भारत के पास इस मुकाबले में पांच मैचों की सीरीज अपने नाम करने का अवसर है। हालांकि, जीत की मजबूत स्थिति के बीच टीम को बल्लेबाजी में निरंतरता भी तलाशनी होगी। ईशान की गैरमौजूदगी में सवाल केवल उनकी जगह किसी खिलाड़ी को उतारने का नहीं, बल्कि सही बल्लेबाज को सही भूमिका देने का भी है।
पहले मुकाबले में लगी चोट, दूसरे के बाद तीसरे मैच से भी बाहर
ईशान को सीरीज के शुरुआती मुकाबले के दौरान दाईं ओर एडक्टर मांसपेशी में हल्का खिंचाव आया था। बीसीसीआई ने 23 अक्टूबर की आधिकारिक जानकारी में इसे ‘लो-ग्रेड राइट एडक्टर स्ट्रेन’ बताया था। इसी वजह से वह दूसरे टी20 में भी उपलब्ध नहीं थे। उस समय बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि उसकी मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है।
अब तीसरे मैच से पहले भी उनकी फिटनेस पर्याप्त नहीं पाई गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें फिलहाल बाहर रखने का फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है। इससे साफ है कि टीम उनकी वापसी को लेकर जल्दबाजी नहीं कर रही। लगातार मुकाबलों वाली सीरीज में उनकी उपलब्धता का आकलन आगे भी फिटनेस के आधार पर होगा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी तीसरे टी20 से उनकी अनुपलब्धता की पुष्टि करती है। इसे पूरी सीरीज से बाहर होने की घोषणा समझना सही नहीं होगा। वापसी की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है, इसलिए अगले मुकाबलों में उनके खेलने को लेकर अभी पक्का दावा नहीं किया जा सकता।
कुमार कुशाग्र टीम के साथ, लेकिन प्लेइंग इलेवन अलग फैसला
ईशान के चोटिल होने के बाद चयनकर्ताओं ने कुमार कुशाग्र को कवर के तौर पर भारतीय दल में शामिल किया था। बीसीसीआई के मुताबिक, कुशाग्र उस समय इंडिया A टीम के साथ क्राइस्टचर्च में मौजूद थे। इस वजह से उन्हें सीनियर टीम से जोड़ना संभव हुआ। वह विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में टीम को अतिरिक्त विकल्प देते हैं।
पीटीआई के अनुसार, कुशाग्र भारतीय टीम के साथ बने रहेंगे। हालांकि, दल में शामिल होना और अंतिम एकादश में चुना जाना अलग बातें हैं। दूसरे मैच में प्रबंधन ने ईशान की जगह वैभव सूर्यवंशी को खिलाया था। इसलिए कुशाग्र की मौजूदगी को उनके अगले मैच में खेलने की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
वैभव सूर्यवंशी को फिर अवसर मिलने की संभावना
ईशान की अनुपस्थिति में वैभव को दूसरे टी20 में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला था। वह आठ गेंदों पर चार रन बनाकर आउट हो गए। अब ईशान के तीसरे मुकाबले में भी उपलब्ध नहीं होने से वैभव को एक और अवसर मिलने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, अंतिम एकादश की घोषणा से पहले उनकी जगह निश्चित बताना जल्दबाजी होगी।
वैभव के चयन के साथ उनके बल्लेबाजी क्रम पर भी चर्चा हो रही है। पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक ने उन्हें तीसरे नंबर पर भेजने के फैसले पर सवाल उठाया। उनका मानना था कि युवा बल्लेबाज की आक्रामक शैली का बेहतर इस्तेमाल पारी की शुरुआत में किया जा सकता है। उन्होंने वैभव के सीमित मध्यक्रम अनुभव की ओर भी ध्यान दिलाया।
रणनीतिक नजरिए से प्रबंधन के सामने दो जरूरतें हैं—मौजूदा संयोजन को स्थिर रखना और उपलब्ध खिलाड़ी की ताकत का उपयोग करना। केवल एक छोटी पारी के आधार पर वैभव की क्षमता का फैसला करना उचित नहीं होगा। यदि उन्हें फिर मौका मिलता है, तो उनके रन के साथ बल्लेबाजी की भूमिका भी चर्चा का विषय रहेगी।
भारत आगे जरूर, लेकिन पिछली जीत आसान नहीं थी
भारत ने दूसरा टी20 चार विकेट से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई। 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम एक समय 112 रन पर छह विकेट गंवा चुकी थी। तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने सातवें विकेट के लिए 69 रन जोड़कर मुकाबला पलटा। तिलक ने 51 और नितीश ने 26 रन बनाए। भारत ने एक गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल किया।
उस जीत से निचले मध्यक्रम की क्षमता जरूर सामने आई, लेकिन शीर्ष क्रम के लिए सुधार की गुंजाइश भी दिखाई दी। वेलिंग्टन में भारत चाहेगा कि लक्ष्य का पीछा करने या बड़ा स्कोर बनाने की जिम्मेदारी अधिक बल्लेबाज साझा करें।
अगले मुकाबले में भारतीय टीम के सामने सीरीज जीतने का अवसर है, जबकि ईशान के लिए प्राथमिकता पूरी फिटनेस हासिल करना रहेगी। प्रशंसकों की नजर अब दो घोषणाओं पर होगी—तीसरे टी20 की अंतिम एकादश और ईशान की रिकवरी से जुड़ा अगला आधिकारिक अपडेट।
