यह फंडिंग राउंड 7 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक किया गया था। 1 नवंबर तक यह खबर भारतीय AI और स्टार्टअप सेक्टर में चर्चा का विषय बनी हुई है। Desible.ai की खासियत यह है कि यह केवल Voice AI यानी आवाज के जरिए बातचीत करने वाला सिस्टम नहीं बना रहा, बल्कि ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है जो ग्राहक से संपर्क करने के बाद उससे जुड़े व्यावसायिक कार्यों को भी आगे बढ़ा सके।
क्या है Desible.ai और कौन हैं इसके संस्थापक?
Desible.ai की स्थापना 2025 में उत्तम तिवारी और ओंकार रायकर ने की थी। बेंगलुरु स्थित यह कंपनी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र के लिए Agentic AI आधारित वर्कफ्लो तैयार करती है। BFSI का मतलब Banking, Financial Services and Insurance है। इस क्षेत्र में बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs), बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों को शामिल किया जाता है। सामान्य Voice AI सिस्टम मुख्य रूप से ग्राहक की बात सुनने और उसका जवाब देने पर काम करते हैं। इसके विपरीत Agentic AI को किसी तय उद्देश्य की दिशा में कई चरणों वाले काम पूरे करने के लिए तैयार किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ग्राहक की बीमा पॉलिसी नवीनीकरण की तारीख नजदीक है, तो AI एजेंट उसे कॉल कर सकता है, आवश्यक जानकारी दे सकता है, ग्राहक की प्रतिक्रिया दर्ज कर सकता है और तय प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर सकता है।
कंपनी का उद्देश्य इसी तरह ग्राहक संवाद को वास्तविक कारोबारी प्रक्रियाओं से जोड़ना है।
₹32 करोड़ की फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा?
Prime Venture Partners के नेतृत्व में जुटाई गई इस Seed Plus फंडिंग में मौजूदा निवेशक Invention Engine भी शामिल हुआ है। कंपनी के अनुसार, नई पूंजी चार प्रमुख क्षेत्रों में लगाई जाएगी। पहला, Agentic AI की तकनीकी क्षमता को और बेहतर बनाना। दूसरा, वित्तीय संस्थानों की जरूरतों के अनुरूप अनुपालन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना। तीसरा, नए संस्थागत ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए बिक्री और कारोबार विस्तार को गति देना। चौथा, उत्पाद विकास और मौजूदा सिस्टम के साथ तकनीकी एकीकरण पर काम करना।
वित्तीय संस्थानों के लिए AI तकनीक विकसित करना सामान्य ग्राहक सेवा चैटबॉट बनाने से अधिक जटिल है। बैंक और बीमा कंपनियां ग्राहकों की वित्तीय और व्यक्तिगत जानकारी संभालती हैं। इसलिए उनके लिए AI सिस्टम का सही जानकारी देना, ग्राहक की सहमति का रिकॉर्ड रखना और हर कार्रवाई का हिसाब उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है। Desible.ai इसी जरूरत को ध्यान में रखकर अपना प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है।
25 से ज्यादा AI वर्कफ्लो पर काम कर रहा है स्टार्टअप
Desible.ai के प्लेटफॉर्म पर 25 से अधिक Agentic AI वर्कफ्लो उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। ये वर्कफ्लो राजस्व बढ़ाने, जोखिम प्रबंधन, अनुपालन, कलेक्शन, अंडरराइटिंग, ग्राहक सेवा और बीमा क्लेम जैसी गतिविधियों से जुड़े हैं। कंपनी के मुताबिक, इसका प्लेटफॉर्म हर महीने 1 करोड़ से अधिक ग्राहक संवाद संभाल रहा है और 40 से ज्यादा BFSI संस्थान इसका इस्तेमाल कर रहे हैं या इसका मूल्यांकन कर रहे हैं। ये आंकड़े कंपनी की ओर से बताए गए हैं।
इस तकनीक के कुछ प्रमुख इस्तेमाल इस प्रकार हैं:
पॉलिसी रिन्यूअल: ग्राहकों को बीमा पॉलिसी नवीनीकरण की याद दिलाना और उनकी प्रतिक्रिया दर्ज करना।
कलेक्शन: बकाया भुगतान के लिए ग्राहकों से संपर्क करना और भुगतान से संबंधित जानकारी देना।
लीड क्वालिफिकेशन: संभावित ग्राहकों से शुरुआती बातचीत कर उनकी जरूरत समझना।
क्लेम सर्विसिंग: बीमा क्लेम की सूचना लेना और ग्राहक को आगे की प्रक्रिया समझाना।
वेलकम कॉलिंग: नई पॉलिसी या सेवा लेने वाले ग्राहकों से संपर्क कर जरूरी जानकारी देना।
क्रॉस-सेलिंग: मौजूदा ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार दूसरी वित्तीय सेवाओं या उत्पादों की जानकारी देना।
कंपनी के अनुसार, ये AI एजेंट केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं हैं। इन्हें WhatsApp, SMS और ईमेल जैसे माध्यमों पर भी काम करने के लिए तैयार किया गया है। साथ ही इन्हें संस्थानों के मौजूदा सॉफ्टवेयर और कारोबारी सिस्टम से जोड़ा जा सकता है।
बैंक और बीमा क्षेत्र में AI के लिए अनुपालन क्यों जरूरी?
