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Innoviti ने FY26 में 57% घटाया घाटा, ₹26.7 करोड़ पर आया नेट लॉस; खर्च में बड़ी कटौती

डिजिटल पेमेंट कंपनी Innoviti ने FY26 में अपने नेट लॉस को 57% से अधिक घटाकर ₹26.7 करोड़ कर दिया। कंपनी के कुल खर्च में करीब 28% की कमी आई, हालांकि इसी अवधि में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 16.7% घटकर ₹118.9 करोड़ रहा।

Innoviti ने FY26 में 57% घटाया घाटा, ₹26.7 करोड़ पर आया नेट लॉस; खर्च में बड़ी कटौती
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

डिजिटल पेमेंट और रिटेल SaaS कंपनी Innoviti ने वित्त वर्ष 2025-26 में घाटे पर बड़ी हद तक काबू पाया है। रिपोर्ट किए गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का नेट लॉस FY26 में घटकर ₹26.7 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹62.1 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर घाटे में 57% से अधिक की कमी दर्ज की गई।

यह सुधार ऐसे समय आया है जब कंपनी की आमदनी पर दबाव रहा। FY26 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 16.7% घटकर ₹118.9 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹142.6 करोड़ था।

घाटे में कमी का बड़ा कारण खर्चों में तेज कटौती रही। Innoviti का कुल खर्च FY25 के ₹206.6 करोड़ से करीब 28% घटकर FY26 में ₹148.9 करोड़ रह गया।

रेवेन्यू घटा, लेकिन लागत पर नियंत्रण मजबूत

Innoviti के FY26 आंकड़ों में सबसे अहम पहलू यह है कि कंपनी ने कम रेवेन्यू के बावजूद अपने नुकसान को काफी तेजी से कम किया।

कंपनी का सर्विसेज से मिलने वाला रेवेन्यू 17.8% घटकर ₹101.5 करोड़ रहा। इसमें ऑफलाइन कारोबार की हिस्सेदारी अब भी काफी बड़ी है। ऑफलाइन रेवेन्यू करीब 20% गिरकर ₹97.3 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹121.4 करोड़ था।

इसके उलट ऑनलाइन कारोबार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। Innoviti का ऑनलाइन रेवेन्यू दोगुना होकर करीब ₹4.2 करोड़ पहुंच गया। हालांकि इसका आधार अभी ऑफलाइन कारोबार की तुलना में काफी छोटा है।

कंपनी को FY26 में लीज रेंटल से ₹17.4 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू मिला, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹19.1 करोड़ के मुकाबले करीब 9% कम है।

इसके अलावा Innoviti ने ₹3.3 करोड़ की अन्य आय दर्ज की। इसे जोड़ने के बाद FY26 में कंपनी की कुल आय ₹122.2 करोड़ रही।

खर्च घटाने से सुधरी बॉटम लाइन

FY26 में Innoviti की वित्तीय स्थिति में सुधार का प्रमुख कारण खर्चों में कटौती दिखाई देती है। कुल खर्च ₹206.6 करोड़ से घटकर ₹148.9 करोड़ रह गया।

सबवेंशन और सर्विस फीस कंपनी का सबसे बड़ा खर्च रहा। इस मद में खर्च सालाना आधार पर 24% घटकर ₹62.5 करोड़ रह गया।

कर्मचारियों से जुड़े खर्च में भी कमी आई। Employee Benefit Expenses FY25 के ₹43.1 करोड़ से 11.7% घटकर FY26 में ₹38 करोड़ रह गए।

Depreciation, amortisation और impairment से जुड़े खर्च में और बड़ी गिरावट दर्ज हुई। यह खर्च ₹32.6 करोड़ से 66.5% से अधिक घटकर ₹10.9 करोड़ रह गया।

Finance costs भी ₹4.3 करोड़ से 64.1% घटकर करीब ₹1.5 करोड़ रह गए।

इन कटौतियों का संयुक्त असर कंपनी के नेट लॉस पर दिखाई दिया और रेवेन्यू घटने के बावजूद घाटा आधे से काफी कम हो गया।

