ऑनलाइन यूज्ड-कार मार्केटप्लेस CARS24 ने IPO की तैयारियों के बीच अपने वित्तीय प्रदर्शन में एक महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है। FY26 में कंपनी का नेट लॉस सालाना आधार पर 18.7% घटकर ₹441.1 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹542.7 करोड़ था।
हालांकि घाटा कम होने के साथ कंपनी के सामने एक दूसरी चुनौती भी दिखाई दी। FY26 में CARS24 का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 18.3% घटकर ₹5,091.7 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹6,233.2 करोड़ था। यानी कंपनी ने नुकसान तो कम किया, लेकिन यह सुधार बढ़ते कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू के साथ नहीं आया।
प्रोडक्ट बिक्री घटी, सर्विस बिजनेस ने दिखाई तेज रफ्तार
CARS24 की प्रोडक्ट बिक्री से होने वाली आय FY26 में 22.7% घटकर ₹4,438.8 करोड़ रह गई, जो FY25 में ₹5,746.1 करोड़ थी।
इसके विपरीत, सर्विस रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। यह ₹89.5 करोड़ से बढ़कर ₹205.6 करोड़ हो गया, यानी एक साल में दोगुने से भी अधिक। अन्य ऑपरेटिंग सेगमेंट से आय भी 12.5% बढ़कर ₹447.3 करोड़ पहुंच गई। अन्य आय के ₹128.3 करोड़ को जोड़ने के बाद FY26 में कंपनी की कुल आय करीब ₹5,220 करोड़ रही।
ये आंकड़े संकेत देते हैं कि CARS24 के कारोबार में केवल वाहनों की खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि सर्विस और अन्य आय स्रोतों की भूमिका भी बढ़ रही है।
खर्चों में कटौती ने घाटा घटाने में निभाई अहम भूमिका
FY26 में कंपनी के कुल खर्च में उल्लेखनीय कमी आई। कुल खर्च 17.8% घटकर ₹5,673.6 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹6,898.4 करोड़ था।
सबसे बड़ा खर्च स्टॉक-इन-ट्रेड की खरीद से जुड़ा रहा। इस मद में खर्च 20.7% कम होकर ₹4,256.2 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹5,369.1 करोड़ था।
मार्केटिंग और प्रमोशन पर खर्च लगभग स्थिर रहा। कंपनी ने FY26 में विज्ञापन और प्रचार पर ₹105.4 करोड़ खर्च किए, जबकि पिछले साल यह ₹106.1 करोड़ था।
कर्मचारी खर्च बढ़ा, ESOP कॉस्ट में बड़ा उछाल
कुल खर्च घटने के बावजूद कर्मचारी लागत बढ़ी। Employee Benefit Expenses FY26 में 33.4% बढ़कर ₹806 करोड़ हो गए, जो FY25 में ₹604.1 करोड़ थे।
इस बढ़ोतरी के पीछे ESOP खर्च का बड़ा योगदान रहा। ESOP से जुड़ा खर्च ₹36.5 करोड़ से बढ़कर ₹212.3 करोड़ पहुंच गया।
इससे स्पष्ट है कि लागत नियंत्रण सभी क्षेत्रों में समान नहीं था। इन्वेंट्री से संबंधित खर्चों में कमी आई, जबकि कर्मचारियों और शेयर-आधारित मुआवजे की लागत बढ़ी।
कैश घटा, कर्ज बढ़ा
FY26 के आंकड़ों का एक महत्वपूर्ण पहलू CARS24 की बैलेंस शीट से जुड़ा है। मार्च 2026 के अंत में कंपनी के पास कैश और कैश इक्विवेलेंट्स ₹377.1 करोड़ थे, जो एक साल पहले ₹860.8 करोड़ थे।
दूसरी ओर, मौजूदा और दीर्घकालिक कर्ज को मिलाकर कुल borrowings करीब 17% बढ़कर ₹958.6 करोड़ हो गईं, जबकि FY25 में यह ₹820.4 करोड़ थीं।
IPO की तैयारी के संदर्भ में ये दोनों आंकड़े महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सार्वजनिक बाजार में आने वाली कंपनियों के लिए सिर्फ घाटा कम करना ही नहीं, बल्कि नकदी, कर्ज और पूंजी दक्षता भी निवेशकों के आकलन का हिस्सा बनते हैं।
CARS24 Financial Services की कमाई में सुधार
CARS24 की फाइनेंशियल सर्विसेज इकाई ने FY26 में बेहतर प्रदर्शन किया। CARS24 Financial Services का टर्नओवर ₹264.5 करोड़ से बढ़कर ₹299 करोड़ हो गया।