वित्तीय सेवाओं में AI लागू करने के रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती भरोसा और नियमों का पालन है। किसी सामान्य ऑनलाइन खरीदारी के सवाल का गलत जवाब और किसी बैंकिंग या बीमा प्रक्रिया में गलत जानकारी देने के परिणाम एक जैसे नहीं होते। वित्तीय सेवाओं में गलत संवाद से ग्राहक को आर्थिक नुकसान, गलत पॉलिसी जानकारी या भुगतान संबंधी परेशानी हो सकती है।
इसी वजह से Desible.ai अपने प्लेटफॉर्म को तय नियमों और पूर्वनिर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार काम करने के लिए डिजाइन कर रहा है। कंपनी का कहना है कि ग्राहक को जरूरी जानकारी देना, सहमति लेना और जरूरत पड़ने पर बातचीत को मानव कर्मचारी तक पहुंचाना जैसे कदम निर्धारित नियमों के तहत किए जा सकते हैं। हर चरण का रिकॉर्ड और ऑडिट ट्रेल रखने की व्यवस्था भी इसकी कार्यप्रणाली का हिस्सा है।
कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म को IRDAI, TRAI/DLT, RBI और Digital Personal Data Protection (DPDP) से जुड़े अनुपालन ढांचों को ध्यान में रखकर तैयार करने की बात कही है। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन सभी नियामकों ने कंपनी को अलग से प्रमाणित या अनुमोदित कर दिया है। संस्थानों को AI सिस्टम अपनाने से पहले उसके वास्तविक अनुपालन, डेटा सुरक्षा और ग्राहक सहमति से जुड़ी व्यवस्था की जांच करनी होगी।
Voice AI से आगे बढ़ने की रणनीति
Desible.ai के सह-संस्थापक उत्तम तिवारी का कहना है कि Voice AI कंपनी के लिए शुरुआत का माध्यम है, अंतिम लक्ष्य नहीं। कंपनी वित्तीय संस्थानों के लिए ऐसा Agentic AI प्लेटफॉर्म बनाना चाहती है जो बातचीत के साथ-साथ पूरे वर्कफ्लो को आगे बढ़ा सके।
Prime Venture Partners ने भी इस निवेश के संदर्भ में कहा है कि वित्तीय सेवाओं में AI की सफलता केवल सामान्य AI मॉडल पर निर्भर नहीं करेगी। इसके लिए उद्योग की प्रक्रियाओं, ग्राहक संवाद और नियामकीय जरूरतों की गहरी समझ जरूरी होगी। यही वजह है कि ऐसे AI प्लेटफॉर्म में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है जो किसी खास उद्योग की वास्तविक समस्याओं को हल कर सकें।
स्टार्टअप के सामने क्या हैं चुनौतियां?
Desible.ai के लिए फंडिंग जुटाना कारोबार बढ़ाने का अवसर है, लेकिन वित्तीय क्षेत्र में AI को बड़े स्तर पर लागू करना आसान नहीं होगा। बैंक और बीमा कंपनियां नई तकनीक अपनाने से पहले उसकी विश्वसनीयता, डेटा सुरक्षा, लागत और मौजूदा सिस्टम के साथ तालमेल की जांच करती हैं।
AI एजेंट को अलग-अलग भाषाओं और बोलियों में ग्राहकों की बात समझनी होगी। उसे ग्राहक के सवाल, बातचीत के बीच में आने वाले बदलाव और शिकायतों को भी सही तरीके से संभालना होगा। इसके अलावा, संवेदनशील वित्तीय मामलों में AI को कब खुद जवाब देना है और कब किसी मानव कर्मचारी की मदद लेनी है, यह तय करना भी जरूरी है।
Prime Venture Partners के आधिकारिक पॉडकास्ट में कंपनी के संस्थापकों ने भी बताया कि केवल एक अच्छा AI डेमो या शुरुआती परीक्षण किसी बैंक अथवा बीमा कंपनी में स्थायी इस्तेमाल की गारंटी नहीं देता। इसके लिए सुरक्षा टीमों, कानूनी विभागों और कारोबार से जुड़े निर्णयकर्ताओं का भरोसा जीतना पड़ता है।
भारतीय BFSI सेक्टर में AI की बढ़ती भूमिका
Desible.ai की 32 करोड़ रुपये की फंडिंग भारत में उद्योग-विशेष AI समाधानों के लिए बढ़ती निवेशक दिलचस्पी को दिखाती है। बैंक और बीमा कंपनियां ग्राहक सेवा, पॉलिसी नवीनीकरण, भुगतान संबंधी संपर्क और क्लेम प्रक्रिया जैसे कामों में ऑटोमेशन की संभावनाएं तलाश रही हैं।
हालांकि, कंपनी की असली सफलता इस बात से तय होगी कि उसके AI एजेंट कितनी सटीकता से काम करते हैं, ग्राहकों की जानकारी कितनी सुरक्षित रखते हैं और वित्तीय संस्थानों के लिए कितनी वास्तविक उपयोगिता पैदा करते हैं। फिलहाल Desible.ai का लक्ष्य Voice AI से आगे बढ़कर वित्तीय सेवाओं के लिए एक व्यापक AI वर्कफ्लो प्लेटफॉर्म बनना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपनी नई फंडिंग का इस्तेमाल करके कितने संस्थानों तक पहुंच बना पाती है।