FY25 बनाम FY26: प्रमुख आंकड़े

वित्तीय आंकड़ाFY25FY26बदलावनेट लॉस₹62.1 करोड़₹26.7 करोड़57%+ कमीऑपरेटिंग रेवेन्यू₹142.6 करोड़₹118.9 करोड़16.7% कमीकुल खर्च₹206.6 करोड़₹148.9 करोड़करीब 28% कमीऑफलाइन रेवेन्यू₹121.4 करोड़₹97.3 करोड़करीब 20% कमीलीज रेंटल रेवेन्यू₹19.1 करोड़₹17.4 करोड़करीब 9% कमीकर्मचारी खर्च₹43.1 करोड़₹38 करोड़11.7% कमीFinance Cost₹4.3 करोड़₹1.5 करोड़64.1% कमी

FY27 में EBITDA पॉजिटिव होने का लक्ष्य

MCA में दाखिल फाइलिंग के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, Innoviti को उम्मीद है कि वह FY27 में EBITDA के स्तर पर मुनाफे में आ सकती है। कंपनी ने इसके लिए ऑपरेशनल सुधार, लागत दक्षता और नए ग्राहकों को जोड़ने जैसे कारकों का उल्लेख किया है।

इसे मौजूदा वित्तीय परिणाम के बजाय कंपनी की भविष्य संबंधी अपेक्षा के रूप में देखना जरूरी है। FY26 के आंकड़े बताते हैं कि घाटे में उल्लेखनीय कमी आई है, लेकिन ऑपरेटिंग रेवेन्यू में गिरावट के कारण आगे की चुनौती केवल खर्च कम करना नहीं, बल्कि कारोबार की आय को दोबारा बढ़ाना भी होगी।

Innoviti क्या करती है?

Rajeev Agrawal और Amrita Malik द्वारा 2002 में स्थापित Innoviti डिजिटल पेमेंट और रिटेल टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं देती है।

कंपनी के प्रमुख उत्पादों में Innoviti Genie, Innoviti Unipay और Innoviti Link शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि उसका प्लेटफॉर्म भारत के 2,000 शहरों में 20,000 से अधिक व्यापारियों के जरिए सालाना ₹80,000 करोड़ से अधिक का Gross Transaction Value प्रोसेस करता है।

Innoviti को भारतीय रिजर्व बैंक से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के पेमेंट एग्रीगेटर कारोबार के लिए Certificate of Authorisation भी मिल चुका है। इससे पहले मार्च 2024 में कंपनी को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेशन के लिए RBI की मंजूरी मिली थी।

अब तक $115 मिलियन से ज्यादा की फंडिंग

Innoviti ने अब तक $115 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई है। इसके निवेशकों में Bessemer Venture Partners, Catamaran Ventures, Alumni Ventures और FMO जैसे नाम शामिल हैं।

फरवरी 2026 में कंपनी ने $11.4 मिलियन की Series M फंडिंग भी जुटाई थी।

Innoviti पिछले कुछ वर्षों से शेयर बाजार में उतरने की योजना का संकेत देती रही है। कंपनी ने अगस्त 2024 में एक साल के भीतर IPO लाने की बात कही थी और जनवरी 2025 में भी इस दिशा में अपनी योजना दोहराई थी। हालांकि सितंबर 2026 तक सार्वजनिक बाजार में इसकी लिस्टिंग आगे नहीं बढ़ी है।

Innoviti के FY26 नतीजों का क्या मतलब है?

FY26 के आंकड़ों में दो अलग रुझान दिखाई देते हैं। एक तरफ, कंपनी ने खर्चों में तेज कटौती कर अपने नेट लॉस को ₹62.1 करोड़ से घटाकर ₹26.7 करोड़ कर दिया। दूसरी तरफ, ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी ₹142.6 करोड़ से घटकर ₹118.9 करोड़ रह गया।

इसलिए वित्तीय सुधार का अगला चरण अधिक महत्वपूर्ण होगा। यदि Innoviti लागत नियंत्रण बनाए रखते हुए रेवेन्यू ग्रोथ दोबारा हासिल करती है, तो FY27 में EBITDA पॉजिटिव होने का उसका लक्ष्य अधिक ठोस आधार पा सकता है। फिलहाल FY26 के नतीजे मुख्य रूप से लागत संरचना में सुधार और घाटे में तेज कमी की कहानी बताते हैं।


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