405 रन बनाने के बाद भी नहीं बच सका West Indies
गुवाहाटी में मुकाबले की शुरुआत ही रिकॉर्ड बनाने वाले अंदाज में हुई। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 405/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
John Campbell ने 101, कप्तान Shai Hope ने 104 और Amir Jangoo ने 114 रन बनाए। यह वेस्टइंडीज का ODI क्रिकेट में पहला 400 से अधिक का स्कोर था। एक ही ODI पारी में तीन बल्लेबाजों के शतक लगाने की यह बेहद दुर्लभ उपलब्धि भी रही।
लेकिन 406 रन के लक्ष्य के सामने भारत की शुरुआत ने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी।
Shubman Gill और Rohit Sharma की 255 रन की साझेदारी
भारत के लिए Shubman Gill और Rohit Sharma ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 158 गेंदों में 255 रन जोड़ दिए। रोहित ने 101 रन बनाए, जबकि गिल ने एक छोर से अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी।
गिल ने अपना शतक 62 गेंदों में पूरा किया। इसके बाद उनकी रफ्तार और बढ़ी और अगली 55 गेंदों में वे 100 से 200 रन तक पहुंच गए।
पारी समाप्त होने तक भारतीय कप्तान 133 गेंदों पर 223 रन बनाकर नाबाद थे। उन्होंने 26 चौके और आठ छक्के लगाए।
भारत ने 406 रन का लक्ष्य 43.3 ओवर में केवल दो विकेट खोकर हासिल कर लिया—यानी 39 गेंदें अभी बाकी थीं।
117 गेंदों में दोहरा शतक, टूटा बड़ा विश्व रिकॉर्ड
गिल की पारी का सबसे बड़ा रिकॉर्ड उनका दोहरा शतक रहा।
उन्होंने सिर्फ 117 गेंदों में 200 रन पूरे किए और ODI क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड Ishan Kishan के नाम था, जिन्होंने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया था।
यह गिल के ODI करियर का दूसरा दोहरा शतक भी है। इससे पहले उन्होंने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 208 रन बनाए थे।
इसके साथ गिल Rohit Sharma के बाद एक से अधिक ODI दोहरे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने।
रन चेज में ODI इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी
223* के साथ गिल ने ODI run chase में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
इस उपलब्धि ने Glenn Maxwell की 2023 ODI World Cup में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई नाबाद 201 रन की प्रसिद्ध पारी को पीछे छोड़ दिया। गिल ODI लक्ष्य का पीछा करते हुए दोहरा शतक बनाने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज बने।
उनकी 223* रन की पारी ODI कप्तान द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बनी।
भारत का ऐतिहासिक 406 रन का चेज
यह केवल गिल के लिए रिकॉर्ड वाला मुकाबला नहीं था।
भारत ने 406 रन बनाकर ODI इतिहास के सबसे बड़े सफल run chases में से एक पूरा किया। Sky Sports के मुताबिक, यह ODI इतिहास में केवल दूसरी बार था जब किसी टीम ने 400 से अधिक का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया।
भारत के लिए यह उसका अब तक का सबसे बड़ा सफल ODI run chase भी बना। जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
Gill के ODI आंकड़े क्यों बन रहे हैं खास?
223* के बाद गिल के ODI करियर के आंकड़े भी उल्लेखनीय स्तर पर पहुंच गए हैं।
इस पारी के बाद उनके 68 ODI innings में 3,712 रन और 11 शतक हो गए। उनका औसत लगभग 65.12 तक पहुंच गया।
उनका 11वां ODI शतक 68वीं पारी में आया। इस मुकाम तक उनसे कम पारियों में पहुंचने वालों में Hashim Amla और Quinton de Kock शामिल हैं।
2026 में गिल का प्रदर्शन और भी प्रभावशाली रहा है। गुवाहाटी की पारी के बाद इस साल उनके 10 ODI innings में 894 रन हो गए हैं।
ये आंकड़े उनकी consistency और बड़ी शुरुआत को शतक में बदलने की क्षमता—दोनों की ओर इशारा करते हैं।
सिर्फ ODI नहीं, Test क्रिकेट में भी बड़ी पारियां
गिल का हालिया प्रदर्शन केवल सीमित ओवरों के क्रिकेट तक सीमित नहीं है।
2025 में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली Test series बतौर भारतीय कप्तान उन्होंने 10 पारियों में 754 रन बनाए थे, जिसमें चार शतक और 269 रन की बड़ी पारी शामिल थी।
इसलिए 223* को अलग-थलग एक शानदार पारी मानने के बजाय इसे गिल के हालिया multi-format प्रदर्शन के बड़े संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
क्या यह Shubman Gill का दौर है?
223* के बाद यह सवाल स्वाभाविक है, लेकिन यहां आंकड़ों और निष्कर्ष के बीच अंतर रखना जरूरी है।
गिल के पक्ष में मजबूत तथ्य मौजूद हैं—ODI में 3,700 से अधिक रन, 11 शतक, दो दोहरे शतक, लगभग 65 का औसत और हाल के वर्षों में लगातार बड़ी पारियां। इसके अलावा वह वर्तमान में दुनिया के शीर्ष ODI बल्लेबाजों में शामिल हैं।
फिर भी किसी खिलाड़ी के पूरे युग को परिभाषित करने के लिए केवल peak performance पर्याप्त नहीं होती। लंबे समय तक निरंतरता, अलग-अलग परिस्थितियों में प्रदर्शन, ICC tournaments और कई वर्षों तक फिटनेस बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
Sachin Tendulkar, Virat Kohli या Rohit Sharma जैसे बल्लेबाजों के साथ career-level तुलना के लिए Gill के करियर को अभी लंबा रास्ता तय करना है।
इसलिए यह कहना अधिक तथ्यपरक होगा कि गिल के मौजूदा आंकड़े एक असाधारण दौर की ओर इशारा कर रहे हैं—लेकिन यह दौर कितनी बड़ी विरासत में बदलता है, इसका फैसला आने वाले वर्षों का प्रदर्शन करेगा।
क्यों खास है 223* की यह पारी?
इस पारी को केवल दोहरे शतक के आंकड़े से नहीं समझा जा सकता।
भारत 406 रन का पीछा कर रहा था। Required run rate शुरुआत से आठ रन प्रति ओवर से अधिक था। ऐसे लक्ष्य में बल्लेबाज के पास धीमी शुरुआत के बाद तेजी बढ़ाने की सामान्य गुंजाइश कम होती है।
इसके बावजूद गिल ने 167 से अधिक के strike rate से बल्लेबाजी की और अंत तक नाबाद रहे।
यही इस पारी को खास बनाता है—बड़ी पारी, रिकॉर्ड गति और विशाल लक्ष्य का दबाव तीनों एक साथ मौजूद थे।
निष्कर्ष
Shubman Gill की 223* रन की पारी उनके ODI करियर की अब तक की सबसे बड़ी पारी है और रिकॉर्ड बुक में भी इसका विशेष स्थान बन गया है।
117 गेंदों में सबसे तेज ODI double century, run chase में 223* का रिकॉर्ड, दूसरा ODI दोहरा शतक और भारत का 406 रन का सफल पीछा—एक ही मुकाबले में कई उपलब्धियां दर्ज हुईं।
यह प्रदर्शन इस बात का मजबूत संकेत देता है कि गिल भारतीय बल्लेबाजी के मौजूदा दौर में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन उनकी अंतिम विरासत का पैमाना इस बात से तय होगा कि वे इस स्तर को आने वाले वर्षों और बड़े टूर्नामेंटों में कितनी निरंतरता से बनाए रखते हैं।
