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स्टार्टअप

AI से खाना बनाने वाली मशीन बनाने वाला भारतीय स्टार्टअप जुटा सकता है ₹37 करोड़, upliance.ai की विदेशों में विस्तार की तैयारी ।

भारतीय स्टार्टअप दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अब केवल चैटबॉट और सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रह गया है। AI की मदद से खाना बनाने वाली स्मार्ट किचन मशीन विकसित करने वाला बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप upliance.ai एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा में है। कंपनी करीब 3 से 4 मिलियन डॉलर यानी लगभग 28 से 37 करोड़ रुपये की नई फंडिंग जुटाने के लिए बातचीत कर रही है।

AI से खाना बनाने वाली मशीन बनाने वाला भारतीय स्टार्टअप जुटा सकता है ₹37 करोड़, upliance.ai की विदेशों में विस्तार की तैयारी ।
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द्वारा साधना गुप्ता

स्रोत: Inc42, The Economic Times, upliance.ai

जनवरी 2027 तक पूरी हो सकती है फंडिंग डील

31 अक्टूबर को प्रकाशित Inc42 की रिपोर्ट के अनुसार, upliance.ai अपने Series A फंडिंग राउंड के लिए निवेशकों से उन्नत स्तर की बातचीत कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह निवेश प्रक्रिया जनवरी 2027 तक पूरी हो सकती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी के मौजूदा निवेशक Khosla Ventures भी इस राउंड में दोबारा निवेश करने पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा एक नए निवेशक के जुड़ने की संभावना है। यदि यह डील पूरी होती है, तो कंपनी को रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), सॉफ्टवेयर इंटरफेस और उत्पाद विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी मिलेगी। हालांकि निवेशकों के नाम, अंतिम निवेश राशि और कंपनी की नई वैल्यूएशन की पुष्टि अभी बाकी है। Inc42 ने कंपनी से प्रतिक्रिया मांगी है, लेकिन प्रकाशित रिपोर्ट में उसका आधिकारिक जवाब उपलब्ध नहीं था।

क्या है upliance.ai और कैसे काम करती है इसकी स्मार्ट मशीन?

upliance.ai एक भारतीय कंज्यूमर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप है, जो रोजमर्रा के खाना बनाने के काम को आसान करने वाले स्मार्ट किचन उपकरण विकसित करता है। कंपनी का प्रमुख उत्पाद Upliance 2.0+ एक AI आधारित कुकिंग असिस्टेंट है। इसमें टचस्क्रीन, इलेक्ट्रिक हीटिंग सिस्टम, स्मार्ट जार और ब्लेड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। मशीन सब्जियां काटने, सामग्री मिलाने, भूनने, भाप से पकाने और भोजन तैयार करने के कई चरणों को स्वचालित कर सकती है। कंपनी के अनुसार, इसमें 750 से अधिक गाइडेड रेसिपी उपलब्ध हैं। इनमें भारतीय व्यंजनों के साथ कई अंतरराष्ट्रीय पकवान भी शामिल हैं। हालांकि यह पूरी तरह अपने आप खाना बनाने वाला रोबोट नहीं है। उपयोगकर्ता को आवश्यक सामग्री तैयार करके मशीन में डालनी होती है और स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करना पड़ता है।

YouTube वीडियो से रेसिपी समझने में भी मदद करता है AI

upliance.ai की सबसे दिलचस्प तकनीकों में से एक जनरेटिव AI का इस्तेमाल है। कंपनी का सिस्टम YouTube पर मौजूद रेसिपी वीडियो को चरणबद्ध निर्देशों में बदलने में मदद करता है। इसके बाद इन निर्देशों को मशीन की उपलब्ध क्षमताओं के अनुसार तैयार किया जाता है। उदाहरण के लिए, किसी वीडियो में सब्जियां काटने, सामग्री मिलाने और अलग-अलग तापमान पर पकाने के चरण हों, तो सिस्टम उन्हें व्यवस्थित रेसिपी में बदल सकता है। उपयोगकर्ता कंपनी के मोबाइल ऐप से भी रेसिपी चुन सकते हैं। हालांकि हर वीडियो को बिना किसी बदलाव के मशीन पर तैयार किया जा सके, यह जरूरी नहीं है। परिणाम सामग्री, रेसिपी की जटिलता और उपकरण की क्षमताओं पर निर्भर करते हैं।

2021 में दो उद्यमियों ने शुरू किया था स्टार्टअप

upliance.ai की स्थापना साल 2021 में महेक मोदी (Mahek Mody) और मोहित शर्मा (Mohit Sharma) ने की थी। महेक इससे पहले इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी Ather Energy में काम कर चुके हैं, जबकि मोहित शर्मा का अनुभव Chaayos से जुड़ा रहा है। दोनों ने भारतीय रसोई में लगने वाले समय और मेहनत को कम करने के उद्देश्य से स्मार्ट कुकिंग उपकरण विकसित करने पर ध्यान दिया। कंपनी ने 2023 में अपना पहला AI कुकिंग असिस्टेंट लॉन्च किया था। इसके बाद उसने उत्पादों की क्षमताओं और रेसिपी विकल्पों का विस्तार किया। स्टार्टअप को लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी शो Shark Tank India के तीसरे सीजन में भी देखा गया था। हालांकि शो में कंपनी को निवेश नहीं मिला था।

