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अगस्त 2026 में नजर रखने लायक 5 AI स्टार्टअप्स, जिन्होंने खींचा ध्यान

भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से अलग-अलग क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है। अगस्त 2026 में Clairva, Coreworks, eNLife Research, Kalpnk AI Studio और UpKraft जैसे पांच उभरते स्टार्टअप्स ने AI डेटा, बिजनेस इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, फिल्ममेकिंग और एजुकेशन में अपने अलग-अलग समाधानों के कारण ध्यान आकर्षित किया है।

अगस्त 2026 में नजर रखने लायक 5 AI स्टार्टअप्स, जिन्होंने खींचा ध्यान
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Inc42

भारत में AI स्टार्टअप्स का बढ़ता दायरा

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कहानी अब केवल बड़े भाषा मॉडल या चैटबॉट बनाने तक सीमित नहीं है। नई पीढ़ी के स्टार्टअप्स ऐसे व्यावहारिक क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं, जहां AI का इस्तेमाल कंपनियों, रिसर्च संस्थानों, विद्यार्थियों और क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए वास्तविक समस्याओं को हल करने में किया जा सकता है।

अगस्त 2026 में पांच स्टार्टअप्स — Clairva, Coreworks, eNLife Research, Kalpnk AI Studio और UpKraft — विशेष रूप से चर्चा में आए हैं। इन कंपनियों का काम बताता है कि भारत का AI इकोसिस्टम अब तेजी से विशेषज्ञ और सेक्टर-केंद्रित समाधानों की ओर बढ़ रहा है।

Clairva: Physical-World AI के लिए डेटा तैयार करने पर फोकस

2025 में Sunil Nair, Dushyant Verma और Sabari Raju द्वारा स्थापित Clairva वास्तविक दुनिया से मिलने वाले डेटा को AI सिस्टम के लिए उपयोगी बनाने पर काम कर रहा है।

रोबोटिक्स और मल्टीमॉडल AI जैसे सिस्टम को इंसानों की गतिविधियों, वस्तुओं, आवाज, हावभाव और वास्तविक वातावरण को समझने के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण डेटा की जरूरत होती है।

Clairva वीडियो और अन्य वास्तविक दुनिया के डेटा को संरचित जानकारी में बदलने का प्रयास करता है, जिसका इस्तेमाल AI मॉडल की ट्रेनिंग, फाइन-ट्यूनिंग और मूल्यांकन में किया जा सके।

कंपनी भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य Global South बाजारों से डेटा तैयार करने पर भी ध्यान दे रही है। इसके साथ ही डेटा के consent, licensing और provenance जैसे पहलुओं को भी महत्व दिया जा रहा है।

Clairva ने हाल में Venture Catalysts के नेतृत्व में $500,000 की pre-seed funding जुटाई है।

Coreworks: बिजनेस डेटा से रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन तैयार करने वाला AI

2025 में Prashant Kumar और Pavan Sondur द्वारा स्थापित Coreworks कंपनियों के डेटा से रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन बनाने की प्रक्रिया को आसान करने की कोशिश कर रहा है।

इसका AI प्लेटफॉर्म बिजनेस डेटा को समझकर रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन तैयार कर सकता है। खास बात यह है कि सिस्टम आंकड़ों के मूल स्रोत को ट्रेस करने की सुविधा देने पर भी जोर देता है।

इससे उपयोगकर्ता किसी रिपोर्ट में दिखाई गई संख्या के पीछे मौजूद spreadsheet cell, formula या संबंधित डेटा को पहचान सकते हैं।

यह मॉडल उन कंपनियों के लिए उपयोगी हो सकता है जहां कर्मचारियों को नियमित रूप से स्प्रेडशीट और डेटाबेस से जानकारी निकालकर रिपोर्ट या प्रेजेंटेशन तैयार करनी पड़ती है।

eNLife Research: बीमारी की शुरुआती पहचान में AI का इस्तेमाल

eNLife Research हेल्थकेयर और मेडिकल रिसर्च में AI की संभावनाओं पर काम कर रहा है।

2025 में Deepak Kumaran Nair, Jojo Jacob और Anish Mathew द्वारा स्थापित यह संगठन neurodegenerative diseases की शुरुआती पहचान के लिए biomarkers और AI आधारित analytics का इस्तेमाल कर रहा है।

इसके काम में biomarker discovery, early detection, precision therapeutics और genetic तथा biomarker डेटा के आधार पर personalised approaches शामिल हैं।

संगठन के अनुसार, इससे जुड़े शोध में 28 से अधिक publications, 1,700 से ज्यादा study participants, छह active studies और 15 से अधिक collaborations शामिल हैं।

हेल्थकेयर में AI की संभावनाएं बड़ी हैं, लेकिन ऐसे समाधानों के लिए मजबूत clinical validation और सटीकता बेहद महत्वपूर्ण होगी। इसलिए शुरुआती शोध के नतीजों को बड़े स्तर पर चिकित्सा उपयोग में लाने से पहले वैज्ञानिक और क्लिनिकल परीक्षण महत्वपूर्ण रहेंगे।

