मन्हास के इस बयान से रोहित और विराट के प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम के कोचिंग स्टाफ को लेना है। यानी दोनों खिलाड़ियों के लिए विश्व कप का रास्ता खुला है, लेकिन टीम में जगह अभी सुनिश्चित नहीं हुई है।
उम्र नहीं, फिटनेस और प्रदर्शन होंगे चयन का आधार
स्पोर्टस्टार को दिए एक इंटरव्यू में मिथुन मन्हास ने भारतीय टीम के दो अनुभवी बल्लेबाजों के भविष्य पर अपनी बात रखी।उन्होंने कहा कि बीसीसीआई इस समय किसी खिलाड़ी के विश्व कप चयन को लेकर अंतिम टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि यह जिम्मेदारी चयनकर्ताओं और कोचों की है।
मन्हास के मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट है, लगातार रन बना रहा है और भारतीय टीम की जीत में योगदान दे रहा है, तो केवल उसकी बढ़ती उम्र चयन में बाधा नहीं बननी चाहिए। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को उनकी मौजूदा क्षमता और योगदान के आधार पर आंका जाना चाहिए।
यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2027 विश्व कप के समय रोहित शर्मा 40 साल के हो चुके होंगे, जबकि विराट कोहली टूर्नामेंट के दौरान 39 वर्ष के हो जाएंगे।
शानदार प्रदर्शन से रोहित-विराट ने दिया जवाब
हाल के महीनों में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अपने बल्ले से साबित किया है कि वे अब भी वनडे क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सितंबर-अक्टूबर 2026 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में दोनों बल्लेबाजों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
विराट कोहली ने पहले वनडे मुकाबले में 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए। इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार किया।
वहीं रोहित शर्मा ने दूसरे मुकाबले में 75 गेंदों पर 101 रन की शतकीय पारी खेली। तीसरे वनडे में भी उन्होंने 92 रन बनाकर अपनी शानदार बल्लेबाजी जारी रखी।
इन पारियों ने यह दिखाया कि अनुभव के साथ दोनों बल्लेबाजों में अभी भी बड़े मुकाबलों का रुख बदलने की क्षमता मौजूद है।
शुभमन गिल की कप्तानी में कितनी महत्वपूर्ण होगी दोनों की भूमिका?
भारतीय वनडे टीम की कप्तानी अब शुभमन गिल के हाथों में है। 2027 का विश्व कप उनके लिए कप्तान के तौर पर पहला वनडे विश्व कप होगा। मिथुन मन्हास का मानना है कि युवा कप्तान के साथ अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों के अनुभव को महत्वपूर्ण बताया।
मन्हास के अनुसार, कप्तान पर सभी जिम्मेदारियां डालने के बजाय टीम में नेतृत्व की जिम्मेदारी बांटी जा सकती है। उन्होंने जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी के गेंदबाजी इकाई में नेतृत्व की भूमिका निभाने की संभावना का भी उल्लेख किया।
इससे संकेत मिलता है कि अनुभवी खिलाड़ियों को केवल बल्लेबाजी के आंकड़ों से नहीं, बल्कि टीम को मुश्किल परिस्थितियों में संभालने की उनकी क्षमता से भी आंका जा सकता है।
रोहित और विराट के लिए क्यों खास है 2027 का विश्व कप?
रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों के करियर में वनडे विश्व कप की विशेष अहमियत रही है। विराट कोहली 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। वहीं रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा।
दोनों खिलाड़ियों ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद 2025 में दोनों ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वनडे ही वह प्रारूप है जिसमें दोनों खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसे में 2027 का टूर्नामेंट उनके शानदार करियर का एक और बड़ा अध्याय बन सकता है।
न्यूजीलैंड दौरा होगा एक और महत्वपूर्ण मौका
विश्व कप की तैयारियों के बीच भारतीय टीम नवंबर 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे मैच खेलेगी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों को इस सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
चार नवंबर से शुरू होने वाली इस वनडे सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे, जबकि अंतिम दो मैचों में श्रेयस अय्यर को यह जिम्मेदारी दी गई है।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन दोनों अनुभवी बल्लेबाजों के विश्व कप दावे को और मजबूत कर सकता है। यह सीरीज टीम प्रबंधन के लिए बल्लेबाजी क्रम और खिलाड़ियों की निरंतरता परखने का भी अवसर होगी।
कब और कहां खेला जाएगा 2027 वनडे विश्व कप?
आईसीसी के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, 2027 पुरुष वनडे विश्व कप का आयोजन 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। इस टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 57 मुकाबले खेले जाएंगे।
भारत का मुकाबला 7 अक्टूबर को केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया से और 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में पाकिस्तान से निर्धारित है। फाइनल मुकाबला 21 नवंबर को जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा।
क्या दोनों दिग्गजों को मिलेगी विश्व कप टीम में जगह?
मिथुन मन्हास के बयान से इतना जरूर स्पष्ट होता है कि बढ़ती उम्र अपने आप में रोहित शर्मा और विराट कोहली के चयन की बाधा नहीं होनी चाहिए। लेकिन विश्व कप तक दोनों खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस, बल्लेबाजी की लय और निरंतर प्रदर्शन बनाए रखना होगा। चयनकर्ताओं को युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और पूरी टीम के संतुलन पर भी विचार करना होगा।
फिलहाल रोहित और विराट दोनों विश्व कप की दौड़ में बने हुए हैं। अंतिम फैसला आने में समय है, लेकिन एक बात तय है कि 2027 विश्व कप की भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए दोनों दिग्गजों का सबसे मजबूत जवाब मैदान पर उनका प्रदर्शन ही होगा।
