भारतीय क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपने नाम एक और बड़ा विश्व रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। मंधाना अब महिला T20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं।
30 वर्षीय भारतीय ओपनर ने 20 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स में बांग्लादेश के खिलाफ महिला क्रिकेट सेमीफाइनल के दौरान न्यूजीलैंड की दिग्गज सूजी बेट्स को पीछे छोड़ा। बेट्स ने अपने T20I करियर में 4,758 रन बनाए थे।
यह उपलब्धि मंधाना के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि सितंबर 2026 में ही उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूपों को मिलाकर सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।
बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे ओवर में टूटा रिकॉर्ड
एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में उतरते समय मंधाना को सूजी बेट्स से आगे निकलने के लिए केवल 7 रन की जरूरत थी।
उन्होंने पारी के तीसरे ओवर में बांग्लादेश की गेंदबाज मारुफा अख्तर के खिलाफ लगातार दो चौके लगाकर रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
मंधाना ने मुकाबले में 37 रन की पारी खेली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह उनका 178वां T20 इंटरनेशनल मैच था।
रिकॉर्ड टूटने के साथ ही महिला T20I क्रिकेट में लंबे समय तक शीर्ष पर रहीं सूजी बेट्स दूसरे स्थान पर खिसक गईं।
सूजी बेट्स का 4,758 रन का रिकॉर्ड पीछे छूटा
न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स महिला T20I क्रिकेट की सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रही हैं और उनके नाम 4,758 T20I रन दर्ज हैं।
मंधाना ने यह आंकड़ा पार करके सर्वाधिक महिला T20I रन बनाने वाली बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। ICC ने भी 20 सितंबर को इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए मंधाना के बेट्स से आगे निकलने की जानकारी दी।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी महिला T20I क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष स्थानों पर हैं।
सिर्फ T20I नहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी मंधाना का दबदबा
मंधाना का नया T20I रिकॉर्ड हाल के हफ्तों में उनके नाम जुड़ी कई बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
3 सितंबर को हांगकांग, चीन के खिलाफ महिला एशिया कप मुकाबले में उन्होंने 64 गेंदों पर 124 रन की शानदार पारी खेली थी। इसी पारी के दौरान वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूपों को मिलाकर सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनी थीं।
ICC के अनुसार उस मैच के बाद मंधाना के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,880 रन और 18 शतक हो गए थे। उन्होंने कुल अंतरराष्ट्रीय रनों के मामले में भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ा, जबकि सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतकों के रिकॉर्ड में ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग को पछाड़ा।
इसका अर्थ है कि मंधाना का नया T20I रिकॉर्ड किसी एक शानदार पारी का परिणाम नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही उनकी निरंतरता का हिस्सा है।
एशिया कप में भी शानदार रहा मंधाना का प्रदर्शन
मंधाना एशियन गेम्स से ठीक पहले महिला एशिया कप में भी भारत की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल थीं।
13 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में उन्होंने 39 गेंदों पर 59 रन बनाए। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183/5 का स्कोर खड़ा किया और श्रीलंका को हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीता।
फाइनल में मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 130 रन जोड़े थे।
यह प्रदर्शन दिखाता है कि मंधाना का रिकॉर्ड व्यक्तिगत आंकड़ों तक सीमित नहीं है; उनकी रन बनाने की निरंतरता भारत के बड़े टूर्नामेंट अभियानों में भी महत्वपूर्ण रही है।
मंधाना के रिकॉर्ड की अहमियत क्या है?
T20 क्रिकेट में ओपनिंग बल्लेबाज को नई गेंद, पावरप्ले और तेजी से रन बनाने की जरूरत के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। मंधाना का करियर रिकॉर्ड उनकी लंबे समय तक शीर्ष क्रम में लगातार रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है।
इस उपलब्धि की एक और खास बात यह है कि वह अभी 30 वर्ष की हैं। ऐसे में यदि वह नियमित रूप से भारत के लिए T20I खेलती रहती हैं, तो उनके मौजूदा रन रिकॉर्ड में आगे और इजाफा हो सकता है।
हालांकि, सर्वाधिक रन का आंकड़ा सक्रिय खिलाड़ियों के मैच खेलने के साथ लगातार बदल सकता है। इसलिए किसी भी लाइव करियर टोटल को प्रकाशित करते समय नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों से अपडेट करना जरूरी होगा।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और बड़ा रिकॉर्ड
स्मृति मंधाना पहले ही भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। लेकिन सितंबर 2026 में हासिल की गई उपलब्धियों ने उनके करियर में एक असाधारण अध्याय जोड़ दिया है।
पहले वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूपों को मिलाकर सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनीं। अब उन्होंने महिला T20I में भी रन बनाने के मामले में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।
सूजी बेट्स जैसी लंबे समय तक महिला T20 क्रिकेट के शीर्ष पर रही बल्लेबाज को पीछे छोड़ना मंधाना के करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है — और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड।
