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खेल

World U20 Championships 2026: आशीष यादव ने जीता जैवलिन में सिल्वर, नीरज चोपड़ा के बाद ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय

भारत के युवा जैवलिन थ्रोअर आशीष यादव ने World Athletics U20 Championships 2026 में पुरुष भाला फेंक स्पर्धा का रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 74.09 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आशीष इस प्रतियोगिता में जैवलिन पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा के बाद दूसरे भारतीय बने। उनकी इस उपलब्धि ने भारत के लिए चैंपियनशिप में पदकों का खाता भी खोला।

World U20 Championships 2026: आशीष यादव ने जीता जैवलिन में सिल्वर, नीरज चोपड़ा के बाद ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: news18

आशीष यादव ने World U20 Championships में जीता सिल्वर

भारतीय एथलेटिक्स को युवा स्तर पर एक और बड़ी सफलता मिली है। आशीष यादव ने अमेरिका के ओरेगन में आयोजित World Athletics U20 Championships 2026 की पुरुष जैवलिन थ्रो स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

19 वर्षीय भारतीय एथलीट ने फाइनल में 74.09 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया और दूसरे स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन उनके 74.49 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से केवल 40 सेंटीमीटर कम था।

इस पदक के साथ आशीष ने न केवल भारत का मौजूदा चैंपियनशिप में पदकों का खाता खोला, बल्कि भारतीय जैवलिन के इतिहास में भी अपना नाम दर्ज करा लिया।

नीरज चोपड़ा के बाद दूसरे भारतीय बने आशीष

आशीष यादव की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह World U20 Championships की पुरुष जैवलिन स्पर्धा में पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा के बाद दूसरे भारतीय हैं।

नीरज ने 2016 में पोलैंड में आयोजित World U20 Championships में 86.48 मीटर का थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। उनका वह प्रदर्शन विश्व U20 रिकॉर्ड भी बना था। अब लगभग एक दशक बाद आशीष ने भारत को इस स्पर्धा में फिर पोडियम तक पहुंचाया है।

74.09 मीटर के थ्रो ने दिलाया रजत पदक

फाइनल में आशीष का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 74.09 मीटर रहा। हालांकि स्वर्ण पदक की दौड़ में दक्षिण अफ्रीका के Jan-Hendrik Heymans ने आखिरी प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी पलट दी।

Heymans ने छठे और अंतिम प्रयास में 80.50 मीटर का थ्रो किया, जो सीजन का U20 विश्व अग्रणी प्रदर्शन था। इसी के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।

वहीं, डोमिनिका के Addison James ने 73.89 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता।

व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के बेहद करीब पहुंचे आशीष

आशीष का 74.09 मीटर का सिल्वर मेडल थ्रो उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ से बहुत दूर नहीं था। उन्होंने मार्च 2026 में पटियाला में आयोजित Indian Open Throws Competition में 74.49 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था।

विश्व स्तर की प्रतियोगिता के दबाव में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के इतने करीब पहुंचना युवा भारतीय एथलीट के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

भारतीय जैवलिन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पदक?

पिछले एक दशक में नीरज चोपड़ा की सफलता ने भारत में जैवलिन थ्रो की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी है। लेकिन किसी एक स्टार की सफलता को मजबूत खेल संस्कृति में बदलने के लिए अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे आना भी जरूरी है।

आशीष यादव का World U20 Championships में पदक इसी नजरिए से महत्वपूर्ण है। यह संकेत देता है कि भारत के पास जूनियर स्तर पर भी ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा जैवलिन थ्रोअर्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

हालांकि एक जूनियर विश्व पदक को भविष्य की सीनियर सफलता की गारंटी नहीं माना जा सकता। U20 से सीनियर स्तर तक पहुंचने के दौरान तकनीक, फिटनेस, निरंतरता और चोटों से बचाव जैसी कई चुनौतियां सामने आती हैं। इसलिए आशीष के लिए अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य इस प्रदर्शन को आने वाले वर्षों में लगातार बेहतर करना होगा।

नीरज की विरासत और नई पीढ़ी

नीरज चोपड़ा ने 2016 में U20 विश्व खिताब जीतने के बाद आगे चलकर ओलंपिक और सीनियर विश्व स्तर पर भारतीय एथलेटिक्स को ऐतिहासिक सफलताएं दिलाईं। इसी कारण युवा भारतीय जैवलिन थ्रोअर्स के प्रदर्शन की तुलना स्वाभाविक रूप से नीरज की शुरुआती उपलब्धियों से होती है।

फिर भी आशीष यादव की प्रगति को उनकी अपनी यात्रा के रूप में देखना अधिक उचित होगा। 74.09 मीटर का विश्व U20 रजत पदक उनके करियर का बड़ा पड़ाव है, लेकिन सीनियर स्तर पर उनकी आगे की प्रगति ही तय करेगी कि वह भारतीय जैवलिन की नई पीढ़ी में कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

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