इस इकाई का टैक्स के बाद मुनाफा ₹6.8 करोड़ से बढ़कर ₹21.4 करोड़ पहुंच गया, यानी तीन गुना से अधिक।
कंपनी के CFO शिवांशु मक्कड़ ने मई में बताया था कि FY26 की दूसरी छमाही में lending disbursals करीब 57% बढ़े और lending का कुल रेवेन्यू में योगदान लगभग 20% से बढ़कर करीब 25% हो गया।
Adjusted EBITDA पर भी सुधार का दावा
CARS24 ने इससे पहले बताया था कि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में उसने पहली बार ₹20 करोड़ का adjusted EBITDA profit दर्ज किया। कंपनी ने इस सुधार के पीछे AI आधारित efficiencies, मुख्य कारोबार और lending vertical में वृद्धि, network effects तथा customer acquisition cost में कमी जैसे कारण बताए थे। यह कंपनी द्वारा बताया गया adjusted metric है और इसे FY26 के audited net loss से अलग समझना जरूरी है।
Moneycontrol को दिए आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का FY26 adjusted EBITDA loss ₹475 करोड़ से घटकर करीब ₹200 करोड़ रह गया, जबकि adjusted net revenue 27% बढ़कर ₹1,411 करोड़ हुआ।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि adjusted net revenue और audited operating revenue अलग वित्तीय मापदंड हैं, इसलिए ₹1,411 करोड़ के adjusted revenue को ₹5,091.7 करोड़ के operating revenue से सीधे तुलना नहीं करनी चाहिए।
AI पर बड़ा दांव
CARS24 अपने कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को भी बढ़ा रही है। कंपनी लगभग $20 मिलियन निवेश के साथ AI-first products विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
कंपनी का दावा है कि AI का इस्तेमाल वाहन निरीक्षण, रिटेल हब ऑडिट और कस्टमर कॉल्स सहित विभिन्न प्रक्रियाओं में किया जा रहा है। CARS24 के अनुसार, उसके AI सिस्टम सात भाषाओं में हर महीने 15 लाख मिनट से अधिक कॉल संभाल रहे हैं।
CFO शिवांशु मक्कड़ ने इससे पहले कहा था कि AI आधारित inspections की मदद से inspection time लगभग 60 मिनट से घटकर 15 मिनट रह गया और AI initiatives ने FY26 में EBITDA सुधार में करीब 300 basis points का योगदान दिया।
IPO से पहले क्यों महत्वपूर्ण हैं FY26 के नतीजे?
CARS24 की IPO योजना के कारण FY26 के वित्तीय आंकड़ों पर खास नजर रहेगी। कंपनी अपने domicile को Singapore से India स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। मई में CFO शिवांशु मक्कड़ ने कहा था कि redomiciling प्रक्रिया में लगभग तीन से चार महीने लग सकते हैं और उसके बाद कंपनी DRHP दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
जनवरी 2026 में कंपनी ने यह भी कहा था कि वह बाजार परिस्थितियों और नियामकीय मंजूरियों के अधीन अगले छह से 12 महीनों में IPO की तैयारी कर रही है।
इसलिए IPO की समयसीमा को अभी अंतिम या निश्चित मानना उचित नहीं होगा।
आगे क्या रहेगा महत्वपूर्ण?
FY26 के आंकड़े CARS24 के लिए दो अलग तस्वीरें पेश करते हैं। एक ओर नेट लॉस और कुल खर्च में कमी आई है तथा सर्विस और फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस ने बेहतर प्रदर्शन दिखाया है। दूसरी ओर audited operating revenue में गिरावट, कैश बैलेंस में कमी और borrowings में बढ़ोतरी ऐसे संकेतक हैं जिन पर संभावित निवेशकों की नजर रह सकती है।
IPO की दिशा में आगे बढ़ते हुए कंपनी के लिए अगला बड़ा सवाल यह होगा कि क्या वह लागत नियंत्रण और higher-margin businesses की बढ़ती हिस्सेदारी को टिकाऊ रेवेन्यू ग्रोथ और लगातार profitability में बदल पाती है।
