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Moneyview IPO: ₹5,985 करोड़ तक वैल्यूएशन का लक्ष्य, इश्यू साइज घटाने के बाद ₹34 तक तय हुआ प्राइस बैंड

डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म Moneyview ने अपने आगामी IPO के लिए ₹32 से ₹34 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित मार्केट कैप करीब ₹5,984.79 करोड़ होगा। कंपनी ने इससे पहले अपने फ्रेश इश्यू का आकार ₹1,500 करोड़ से घटाकर ₹750 करोड़ कर दिया था। IPO 24 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।

Moneyview IPO: ₹5,985 करोड़ तक वैल्यूएशन का लक्ष्य, इश्यू साइज घटाने के बाद ₹34 तक तय हुआ प्राइस बैंड
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Reuters

भारत के डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की कंपनी Moneyview सार्वजनिक बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अपने Initial Public Offering (IPO) के लिए ₹32 से ₹34 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

₹34 के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर Moneyview का अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹5,984.79 करोड़ बैठता है। Reuters के अनुसार यह लगभग $624 मिलियन की वैल्यूएशन के बराबर है।

IPO के जरिए कंपनी करीब ₹1,091.6 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह इश्यू 24 सितंबर को खुलेगा और 28 सितंबर 2026 तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा।

IPO का साइज क्यों हुआ छोटा?

Moneyview का मौजूदा IPO प्लान उसके शुरुआती प्रस्ताव की तुलना में छोटा है।

कंपनी ने मार्च 2026 में दाखिल अपने Draft Red Herring Prospectus में ₹1,500 करोड़ तक के फ्रेश इश्यू का प्रस्ताव रखा था। बाद में इसे घटाकर ₹750 करोड़ कर दिया गया।

Offer for Sale यानी OFS का आकार भी घटाया गया है। संशोधित ऑफर में मौजूदा शेयरधारकों की ओर से लगभग 10.04 करोड़ इक्विटी शेयर OFS के जरिए बेचे जाने हैं।

कंपनी ने 3 सितंबर को SEBI से फ्रेश इश्यू का आकार कम करने की अनुमति मांगी थी और 10 सितंबर को इसकी मंजूरी मिली। यह बदलाव अप्रैल 2026 में लागू उस नियामकीय व्यवस्था के बाद संभव हुआ जिसके तहत कुछ परिस्थितियों में फ्रेश इश्यू के आकार में 50% तक कमी के लिए नया DRHP दाखिल करना जरूरी नहीं है।

₹32-34 का प्राइस बैंड, न्यूनतम 441 शेयरों की बोली

Moneyview IPO का प्राइस बैंड ₹32-34 प्रति शेयर तय किया गया है।

रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम बोली 441 शेयरों की होगी और इसके बाद उसी के गुणकों में आवेदन किया जा सकेगा।

Anchor Investors के लिए इश्यू 23 सितंबर को खुलेगा, जबकि आम निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो 24 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक रहेगी।

ऑफर का 50% हिस्सा Qualified Institutional Buyers (QIBs), 15% Non-Institutional Investors (NIIs) और 35% Retail Individual Investors (RIIs) के लिए निर्धारित है।

IPO से मिले नए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?

Moneyview के IPO में ₹750 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है। कंपनी ने नए शेयर जारी कर मिलने वाली नेट रकम के इस्तेमाल के लिए प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं।

कंपनी ₹325 करोड़ का निवेश Default Loss Guarantee (DLG) arrangements के तहत लोन डिस्बर्सल में वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए करने की योजना बना रही है।

इसके अलावा ₹250 करोड़ अपनी lending subsidiary Whizdm Finance (WFPL) की पूंजी मजबूत करने में लगाए जाएंगे। शेष रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

यह अंतर महत्वपूर्ण है क्योंकि OFS से मिलने वाला पैसा कंपनी को नहीं मिलता; वह संबंधित शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों के पास जाता है।

कौन बेच रहा है Moneyview में हिस्सेदारी?

Moneyview को Accel, Tiger Global और Ribbit Capital जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।

20 सितंबर तक उपलब्ध शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार Accel की हिस्सेदारी 21.89% थी। Tiger Global से जुड़ी Internet Fund III की हिस्सेदारी 13.79%, प्रमोटर Sanjay Aggarwal की 10.33%, Ribbit Capital की 10.2% और Puneet Agarwal की हिस्सेदारी 8.66% थी।

OFS में प्रमोटर्स और कई मौजूदा निवेशक शेयर बेच रहे हैं। संशोधित IPO योजना में कुछ निवेशकों ने पहले की तुलना में बिक्री के लिए पेश किए जाने वाले शेयरों की संख्या कम की है।

Moneyview का कारोबार क्या है?

Moneyview एक डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को विभिन्न वित्तीय उत्पादों और संस्थानों से जोड़ता है।

कंपनी के प्लेटफॉर्म पर personal loans के अलावा insurance, credit cards, digital gold और अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके लिए Moneyview बैंकों, NBFCs, बीमा कंपनियों और दूसरे वित्तीय संस्थानों के नेटवर्क के साथ काम करती है।

जून 2026 तक Moneyview के पास करीब 14.03 करोड़ registered users थे और उसके नेटवर्क में 48 financial partners जुड़े हुए थे।

Moneyview की कमाई कितनी बढ़ी?

कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़ों में आय में मजबूत वृद्धि दिखाई देती है।

मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में Moneyview का revenue करीब 43.3% बढ़कर ₹3,351.2 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹2,339.1 करोड़ था।

हालांकि इसी अवधि में profit की वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित रही। कंपनी का मुनाफा ₹240.3 करोड़ से करीब 1% बढ़कर ₹242.7 करोड़ रहा।

जून 2026 में समाप्त तिमाही में तस्वीर अलग रही। कंपनी का profit सालाना आधार पर करीब 158.8% बढ़कर ₹173.8 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह ₹67.15 करोड़ था।

इसी तिमाही में revenue from operations करीब 50.2% बढ़कर ₹1,041.1 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹693 करोड़ था।

घटे हुए IPO का क्या है महत्व?

Moneyview के IPO में दो आंकड़े खास तौर पर ध्यान देने योग्य हैं। पहला, कंपनी ने फ्रेश इश्यू को ₹1,500 करोड़ से घटाकर ₹750 करोड़ किया है। दूसरा, संशोधित IPO के बावजूद ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹5,985 करोड़ बनता है।

फ्रेश इश्यू में कटौती का अर्थ है कि कंपनी पहले की योजना के मुकाबले सार्वजनिक बाजार से कम नई पूंजी जुटाएगी। साथ ही OFS का आकार भी कम हुआ है।

निवेशकों के लिए कंपनी की revenue growth, profitability, lending-related exposure, DLG arrangements, IPO valuation और fresh issue से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल जैसे पहलू RHP में देखने योग्य प्रमुख बिंदु होंगे।

IPO के book-running lead managers Axis Capital, BofA Securities India, IIFL Capital Services और Kotak Mahindra Capital Company हैं।

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