पहले भी मिल चुका है ₹34 करोड़ का निवेश

upliance.ai के लिए यह पहला बड़ा फंडिंग प्रयास नहीं है। फरवरी 2024 में कंपनी ने Khosla Ventures के नेतृत्व में 34 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग जुटाई थी। उस समय कंपनी का मूल्यांकन लगभग 143 करोड़ रुपये बताया गया था। इससे पहले Draper Associates, Rukam Capital और Rainmatter जैसे निवेशक भी कंपनी का समर्थन कर चुके थे। पुराने निवेश का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, टीम का विस्तार करना और उत्पादों को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाना था। अब प्रस्तावित Series A राउंड के जरिए कंपनी अपने विकास के अगले चरण में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है।

जुलाई में लॉन्च किया था 12 लीटर का स्मार्ट एयर फ्रायर

कंपनी ने जुलाई 2026 में 12 लीटर क्षमता वाला Smart Air Fryer Oven भी लॉन्च किया था। यह उपकरण उन परिवारों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जो एक साथ ज्यादा मात्रा में भोजन तैयार करना चाहते हैं। इसमें Texture Control नाम की तकनीक इस्तेमाल की गई है, जो भोजन की वांछित बनावट के अनुसार तापमान और हीटिंग प्रक्रिया को नियंत्रित करती है। कंपनी के अनुसार, इसके हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का विकास भारत में किया गया है। नए उत्पाद के साथ upliance.ai अब केवल एक स्मार्ट कुकिंग मशीन तक सीमित रहने के बजाय विभिन्न किचन उपकरणों की श्रेणी में विस्तार कर रही है।

विदेशों में विस्तार की तैयारी, लेकिन बाजार अभी तय नहीं

प्रस्तावित फंडिंग का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करना भी है। हालांकि कंपनी किन देशों में अपने उपकरण लॉन्च करेगी, इस बारे में कोई निश्चित घोषणा नहीं हुई है। विदेशी बाजारों में विस्तार के लिए उपकरणों को वहां की बिजली संबंधी आवश्यकताओं, खाद्य संस्कृति और सुरक्षा मानकों के अनुकूल बनाना पड़ सकता है। इसके अलावा ग्राहक सहायता, उत्पाद की मरम्मत और वितरण व्यवस्था तैयार करना भी महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की AI आधारित रेसिपी तकनीक विदेशी ग्राहकों तक पहुंचने में मदद कर सकती है, लेकिन इसकी व्यावसायिक सफलता वास्तविक मांग और कीमत पर निर्भर करेगी।

स्मार्ट किचन बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

भारत में स्मार्ट किचन उपकरणों का बाजार तेजी से बदल रहा है। Inc42 की रिपोर्ट में MarkNtel Advisors के अनुमान का हवाला देते हुए बताया गया है कि भारतीय स्मार्ट किचन अप्लायंस बाजार 2026 में लगभग 800 मिलियन डॉलर का है। वर्ष 2032 तक इसके 2.99 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस बाजार में upliance.ai के अलावा Wonderchef जैसी कंपनियां भी सक्रिय हैं। Wonderchef ने 2024 में Chef Magic नाम का ऑटोमेटेड कुकिंग उपकरण पेश किया था। वहीं Philips ने मार्च 2026 में OneChef लॉन्च किया, जिसमें कई तरह की खाना पकाने की सुविधाएं शामिल हैं। ऐसे में नए स्टार्टअप्स को बेहतर तकनीक के साथ प्रतिस्पर्धी कीमत और विश्वसनीय सेवा भी उपलब्ध करानी होगी।

क्या AI मशीनें भारतीय रसोई का भविष्य बदलेंगी?

भारत में खाना बनाने की प्रक्रिया में अलग-अलग मसालों, तापमान और पकाने की तकनीकों का इस्तेमाल होता है। इसलिए भारतीय व्यंजनों के लिए उपयोगी स्मार्ट उपकरण तैयार करना तकनीकी चुनौती भी है। AI आधारित मशीनें भोजन बनाने में लगने वाली सक्रिय मेहनत कम कर सकती हैं, लेकिन उनकी कीमत, सफाई, बिजली की जरूरत और रखरखाव जैसे पहलू ग्राहकों के फैसले को प्रभावित करेंगे। छोटे परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और खाना बनाना सीख रहे युवाओं के लिए ऐसे उत्पाद उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ये उपकरण पारंपरिक रसोई के साधनों की जगह बड़े पैमाने पर ले लेंगे।

upliance.ai के लिए आगे क्या हैं चुनौतियां?

कंपनी के सामने अब तीन महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं—नया निवेश हासिल करना, उत्पादों को बेहतर बनाना और विदेशी बाजारों में ग्राहकों का भरोसा जीतना। स्मार्ट हार्डवेयर विकसित करने में रिसर्च, उत्पादन और ग्राहकों को बिक्री के बाद सहायता देने पर लगातार खर्च करना पड़ता है। इसलिए फंडिंग के साथ कारोबार की वास्तविक आय और लागत पर नियंत्रण भी जरूरी होगा। फिलहाल upliance.ai का ₹28 से ₹37 करोड़ का Series A फंडिंग राउंड बातचीत के चरण में है। यदि समझौता पूरा होता है, तो कंपनी को भारतीय स्मार्ट किचन तकनीक अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का नया अवसर मिल सकता है। आने वाले महीनों में निवेश की अंतिम शर्तें और विस्तार की आधिकारिक योजना इस स्टार्टअप का अगला महत्वपूर्ण कदम तय करेंगी।

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