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भारत में Gen Z पर Snapchat की मजबूत पकड़, अब कमाई बढ़ाने की बारी?

भारत में 25 करोड़ से अधिक यूजर्स तक पहुंच बना चुका Snapchat अब अपने बड़े Gen Z यूजर बेस को मजबूत विज्ञापन और कॉमर्स बिजनेस में बदलने पर जोर दे रहा है। कंपनी का कहना है कि पिछले दो वर्षों में उसके प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनदाताओं की संख्या करीब 10 गुना बढ़ी है, लेकिन अगली बड़ी चुनौती इस बढ़ते ध्यान और जुड़ाव को मापने योग्य कारोबारी नतीजों में बदलना है।

भारत में Gen Z पर Snapchat की मजबूत पकड़, अब कमाई बढ़ाने की बारी?
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Inc42

Snapchat के पास Gen Z का ध्यान, अब फोकस मोनेटाइजेशन पर

भारत के युवा इंटरनेट यूजर्स के बीच Snapchat ने मजबूत जगह बनाई है। खास तौर पर Gen Z के लिए यह प्लेटफॉर्म केवल फोटो और वीडियो शेयर करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोस्तों से बातचीत, प्रोडक्ट डिस्कवरी और खरीदारी से जुड़े फैसलों का भी हिस्सा बनता जा रहा है।

Snap के मुताबिक, भारत में Snapchat के 250 मिलियन यानी 25 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इतनी बड़ी पहुंच कंपनी के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार बनाती है। अब सवाल केवल यूजर संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि इस विशाल और युवा ऑडियंस से टिकाऊ विज्ञापन आय तैयार करने का है।

खरीदारी के फैसलों में दोस्तों की राय महत्वपूर्ण

Snapchat और GWI से जुड़े शोध के मुताबिक, Gen Z की खरीदारी यात्रा में सोशल वैलिडेशन की भूमिका मजबूत हो रही है। करीब 70% Gen Z उपभोक्ताओं का कहना है कि क्रिएटर कंटेंट उन्हें प्रोडक्ट खोजने में मदद करता है, जबकि 76% के अनुसार भरोसेमंद लोगों से तुरंत मिलने वाली प्रतिक्रिया खरीदारी के फैसले में उनका आत्मविश्वास बढ़ाती है।

इसी शोध में 63% उपभोक्ताओं ने कहा कि वे खरीदने से पहले प्रोडक्ट को दोस्तों या परिवार के साथ शेयर करते हैं। Snapchat के लिए यह व्यवहार खास मायने रखता है क्योंकि प्लेटफॉर्म की पहचान करीबी दोस्तों और परिवार के बीच निजी बातचीत से जुड़ी हुई है।

विज्ञापनदाताओं की संख्या में 10 गुना बढ़ोतरी

Snap India के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान उसके विज्ञापनदाताओं की संख्या लगभग 10 गुना बढ़ी है। लगातार विज्ञापन खर्च करने वाले ब्रांड्स के खर्च में भी करीब तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

पहले Snapchat पर मुख्य रूप से डिजिटल और ऑनलाइन-फर्स्ट कंपनियों की दिलचस्पी दिखाई देती थी। अब पारंपरिक, ऑफलाइन और अलग-अलग श्रेणियों के ब्रांड भी प्लेटफॉर्म को अपने मार्केटिंग मिश्रण में शामिल कर रहे हैं।

यह बदलाव Snapchat के लिए महत्वपूर्ण है। किसी सोशल प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक सफलता केवल बड़ी ऑडियंस से तय नहीं होती; विज्ञापनदाताओं को लंबे समय तक बनाए रखना और उनके खर्च को बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।

भारत का फेस्टिव सीजन बन सकता है बड़ा अवसर

भारत में रक्षाबंधन, ओणम, करवा चौथ और दिवाली जैसे त्योहार ब्रांड्स के लिए बड़े मार्केटिंग अवसर पैदा करते हैं। Snapchat इसी लंबे फेस्टिव शॉपिंग साइकल का फायदा उठाकर अपने विज्ञापन कारोबार को मजबूत करना चाहता है।

