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स्टार्टअप

Skyroot की $300 मिलियन फंडिंग पर बड़ी बातचीत, चार महीने में वैल्यूएशन करीब तीन गुना होने की संभावना

हैदराबाद की स्पेस-टेक कंपनी Skyroot Aerospace कथित तौर पर $280–300 मिलियन (करीब ₹2,600–2,850 करोड़) जुटाने के लिए Fidelity, General Catalyst और Benchmark के साथ बातचीत के उन्नत चरण में है। प्रस्तावित सौदा कंपनी का मूल्यांकन $2.8–3 बिलियन तक ले जा सकता है। हालांकि, अभी फंडिंग राउंड बंद नहीं हुआ है और अंतिम शर्तें बदल सकती हैं।

Skyroot की $300 मिलियन फंडिंग पर बड़ी बातचीत, चार महीने में वैल्यूएशन करीब तीन गुना होने की संभावना
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Moneycontrol की 27 सितंबर 2026 की रिपोर्ट, जिसमें मामले की जानकारी रखने वाले चार लोगों के हवाले से $280–300 मिलियन के प्रस्तावित राउंड की जानकारी दी गई है। पुराने funding और valuation आंकड़ों को Fortune India, TechCrunch, The Economic Times और Reuters की रिपोर्टिंग से cross-check किया गया।

$300 मिलियन के करीब पहुंच सकता है नया फंडिंग राउंड

भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ा निवेश सौदा आकार ले सकता है। हैदराबाद स्थित Skyroot Aerospace $280–300 मिलियन की नई फंडिंग जुटाने के लिए कई बड़े वैश्विक निवेशकों से बातचीत कर रही है।

Moneycontrol ने मामले की जानकारी रखने वाले चार लोगों के हवाले से बताया कि संभावित निवेशकों में Fidelity, General Catalyst और Benchmark शामिल हैं। रुपये में प्रस्तावित फंडिंग करीब ₹2,600–2,850 करोड़ बैठती है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है—यह अभी रिपोर्टेड फंडिंग बातचीत है, पूरी हो चुकी फंडिंग नहीं। Skyroot, Fidelity, General Catalyst और Benchmark ने Moneycontrol के सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया था। इसलिए $280–300 मिलियन और संबंधित वैल्यूएशन को फिलहाल प्रस्तावित आंकड़ों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Fidelity सबसे बड़ा निवेशक बन सकता है

Moneycontrol के एक सूत्र के अनुसार, प्रस्तावित राउंड में निवेश का संभावित विभाजन इस प्रकार हो सकता है:

मौजूदा निवेशक Playbook Partners, GIC, BlackRock, Sherpalo Ventures और Arkam Ventures सहित अन्य बैकर्स भी pro-rata आधार पर भाग लेने पर विचार कर रहे हैं। उनकी भागीदारी के आधार पर अंतिम राउंड साइज और वैल्यूएशन बदल सकता है।

Benchmark की भारत में पहली सीधी स्टार्टअप डील बन सकती है

इस प्रस्तावित सौदे का एक खास पहलू Silicon Valley की venture capital firm Benchmark की भागीदारी है।

Moneycontrol के मुताबिक, अगर निवेश पूरा होता है तो यह किसी भारतीय कंपनी में Benchmark का पहला ज्ञात प्रत्यक्ष निवेश होगा। अमेरिकी VC firm अपने शुरुआती दौर के निवेशों में Uber, Twitter (अब X) और Snap जैसी कंपनियों को समर्थन देने के लिए जानी जाती है।

इसलिए Skyroot के लिए यह राउंड केवल पूंजी जुटाने तक सीमित नहीं होगा; संभावित रूप से यह वैश्विक venture-capital ecosystem में भारतीय private space companies की बढ़ती मौजूदगी का भी संकेत देगा।

Skyroot की वैल्यूएशन $2.8–3 बिलियन तक?

बातचीत में Skyroot का मूल्यांकन कथित तौर पर $2.8–3 बिलियन किया जा रहा है।

यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मई 2026 में कंपनी ने $60 मिलियन जुटाने के बाद लगभग $1.1 बिलियन valuation हासिल की थी और भारत की पहली space-tech unicorn बनी थी।

अगर मौजूदा बातचीत $3 बिलियन के आसपास पूरी होती है, तो कंपनी की रिपोर्टेड वैल्यूएशन केवल कुछ महीनों में करीब तीन गुना हो जाएगी।

हालांकि इसे अभी निश्चित valuation jump नहीं माना जाना चाहिए। $2.8–3 बिलियन बातचीत के दौरान सामने आया मूल्यांकन है और अंतिम सौदे में यह बदल सकता है।

