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क्या Razorpay ChatGPT को भारत का अगला बड़ा कॉमर्स चैनल बना सकता है? AI शॉपिंग पर बड़ा दांव

Razorpay भारत में AI आधारित कॉमर्स को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है, जिसके जरिए ब्रांड ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म पर अपने स्टोरफ्रंट बना सकें और ग्राहक बातचीत के दौरान ही प्रोडक्ट खोजने से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया पूरी कर सकें। Razorpay करीब 50 ब्रांड्स के साथ ChatGPT कॉमर्स पायलट पर काम कर रहा है, जबकि लगभग 200 बिजनेस उसके Agent Studio प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रयोगों में शामिल हैं।

क्या Razorpay ChatGPT को भारत का अगला बड़ा कॉमर्स चैनल बना सकता है? AI शॉपिंग पर बड़ा दांव
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Inc42

मुख्य खबर

भारत में ऑनलाइन खरीदारी का अगला बड़ा बदलाव वेबसाइट या मोबाइल ऐप से आगे बढ़कर AI चैट इंटरफेस तक पहुंच सकता है। फिनटेक कंपनी Razorpay इसी संभावना पर दांव लगा रही है और ChatGPT जैसे AI असिस्टेंट को केवल जानकारी देने वाला टूल नहीं, बल्कि संभावित कॉमर्स चैनल बनाने के लिए भुगतान और मर्चेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है।

इस मॉडल का विचार सरल है—ग्राहक AI से अपनी जरूरत बताए, विकल्प खोजे, किसी प्रोडक्ट का चुनाव करे और संभव होने पर उसी बातचीत के भीतर खरीदारी तथा भुगतान पूरा कर सके। इससे पारंपरिक ई-कॉमर्स की कई अलग-अलग स्क्रीन और चरण एक ही conversational interface में सिमट सकते हैं।

Razorpay के सीईओ Harshil Mathur के अनुसार, कंपनी लगभग 50 ब्रांड्स और कई ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के साथ agentic commerce के प्रयोगों पर काम कर रही है। स्किनकेयर ब्रांड Innovist शुरुआती कंपनियों में शामिल है, जो चुनिंदा यूजर्स के लिए Razorpay के ChatGPT commerce stack पर लाइव हुआ है।

ChatGPT में खरीदारी कैसे बदल सकती है?

इस व्यवस्था में AI केवल प्रोडक्ट सुझाने तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य का लक्ष्य discovery, decision और payment को एक ही बातचीत का हिस्सा बनाना है। Razorpay अपने Agentic Payments समाधान को LLMs, ऐप्स और दूसरे AI आधारित इंटरफेस तक विस्तारित करने की दिशा में काम कर रहा है।

इसकी नींव पहले से तैयार की जा रही है। अक्टूबर 2025 में NPCI, Razorpay और OpenAI ने भारत में ChatGPT के जरिए AI आधारित UPI भुगतान का पायलट शुरू किया था। इसका उद्देश्य यूजर को चैट इंटरफेस के भीतर खरीदारी और भुगतान करने की सुविधा देना था।

UPI Reserve Pay और UPI Circle की भूमिका

इस AI कॉमर्स मॉडल में UPI महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। पायलट में UPI Reserve Pay का इस्तेमाल किया गया, जिसके तहत निर्धारित रकम को भविष्य में किसी अधिकृत मर्चेंट को भुगतान के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। इसके साथ UPI Circle जैसी व्यवस्था delegated authentication को संभव बनाती है।

इन तकनीकों का उद्देश्य AI एजेंट को बिना नियंत्रण दिए पूरी तरह स्वतंत्र खर्च करने देना नहीं, बल्कि पहले से तय अनुमति और भुगतान व्यवस्था के भीतर लेनदेन को आसान बनाना है।

Nykaa जैसे ब्रांड क्यों हैं महत्वपूर्ण?