Kalpnk AI Studio: AI से फिल्ममेकिंग में नए प्रयोग

मुंबई स्थित Kalpnk AI Studio AI के क्रिएटिव इस्तेमाल पर काम कर रहा है।

2025 में शुरू हुआ यह filmmaker-led studio आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से cinematic production, branded content और visual storytelling विकसित करता है।

कंपनी का उद्देश्य AI tools का इस्तेमाल करके ऐसी visual worlds और cinematic sequences तैयार करना है, जिन्हें पारंपरिक तरीकों से बनाने में अधिक समय और संसाधन लग सकते हैं।

Kalpnk को The Red Crayon के लिए IFFI Goa 2025 में Best AI Film का सम्मान मिला था। इसके अलावा Mumbai Standard Time ने MIFF 2026 के CinemAI Hackathon में पहला स्थान हासिल किया।

AI आधारित फिल्म निर्माण लागत और तकनीकी बाधाओं को कम कर सकता है। हालांकि copyright, कलाकारों की भूमिका, रोजगार और AI-generated content की मौलिकता जैसे सवाल इस क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बने रहेंगे।

UpKraft: AI के साथ पर्सनलाइज्ड एजुकेशन

बेंगलुरु स्थित UpKraft शिक्षा के क्षेत्र में AI का इस्तेमाल कर रहा है।

2025 में Tejasvi Singh Kushwah, Varun Mangal और Kritika Varandani द्वारा स्थापित कंपनी extracurricular education को expert-led teaching और technology-based personalised learning के साथ जोड़ती है।

इसके प्लेटफॉर्म में एक AI Practice Companion शामिल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षाओं के बीच अभ्यास के दौरान फीडबैक देना है।

इसके अलावा personalised assignments, progress tracking और tutors, schools तथा academies के लिए management सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

UpKraft ने हाल में ₹1.6 करोड़ की pre-seed funding जुटाई, जिसका नेतृत्व PedalStart ने किया। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल AI product development, technology, hiring और विस्तार में करने की योजना बना रही है।

क्यों महत्वपूर्ण हैं ये पांच AI स्टार्टअप्स?

इन पांच कंपनियों की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे AI को एक ही प्रकार की समस्या पर लागू नहीं कर रही हैं।

Clairva AI और robotics के लिए real-world data infrastructure पर काम कर रहा है, जबकि Coreworks enterprise productivity और business intelligence पर केंद्रित है। eNLife Research healthcare और disease detection में AI की संभावनाएं तलाश रहा है। Kalpnk creative production और filmmaking में AI का उपयोग कर रहा है, जबकि UpKraft personalised education को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

यह विविधता दिखाती है कि भारत में AI का अवसर केवल अगला बड़ा chatbot या language model बनाने तक सीमित नहीं हो सकता।

भारतीय AI स्टार्टअप्स में बढ़ रहा निवेश

भारत के AI स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय AI स्टार्टअप्स ने 2026 की पहली छमाही में करीब $676 मिलियन की फंडिंग जुटाई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग चार गुना बताई गई है।

इसके साथ ही सरकार की IndiaAI Mission जैसी पहल देश में AI computing infrastructure, datasets और घरेलू AI मॉडल विकसित करने के प्रयासों को समर्थन दे रही है।

अवसर बड़े, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं

AI क्षेत्र में तेजी से बढ़ती फंडिंग और नए स्टार्टअप्स का आना उत्साहजनक है, लेकिन हर AI कंपनी का सफल बिजनेस बनना तय नहीं है।

स्टार्टअप्स को साबित करना होगा कि उनके उत्पाद केवल तकनीकी प्रदर्शन नहीं बल्कि वास्तविक ग्राहकों की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और ग्राहक उनके लिए लगातार भुगतान करने को तैयार हैं।

अलग-अलग क्षेत्रों की चुनौतियां भी अलग हैं। Healthcare AI को clinical validation चाहिए, education platforms को वास्तविक learning outcomes दिखाने होंगे और enterprise AI कंपनियों को security, reliability तथा data accuracy पर भरोसा कायम करना होगा।

Creative AI कंपनियों के सामने copyright और रोजगार से जुड़े सवाल हैं, जबकि AI data कंपनियों को consent और licensing जैसे मुद्दों को सावधानी से संभालना होगा।

आगे क्या?

भारत के लिए AI की अगली बड़ी सफलता जरूरी नहीं कि केवल दुनिया का सबसे बड़ा मॉडल बनाने से आए। स्थानीय डेटा, उद्योग विशेषज्ञता और वास्तविक समस्याओं पर आधारित specialised AI solutions भी वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियां खड़ी कर सकते हैं।

Clairva, Coreworks, eNLife Research, Kalpnk AI Studio और UpKraft इसी बदलते AI परिदृश्य की अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। अब इन स्टार्टअप्स के लिए अगली चुनौती अपनी तकनीक को बड़े पैमाने पर टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से सफल मॉडल में बदलने की होगी।


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