शोध के अनुसार, लगभग चार में से एक नहीं बल्कि करीब चार में से दो के करीब Gen Z उपभोक्ता दिवाली की खरीदारी की योजना एक महीने से ज्यादा पहले बनाना शुरू कर देते हैं। वहीं 70% युवा उपभोक्ता फेस्टिव सीजन को एक अकेले शॉपिंग अवसर के बजाय कई अलग-अलग उत्सवों की श्रृंखला के रूप में देखते हैं।

इससे Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म को ब्रांड डिस्कवरी से लेकर खरीदारी के फैसले तक अलग-अलग चरणों में विज्ञापन दिखाने का अवसर मिल सकता है।

AR और इमर्सिव विज्ञापन Snapchat की ताकत

Snapchat का कैमरा-फर्स्ट अनुभव और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) इसकी विज्ञापन रणनीति के प्रमुख हिस्से हैं। कंपनी वीडियो, AR और दूसरे इमर्सिव फॉर्मेट्स के जरिए ऐसे विज्ञापन अनुभव बनाने की कोशिश कर रही है जो पारंपरिक सोशल मीडिया विज्ञापनों से अलग महसूस हों।

कंपनी के विज्ञापन प्लेटफॉर्म में बिक्री, ऐप इंस्टॉल, लीड और अन्य प्रदर्शन आधारित लक्ष्यों के लिए भी समाधान मौजूद हैं। इससे संकेत मिलता है कि Snap केवल ब्रांड जागरूकता तक सीमित रहने के बजाय परफॉर्मेंस मार्केटिंग में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है।

लेकिन मुकाबला आसान नहीं

भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार बेहद प्रतिस्पर्धी है। मार्केटर्स के पास पहले से कई स्थापित डिजिटल प्लेटफॉर्म और विज्ञापन चैनल मौजूद हैं। इसलिए केवल यह साबित करना कि Gen Z Snapchat पर सक्रिय है, लंबे समय में पर्याप्त नहीं होगा।

ब्रांड यह भी जानना चाहेंगे कि Snapchat पर खर्च किया गया पैसा कितनी बिक्री, ऐप इंस्टॉल, लीड या अन्य मापने योग्य परिणाम पैदा करता है।

यही वजह है कि Snapchat के सामने अगला चरण attention से conversion की ओर बढ़ने का है।

Snapchat के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में बड़ी युवा आबादी और तेजी से बढ़ता डिजिटल उपभोग Snapchat के लिए दीर्घकालिक अवसर पेश करता है। Snap का कहना है कि Gen Z पहले से भारत की कुल खपत में 43% योगदान देता है और इस पीढ़ी की खर्च करने की क्षमता आने वाले वर्षों में काफी बढ़ सकती है।

यदि Snapchat अपने युवा यूजर बेस, निजी बातचीत, क्रिएटर कंटेंट और AR अनुभवों को प्रभावी कॉमर्स और परफॉर्मेंस विज्ञापन मॉडल से जोड़ पाता है, तो भारत उसके लिए केवल यूजर ग्रोथ का बाजार नहीं बल्कि महत्वपूर्ण राजस्व बाजार भी बन सकता है।

संतुलित विश्लेषण

Snapchat के पक्ष में सबसे बड़ा तत्व उसका विशाल और युवा भारतीय यूजर बेस है। Gen Z के बीच मजबूत जुड़ाव उसे उन ब्रांड्स के लिए आकर्षक बनाता है जो अगली पीढ़ी के ग्राहकों तक पहुंचना चाहते हैं। विज्ञापनदाताओं की संख्या में तेज बढ़ोतरी भी बताती है कि बाजार में प्लेटफॉर्म को लेकर व्यावसायिक दिलचस्पी बढ़ रही है।

दूसरी तरफ, बड़ी ऑडियंस अपने आप बड़ी आय की गारंटी नहीं देती। Snapchat को यह साबित करना होगा कि उसके विज्ञापन न केवल ध्यान आकर्षित करते हैं बल्कि लगातार और मापने योग्य कारोबारी परिणाम भी देते हैं।

इसलिए भारत में Snapchat की अगली परीक्षा यूजर हासिल करने की नहीं, बल्कि Gen Z के attention को sustainable revenue में बदलने की है।


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