फरवरी में लक्ष्य था $150–200 मिलियन

Skyroot की फंडिंग योजनाएं 2026 के दौरान तेजी से बड़ी हुई हैं।

फरवरी में The Economic Times ने रिपोर्ट किया था कि कंपनी $150–200 मिलियन जुटाने पर विचार कर रही थी। उस समय संभावित मूल्यांकन करीब $1 बिलियन बताया गया था और Kotak Mahindra Capital को minority stake transaction पर सलाहकार बनाया गया था।

मई में Skyroot ने $60 मिलियन की फंडिंग हासिल की और उसका valuation $1.1 बिलियन पहुंच गया। उस राउंड में Sherpalo Ventures और GIC ने नेतृत्व किया था, जबकि अन्य निवेशकों ने भी हिस्सा लिया।

Moneycontrol के मुताबिक, अगस्त तक Skyroot $2 बिलियन के आसपास की valuation पर $200 मिलियन से अधिक जुटाने की कोशिश कर रही थी। अब सितंबर में रिपोर्टेड बातचीत $280–300 मिलियन और $2.8–3 बिलियन valuation तक पहुंच गई है।

Vikram-1 ने क्यों बदली निवेशकों की दिलचस्पी?

Moneycontrol की रिपोर्ट इस बढ़ती investor interest को Vikram-1 की प्रगति से भी जोड़ती है।

Skyroot की स्थापना 2018 में पूर्व ISRO वैज्ञानिक Pawan Kumar Chandana और Naga Bharath Daka ने की थी। कंपनी छोटे satellites के लिए dedicated और on-demand launch services विकसित कर रही है।

2022 में कंपनी के Vikram-S मिशन ने इतिहास बनाया था। इसके जरिए Skyroot अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बनी।

Moneycontrol की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, Vikram-1 ने 18 जुलाई 2026 को सफल उड़ान भरी, जिसे भारत का पहला privately developed orbital launch vehicle बताया गया है। रिपोर्ट इस सफलता को Skyroot की मौजूदा fundraising momentum का एक प्रमुख कारण बताती है।

इससे पहले जुलाई में कंपनी ने Vikram-1 के लिए 12 जुलाई से 4 अगस्त तक launch window घोषित की थी। Skyroot ने बताया था कि मिशन का उद्देश्य propulsion, stage separation, guidance, navigation और control सहित प्रमुख subsystems से in-flight performance data जुटाना था।

छोटे सैटेलाइट लॉन्च पर Skyroot का फोकस

Skyroot की रणनीति SpaceX जैसी heavy-lift कंपनियों से सीधे मुकाबले के बजाय small-satellite launch market पर केंद्रित है।

Vikram-1 को 350 किलोग्राम तक के satellites को Low Earth Orbit में ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी dedicated launches के जरिए ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक orbital destination उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।

Pawan Kumar Chandana ने मई में Moneycontrol को बताया था कि कंपनी भविष्य की launch demand का 70–80% अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से आने की उम्मीद करती है, खास तौर पर अमेरिका, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया से।

यही वैश्विक महत्वाकांक्षा समझाती है कि Skyroot को बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत क्यों हो सकती है: rocket development, manufacturing infrastructure, testing और commercial launch operations स्वभाव से capital-intensive व्यवसाय हैं।

भारत के space-tech funding landscape के लिए कितना बड़ा होगा राउंड?

यदि Skyroot वास्तव में $280–300 मिलियन का राउंड पूरा करती है, तो यह भारतीय space-tech sector में अब तक देखे गए सबसे बड़े निजी funding rounds में शामिल होगा।

तुलना के लिए, Google-backed भारतीय space-tech कंपनी Pixxel ने सितंबर 2026 में $100 मिलियन Series C बंद किया, जिसे उस समय भारतीय space-tech startup के लिए सबसे बड़ा fundraise बताया गया।

Skyroot का प्रस्तावित राउंड उस रकम से लगभग तीन गुना हो सकता है।

लेकिन दोनों आंकड़ों की स्थिति अलग है: Pixxel का $100 मिलियन राउंड पूरा हो चुका है, जबकि Skyroot का $280–300 मिलियन राउंड अभी बातचीत के चरण में है।

Skyroot के लिए अगला महत्वपूर्ण सवाल

Skyroot की मौजूदा स्थिति में तीन आंकड़े खास हैं—$280–300 मिलियन की संभावित फंडिंग, $2.8–3 बिलियन की संभावित valuation और Fidelity/General Catalyst/Benchmark जैसे नए वैश्विक निवेशकों की संभावित भागीदारी।

इनमें से कोई भी अभी अंतिम सौदे के रूप में घोषित नहीं हुआ है।

इसलिए खबर का सही निष्कर्ष यह नहीं है कि “Skyroot ने $300 मिलियन जुटा लिए”, बल्कि यह है कि कंपनी इतने बड़े राउंड को लेकर advanced discussions में है। अगर बातचीत पूरी होती है, तो यह भारत के तेजी से विकसित हो रहे private-space investment ecosystem के लिए एक महत्वपूर्ण पूंजी जुटाव होगा।

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