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Indian Startup IPO Activity: भारतीय स्टार्टअप्स में IPO की दौड़ तेज, AceVector से Spinny तक कई कंपनियां Dalal Street की ओर

भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में IPO गतिविधियां तेज हो रही हैं। 2025 में 18 स्टार्टअप्स द्वारा रिकॉर्ड ₹41,248 करोड़ जुटाने के बाद 2026 में 29 स्टार्टअप SEBI के पास DRHP दाखिल कर चुके हैं, जबकि 25 से अधिक कंपनियां IPO योजना के विभिन्न चरणों में हैं। Snapdeal की पैरेंट AceVector, Spinny और Furlenco जैसे नाम अब फोकस में हैं।

Indian Startup IPO Activity: भारतीय स्टार्टअप्स में IPO की दौड़ तेज, AceVector से Spinny तक कई कंपनियां Dalal Street की ओर
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Inc42 Media

Indian Startup IPO: प्राइवेट फंडिंग से पब्लिक मार्केट की ओर बढ़ रहे स्टार्टअप

नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026: भारत के स्टार्टअप सेक्टर में IPO गतिविधियां एक बार फिर निवेशकों के फोकस में आ गई हैं। कई नई पीढ़ी की कंपनियां शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं और कुछ ने अपनी listing प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा दिए हैं।

2025 भारतीय स्टार्टअप IPO के लिहाज से रिकॉर्ड वर्ष रहा था। उस साल 18 भारतीय स्टार्टअप शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए और उन्होंने सामूहिक रूप से ₹41,248 करोड़ जुटाए। 2026 में यह pipeline और बड़ी होती दिखाई दे रही है। Inc42 के 20 सितंबर के tracker के मुताबिक, 29 स्टार्टअप SEBI के पास Draft Red Herring Prospectus यानी DRHP दाखिल कर चुके हैं, जबकि 25 से अधिक स्टार्टअप अपनी IPO योजनाओं को अंतिम रूप देने के अलग-अलग चरणों में हैं।

Snapdeal की पैरेंट AceVector का IPO अगले महीने

मौजूदा startup IPO pipeline में Snapdeal की पैरेंट कंपनी AceVector प्रमुख नामों में शामिल है। 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अगले महीने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी में है। यह कंपनी का listing की दिशा में दूसरा प्रयास है।

AceVector का प्रस्तावित IPO ₹420 करोड़ का है। इसमें ₹287 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाने हैं, जबकि Offer for Sale यानी OFS के जरिए 4.16 करोड़ शेयर बेचे जाने की योजना है।

कंपनी ने IPO के लिए ₹30 से ₹32 प्रति शेयर का price band तय किया है। ऊपरी स्तर ₹32 प्रति शेयर के आधार पर AceVector की valuation करीब ₹1,741 करोड़ बैठती है। IPO अगले सप्ताह खुलने की तैयारी में है।

AceVector के कारोबार से जुड़े प्रमुख पहलुओं में value-focused ecommerce, गैर-मेट्रो बाजारों पर फोकस और listed ecommerce-enablement company Unicommerce में उसकी हिस्सेदारी शामिल हैं। रिपोर्ट में कंपनी की revenue profile और unit economics में सुधार को भी उसके IPO case के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में रेखांकित किया गया है।

Spinny ने दाखिल किए Draft IPO Papers

Used-car marketplace Spinny भी public market की दिशा में आगे बढ़ रही है। 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने अपने IPO के लिए draft papers दाखिल कर दिए हैं।

Spinny का यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारत के consumer internet और automotive technology segment से एक और बड़ा startup public-market pipeline में शामिल हो गया है।

हालांकि draft papers दाखिल करना IPO प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन इसे listing की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। Regulatory review, market conditions और कंपनी के अंतिम फैसले के आधार पर IPO की timing और structure में बदलाव संभव होता है।

Furlenco भी Dalal Street की तैयारी में

Furniture rental और lifestyle segment की कंपनी Furlenco भी अपने stock-market debut की दिशा में आगे बढ़ रही है। 23 सितंबर की startup roundup में कंपनी को उन प्रमुख स्टार्टअप्स में शामिल किया गया है जो अपनी listing plans आगे बढ़ा रहे हैं।

इससे startup IPO pipeline केवल fintech या ecommerce तक सीमित नहीं रह गई है। Consumer services, quick commerce, manufacturing, hospitality और दूसरे technology-enabled sectors की कंपनियां भी public market में प्रवेश की तैयारी कर रही हैं।

