप्त कर दिया।
छठे वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक का सपना टूटा
यह मुकाबला सिंधु के लिए केवल अगले दौर में पहुंचने की लड़ाई नहीं था। वह अपने शानदार विश्व चैंपियनशिप रिकॉर्ड में एक और पदक जोड़ने की कोशिश कर रही थीं।
सिंधु पहले ही पांच वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक जीत चुकी हैं। ऐसे में नई दिल्ली में घरेलू दर्शकों के सामने उनके पास छठा पदक हासिल करने का मौका था। लेकिन Wang के खिलाफ करीबी हार ने इस अभियान को प्री-क्वार्टर फाइनल में ही रोक दिया।
हार के बावजूद प्रदर्शन से मिले सकारात्मक संकेत
स्कोरलाइन सिंधु के टूर्नामेंट से बाहर होने की पुष्टि करती है, लेकिन 88 मिनट तक दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल Wang के खिलाफ उनकी चुनौती को केवल नतीजे के आधार पर देखना अधूरा होगा।
पहला गेम 11-21 से गंवाने के बाद मैच को तीसरे गेम में 17-17 तक ले जाना सिंधु की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और शारीरिक संघर्षशीलता का संकेत देता है।
हालांकि निर्णायक क्षणों में अंक हासिल करने की क्षमता इस मैच में अंतर साबित हुई। शीर्ष स्तर के महिला बैडमिंटन में छोटे रणनीतिक और मानसिक अंतर अक्सर पूरे मुकाबले का परिणाम तय कर देते हैं।
मुकाबले के अंत में चोट और ब्रेक को लेकर चर्चा
निर्णायक गेम के अंतिम हिस्से में Wang Zhi Yi को ऐंठन की समस्या का सामना करते देखा गया। मैच के बाद सिंधु ने उनके द्वारा लिए गए ब्रेक के समय को लेकर सवाल उठाया, जबकि Wang ने कहा कि उनकी शारीरिक परेशानी वास्तविक थी। सिंधु ने साथ ही यह भी स्वीकार किया कि उन्हें उन परिस्थितियों में अधिक धैर्य दिखाना चाहिए था।
इस घटनाक्रम ने मुकाबले में अतिरिक्त नाटकीयता जरूर जोड़ी, लेकिन परिणाम अंततः कोर्ट पर खेले गए अंकों से तय हुआ और Wang अगले दौर में पहुंचने में सफल रहीं।
भारत के सिंगल्स अभियान को बड़ा झटका
सिंधु की हार के साथ BWF World Championships 2026 में भारत की सिंगल्स चुनौती भी समाप्त हो गई। पुरुष एकल में Ayush Shetty भी राउंड ऑफ 16 में इंडोनेशिया के Alwi Farhan से हारकर बाहर हुए।
हालांकि भारत की उम्मीदें डबल्स में बनी रहीं, जहां Satwiksairaj Rankireddy–Chirag Shetty और Treesa Jolly–Gayatri Gopichand ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
क्यों महत्वपूर्ण है सिंधु का यह प्रदर्शन?
सिंधु लंबे समय से भारतीय बैडमिंटन के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय चेहरों में शामिल रही हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनका रिकॉर्ड भारतीय बैडमिंटन इतिहास में विशेष स्थान रखता है।
इसलिए घरेलू धरती पर छठे पदक की संभावना ने उनके 2026 अभियान को खास बना दिया था। पदक भले नहीं आया, लेकिन एक शीर्ष चीनी खिलाड़ी के खिलाफ तीन गेम और 88 मिनट तक चला मुकाबला दिखाता है कि सिंधु अभी भी बड़े मंच पर मजबूत चुनौती पेश कर सकती हैं।
आगे उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल निरंतरता का होगा—क्या वह इसी स्तर की तीव्रता और फिटनेस को आगामी बड़े टूर्नामेंटों में लगातार बनाए रख सकती हैं।
