DigitalPaani Raises ₹22 Crore: AI-Powered Water Management प्लेटफॉर्म के विस्तार के लिए मिली नई फंडिंग
Introduction
भारत में पानी की कमी और wastewater management की बढ़ती चुनौती के बीच टेक्नोलॉजी आधारित समाधान निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। इसी क्षेत्र में काम करने वाली DigitalPaani ने ₹22 करोड़ की नई फंडिंग जुटाई है।
इस निवेश दौर का नेतृत्व Navam Capital ने किया। Enzia Ventures, Chakra Growth Capital, 3one4 Capital, Momentum Capital, Achieving Women Entrepreneurs Early Growth Fund और Echo River Capital ने भी इसमें भाग लिया।
कंपनी ने फंडिंग राउंड की स्टेज और अपना valuation सार्वजनिक नहीं किया है।
नई पूंजी कहां खर्च करेगी DigitalPaani?
DigitalPaani के मुताबिक, नई पूंजी मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में लगाई जाएगी—औद्योगिक और नगरपालिका बाजारों में कंपनी की पहुंच बढ़ाने, बढ़ते institutional customer base के लिए operations को scale करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार शुरू करने में।
इसके साथ कंपनी अपने core operations को भी मजबूत करने की योजना बना रही है।
यह रणनीति महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में industries, commercial facilities और municipalities पर पानी के बेहतर इस्तेमाल, wastewater recycling और environmental compliance का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
AI और IoT से कैसे काम करता है DigitalPaani का प्लेटफॉर्म?
2020 में Mansi Jain और Rajesh Jain द्वारा स्थापित DigitalPaani पानी और wastewater infrastructure के management के लिए AI और IoT आधारित टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराती है।
कंपनी का प्लेटफॉर्म water infrastructure से real-time operational data लेता है और उसकी तुलना इस बात से करता है कि संबंधित asset को उसके design के अनुसार किस तरह काम करना चाहिए।
इस analysis के आधार पर सिस्टम operational inefficiencies की पहचान कर सकता है और equipment management, maintenance, inventory tracking तथा service teams के coordination जैसे कामों को automate करने में मदद करता है।
इसके अलावा प्लेटफॉर्म real-time water tracking, predictive maintenance और workflow management जैसी क्षमताएं भी प्रदान करता है।
95 से अधिक Facilities पर काम कर रही कंपनी
DigitalPaani के अनुसार, उसकी टेक्नोलॉजी फिलहाल भारत में 95 से अधिक facilities में इस्तेमाल की जा रही है। ये facilities मिलकर प्रतिदिन 150 million litres यानी 15 करोड़ लीटर से अधिक पानी का treatment करती हैं।
कंपनी के बताए customer base में Britannia, Leela Hotels, Tata Group और Delhi Jal Board जैसे नाम शामिल हैं।
DigitalPaani का दावा है कि उसकी deployments ने कुछ non-compliant plants को पूरी तरह operational बनाने में मदद की है और operational costs में 25% तक की कमी हासिल की गई है।
कंपनी ने यह भी कहा है कि पिछले दो वर्षों में उसका revenue करीब छह गुना बढ़ा है। हालांकि, उसने इस अवधि के वास्तविक revenue आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।
Water Infrastructure की समस्या पर कंपनी का फोकस
DigitalPaani का कहना है कि भारत में sewage treatment plants जैसे करीब 75% critical water assets अपनी पूरी क्षमता पर काम नहीं कर पाते। कंपनी इस स्थिति के पीछे equipment failure की बजाय operational complexity को एक प्रमुख समस्या बताती है।
ऐसी inefficiencies के कारण wastewater recycling की क्षमता पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाती, compliance प्रभावित हो सकती है और उपलब्ध water infrastructure पर किए गए निवेश का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
DigitalPaani इसी operational gap को AI आधारित automation, monitoring और predictive management के जरिए कम करने की कोशिश कर रही है।
Mansi Jain ने क्या कहा?
DigitalPaani की CEO और Co-Founder Mansi Jain ने फंडिंग को intelligent infrastructure management की बढ़ती जरूरत से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि यह निवेश इस बात की पुष्टि करता है कि intelligent infrastructure management अब luxury नहीं, बल्कि जरूरी है। Jain के मुताबिक, कंपनी का लक्ष्य अपनी तकनीक को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक स्तर पर water scarcity की समस्या से निपटने में योगदान देना है।
Navam Capital क्यों लगा रहा है दांव?
Navam Capital के Investment Partner Anjan Ray ने intelligent water management को industrial और commercial installations के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उनके मुताबिक, DigitalPaani के बड़े customer portfolio और water infrastructure domain में उसकी विशेषज्ञता ने निवेशक को यह भरोसा दिया है कि कंपनी भारत और दूसरे बाजारों में water infrastructure के लिए एक व्यापक operating system के रूप में विकसित हो सकती है।
WaterTech में AI की भूमिका क्यों बढ़ रही है?
DigitalPaani की फंडिंग सिर्फ एक startup investment की कहानी नहीं है। इसके पीछे water infrastructure में एक व्यापक बदलाव दिखाई देता है।
पानी की उपलब्धता पर बढ़ता दबाव, wastewater reuse की जरूरत और कड़े environmental regulations industries तथा municipalities को मौजूदा infrastructure से बेहतर परिणाम निकालने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
ऐसे में AI और IoT का इस्तेमाल केवल पानी की खपत मापने तक सीमित नहीं रह जाता। Real-time monitoring से operators खराब performance जल्दी पहचान सकते हैं, predictive maintenance के जरिए संभावित breakdown से पहले कार्रवाई की जा सकती है और wastewater treatment plants की उपलब्ध क्षमता का अधिक प्रभावी इस्तेमाल संभव हो सकता है।
DigitalPaani के लिए ₹22 करोड़ की यह फंडिंग अब इसी मॉडल को बड़े पैमाने पर लागू करने की परीक्षा होगी। कंपनी को भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के साथ यह भी साबित करना होगा कि उसका AI-driven approach अलग-अलग industrial और municipal water systems में लगातार मापने योग्य परिणाम दे सकता है।