AI प्लेटफॉर्म अब सिर्फ सवालों के जवाब देने का माध्यम नहीं रह गए हैं। ब्रांड उन्हें संभावित customer-acquisition channel के रूप में भी देखने लगे हैं।

Nykaa ने अपनी FY27 की पहली तिमाही से जुड़ी मैनेजमेंट टिप्पणी में AI answer engines के बढ़ते महत्व की ओर संकेत किया और ChatGPT में Nykaa Beauty तथा Nykaa Fashion से जुड़ी shopping experiences लाने की योजना बताई।

अगर ग्राहक Google पर अलग-अलग लिंक खोलने के बजाय सीधे AI से पूछता है कि उसके बजट और जरूरत के लिए कौन-सा प्रोडक्ट बेहतर है, तो ब्रांड्स के लिए AI conversations में दिखाई देना उतना ही महत्वपूर्ण हो सकता है जितना आज search results या marketplaces में मजबूत मौजूदगी रखना।

Razorpay का दांव सिर्फ ChatGPT तक सीमित नहीं

Razorpay की रणनीति को केवल ChatGPT पर दांव के रूप में देखना अधूरा होगा। कंपनी अलग-अलग LLMs, merchant websites और agentic platforms के लिए भुगतान तथा कॉमर्स infrastructure तैयार करना चाहती है। फरवरी 2026 में Razorpay और NPCI ने Claude पर भी Agentic Payments लाने के लिए साझेदारी की घोषणा की थी।

इसके अलावा Razorpay ने ChatGPT Apps के लिए ऐसा समाधान पेश किया है जिसमें ई-कॉमर्स मर्चेंट अपना catalogue उपलब्ध कराकर conversational storefront तैयार कर सकते हैं। Shopify merchants के लिए कंपनी ने कम engineering effort वाले deployment पर भी जोर दिया है।

भारत के ई-कॉमर्स बाजार के लिए इसका क्या मतलब है?

अगर conversational commerce बड़े पैमाने पर स्वीकार किया जाता है, तो ऑनलाइन खरीदारी का मौजूदा funnel बदल सकता है।

आज ग्राहक आमतौर पर सर्च करता है, वेबसाइट या ऐप खोलता है, कई प्रोडक्ट की तुलना करता है, कार्ट बनाता है और फिर checkout करता है। AI commerce में इनमें से कई काम एक ही conversation के दौरान हो सकते हैं।

इससे छोटे और बड़े ब्रांड्स के सामने एक नया distribution channel खुल सकता है। साथ ही कंपनियों को पारंपरिक SEO के साथ AI answer engines और conversational discovery के लिए अपने product data को बेहतर तरीके से तैयार करने की जरूरत पड़ सकती है।

चुनौतियां भी कम नहीं

AI आधारित खरीदारी सुविधाजनक जरूर हो सकती है, लेकिन इसका व्यापक इस्तेमाल भरोसे पर निर्भर करेगा। गलत प्रोडक्ट recommendation, कीमत या स्टॉक की गलत जानकारी, refund और dispute handling, user consent, privacy तथा payment security जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण होंगे।

एक और सवाल यह है कि AI किस आधार पर किसी खास ब्रांड या प्रोडक्ट की सिफारिश करेगा। यदि conversational platforms भविष्य में बड़े shopping gateways बनते हैं, तो recommendation transparency और merchant visibility ई-कॉमर्स की नई प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बन सकती है।

इसीलिए शुरुआती pilots को पूरे भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में तत्काल बदलाव के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। असली परीक्षा यह होगी कि ग्राहक इस तरीके से खरीदारी करने पर कितना भरोसा करते हैं और merchants को इससे वास्तविक conversion तथा repeat business मिलता है या नहीं।

क्यों महत्वपूर्ण है Razorpay की रणनीति?

भारत के पास पहले से विशाल UPI ecosystem और तेजी से बढ़ता डिजिटल कॉमर्स बाजार है। ऐसे में conversational AI और डिजिटल भुगतान का मेल भारत को agentic commerce के शुरुआती बड़े परीक्षण बाजारों में से एक बना सकता है।

Razorpay के लिए अवसर केवल हर transaction को process करना नहीं है। यदि कंपनी AI platforms और merchants के बीच payment तथा commerce infrastructure layer बनने में सफल होती है, तो वह उस समय महत्वपूर्ण स्थिति हासिल कर सकती है जब ऑनलाइन खरीदारी का एक हिस्सा apps और websites से AI agents की ओर स्थानांतरित हो।

फिलहाल यह बदलाव शुरुआती चरण में है। फिर भी लगभग 50 ब्रांड्स के साथ चल रहे प्रयोग बताते हैं कि AI commerce अब केवल भविष्य की अवधारणा नहीं रह गया है। सवाल यह नहीं है कि AI ऑनलाइन shopping को प्रभावित करेगा या नहीं, बल्कि यह है कि ग्राहक उसे खरीदारी की प्रक्रिया में कितनी जिम्मेदारी देने के लिए तैयार होंगे।

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