विज्ञापन - शीर्ष बैनर
Read in English —JantaScope English
खेल

World U20 Athletics Championships: बसंत कुमार मेघवाल ने रचा इतिहास, हाई जंप में जीता सिल्वर मेडल

भारत के युवा हाई जंपर बसंत कुमार मेघवाल ने World Athletics U20 Championships 2026 में पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में 2.21 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 19 वर्षीय बसंत का यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि वह इस वैश्विक जूनियर चैंपियनशिप में हाई जंप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।

World U20 Athletics Championships: बसंत कुमार मेघवाल ने रचा इतिहास, हाई जंप में जीता सिल्वर मेडल
विज्ञापन

द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Zee News

बसंत कुमार मेघवाल ने हाई जंप में रचा इतिहास

भारतीय एथलेटिक्स को World Athletics U20 Championships 2026 में एक बड़ी उपलब्धि मिली है। राजस्थान के युवा खिलाड़ी बसंत कुमार मेघवाल ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया।

अमेरिका के ओरेगन स्थित यूजीन में आयोजित प्रतियोगिता में 19 वर्षीय बसंत ने 2.21 मीटर की ऊंचाई पार की। यह उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी भी थी। उनकी इस छलांग ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा हाई जंपर्स के बीच पोडियम पर पहुंचा दिया।

2.21 मीटर पर तीन खिलाड़ियों के बीच हुआ मुकाबला

फाइनल में मुकाबला बेहद करीबी रहा। बसंत के अलावा अल्जीरिया के Younes Ayachi और ग्रेट ब्रिटेन के Otis Poole ने भी 2.21 मीटर की ऊंचाई पार की।

तीनों खिलाड़ी इसके बाद 2.24 मीटर की बाधा पार नहीं कर सके। ऐसे में पदकों का फैसला काउंटबैक के आधार पर हुआ।

Ayachi ने 2.21 मीटर की ऊंचाई अपने पहले प्रयास में पार की और गोल्ड मेडल जीता। बसंत ने दूसरे प्रयास में यह ऊंचाई हासिल की, जिससे उन्हें सिल्वर मिला। Poole ने तीसरे प्रयास में 2.21 मीटर पार किया और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

फाइनल में ऐसा रहा बसंत का प्रदर्शन

बसंत ने प्रतियोगिता की शुरुआत 2.06 मीटर की ऊंचाई को पहले ही प्रयास में पार करके की। इसके बाद उन्होंने 2.12 मीटर दूसरे प्रयास में और 2.17 मीटर पहले प्रयास में पार किया।

जब बार को 2.21 मीटर तक बढ़ाया गया, तो बसंत का पहला प्रयास सफल नहीं रहा। हालांकि उन्होंने दबाव में शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में इस ऊंचाई को पार कर लिया। यही प्रदर्शन आखिरकार उनके ऐतिहासिक सिल्वर मेडल का आधार बना।

राजस्थान के अनूपगढ़ से विश्व मंच तक

बसंत कुमार मेघवाल राजस्थान के अनूपगढ़ से आते हैं। विश्व स्तर की प्रतियोगिता में उनका पोडियम तक पहुंचना भारतीय एथलेटिक्स के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाई जंप में भारत की वैश्विक सफलता सीमित रही है।

World U20 स्तर पर यह उपलब्धि संकेत देती है कि भारतीय एथलेटिक्स में जंपिंग इवेंट्स से भी नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। बसंत का प्रदर्शन भविष्य में सीनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की दिशा में उनके लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

भारत के अभियान को मिली मजबूती

बसंत का पदक भारत के लिए प्रतियोगिता में एक और बड़ी सफलता बना। उनसे पहले Ashish Yadav पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत चुके थे। Ashish ने 74.09 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों के अन्य पदक प्रदर्शन ने भी देश के अभियान को मजबूत किया। युवा स्तर पर लगातार अंतरराष्ट्रीय पदक मिलना भारतीय एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई की ओर इशारा करता है।

क्यों खास है बसंत मेघवाल का सिल्वर?

इस उपलब्धि का महत्व सिर्फ एक सिल्वर मेडल तक सीमित नहीं है। बसंत World U20 Championships में हाई जंप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।

भारत ने पिछले वर्षों में जैवलिन थ्रो, लंबी कूद, ट्रिपल जंप और ट्रैक इवेंट्स में जूनियर स्तर पर उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए हैं। हाई जंप में विश्व स्तर का पदक इस दायरे को और व्यापक बनाता है।

हालांकि जूनियर स्तर की सफलता को सीनियर स्तर पर दोहराना अलग चुनौती होती है। आगे बसंत के लिए निरंतर प्रदर्शन, तकनीकी सुधार, फिटनेस और बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव अहम होगा। फिर भी 2.21 मीटर का प्रदर्शन यह दिखाता है कि उनके पास भविष्य में आगे बढ़ने की मजबूत क्षमता मौजूद है।

साझा करें
विज्ञापन - मध्य लेख
विज्ञापन - नीचे