Zepto, PhonePe, OYO और Zetwerk भी IPO Pipeline का हिस्सा

भारत की startup IPO pipeline में कई बड़े नाम पहले से मौजूद हैं। जुलाई में प्रकाशित Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार quick-commerce कंपनी Zepto और manufacturing startup Zetwerk को उनकी आगामी listings के लिए regulatory approvals मिल चुके थे। PhonePe और OYO भी IPO pipeline में शामिल थे। CarDekho और InsuranceDekho भी public-market debut की दिशा में काम कर रहे थे।

यह pipeline अलग-अलग business models को दर्शाती है—quick commerce से fintech और hospitality तक नई पीढ़ी की कंपनियां public equity investors तक पहुंचने की तैयारी कर रही हैं।

2025 में 18 Startup IPOs ने जुटाए रिकॉर्ड ₹41,248 करोड़

2026 की गतिविधि को समझने के लिए पिछले साल के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। 2025 में 18 भारतीय स्टार्टअप्स ने stock exchanges पर listing के जरिए कुल ₹41,248 करोड़ जुटाए थे, जो startup IPO fundraising के लिहाज से रिकॉर्ड स्तर था।

अब 2026 में कंपनियों की संख्या और pipeline दोनों बड़े दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि pipeline में शामिल हर कंपनी इसी साल listing पूरी कर लेगी।

IPO प्रक्रिया regulatory approval, market sentiment, valuation expectations और कंपनी की अपनी fundraising strategy सहित कई कारकों पर निर्भर करती है।

सिर्फ Startup नहीं, पूरे भारतीय IPO Market में बढ़ी हलचल

Startup listings की तेजी भारत के व्यापक primary market में बढ़ रही गतिविधि के बीच सामने आई है। 2026 की पहली छमाही अपेक्षाकृत धीमी रहने के बाद जुलाई और अगस्त में mainboard IPO activity में तेजी आई। Indian Express के अनुसार बेहतर market conditions और पहले से जमा issuance pipeline ने इस सुधार में भूमिका निभाई।

सितंबर में भी primary market व्यस्त बना हुआ है। 23 सितंबर को ही कई mainboard IPO निवेशकों के लिए खुले। इसके अलावा NSE का करीब $2.3 billion का IPO 5.71 गुना subscribe हुआ और इसे 505.81 million shares के लिए bids मिलीं, जबकि offer पर 88.64 million shares थे। Qualified institutional buyers का हिस्सा 12.68 गुना subscribe हुआ।

यह startup-specific आंकड़ा नहीं है, लेकिन इससे उस व्यापक primary-market environment का अंदाजा मिलता है जिसमें नई पीढ़ी की कंपनियां अपने IPO की तैयारी कर रही हैं।

2026 में Investors किन बातों पर दे रहे हैं ध्यान?

IPO pipeline बड़ी होने के बावजूद नई पीढ़ी की कंपनियों के लिए केवल growth story पर्याप्त नहीं मानी जा रही। Inc42 के 2026 tracker के अनुसार public-market investors के बीच मजबूत fundamentals, profitability और कम cash burn जैसे पहलुओं पर फोकस बढ़ने की संभावना है।

यह बदलाव startup ecosystem के लिए महत्वपूर्ण है। Private funding rounds में निवेशक तेजी से विस्तार और भविष्य की growth potential को अधिक महत्व दे सकते हैं, लेकिन listed companies को हर quarter सार्वजनिक financial disclosures और market scrutiny का सामना करना पड़ता है।

इस वजह से IPO की तैयारी करने वाले स्टार्टअप्स के लिए revenue growth के साथ sustainable unit economics, profitability का रास्ता और capital efficiency भी महत्वपूर्ण हो रहे हैं।

Indian Startup IPO Market के लिए आगे क्या?

मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि भारत की startup-to-public-market pipeline व्यापक हो चुकी है। AceVector की आगामी पेशकश, Spinny के draft papers और Furlenco की listing plans के साथ कई दूसरे बड़े startups भी अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रहे हैं।

फिर भी बड़ी IPO pipeline को सफल listings के बराबर मानना जल्दबाजी होगी। बाजार की दिशा, valuation, regulatory approvals और investor demand तय करेंगे कि इनमें से कितनी कंपनियां अपनी योजनाओं के मुताबिक Dalal Street तक पहुंच पाती हैं।

2025 में ₹41,248 करोड़ की रिकॉर्ड startup fundraising के बाद 2026 में असली परीक्षा सिर्फ इस बात की नहीं होगी कि कितने startups IPO लाते हैं, बल्कि यह भी होगी कि public investors नई पीढ़ी की इन कंपनियों के business fundamentals और valuations को किस तरह स्वीकार करते हैं।

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