Slice की $100 मिलियन की फंडिंग के साथ बड़ा वैल्यूएशन रीसेट
भारतीय फिनटेक कंपनी से स्मॉल फाइनेंस बैंक बनी Slice ने करीब $100 मिलियन, यानी लगभग ₹950 करोड़, की फंडिंग जुटाई है। हालांकि इस निवेश की सबसे महत्वपूर्ण बात फंडिंग की रकम से अधिक वह वैल्यूएशन है जिस पर नया पूंजी निवेश हुआ है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, Slice Small Finance Bank की नई वैल्यूएशन करीब $450–470 मिलियन, यानी लगभग ₹4,275–4,465 करोड़ आंकी गई है। यह उस स्तर से काफी नीचे है जहां कंपनी अपने फिनटेक दौर में पहुंची थी। Economic Times के अनुसार, Slice का पिछला वैल्यूएशन करीब $1.3 बिलियन था, जबकि अन्य रिपोर्टों में इसके पुराने मूल्यांकन के लिए करीब $1.4–1.5 बिलियन तक के आंकड़े दिए गए हैं।
इसलिए इसे केवल एक और स्टार्टअप फंडिंग राउंड के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। यह Slice के बिजनेस मॉडल में आए बड़े बदलाव और निवेशकों द्वारा कंपनी को अब एक फिनटेक स्टार्टअप के बजाय बैंकिंग कारोबार के नजरिए से मूल्यांकित किए जाने की कहानी भी है।
किन निवेशकों ने Slice में लगाया पैसा?
रिपोर्टों के मुताबिक, इस फंडिंग में Peak XV समर्थित Neo Group/Neo Wealth, जापान की Kado Global और अमेरिका स्थित Moore Strategic Ventures जैसे निवेशकों ने भाग लिया है। Economic Times ने Raise Financial Services और मौजूदा निवेशक Blume Ventures की भागीदारी का भी उल्लेख किया है।
Moneycontrol के अनुसार, Neo Wealth ने अपने हाई-नेट-वर्थ और अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ ग्राहकों से जुटाई गई पूंजी के जरिए Slice में निवेश किया। रिपोर्ट में इस राउंड को Neo Wealth के नेतृत्व वाला बताया गया है।
हालांकि $100 मिलियन की पूरी रकम Slice के बैंकिंग कारोबार में नई पूंजी के रूप में नहीं जाएगी। इस सौदे में मौजूदा शेयरधारकों द्वारा हिस्सेदारी बेचने वाला secondary component भी शामिल है। अलग-अलग रिपोर्टों में primary और secondary हिस्से के आकार को लेकर अलग आंकड़े सामने आए हैं, इसलिए पूरे $100 मिलियन को सीधे कंपनी के खाते में आने वाली नई पूंजी मानना सही नहीं होगा।
शेयरधारकों से ₹485 करोड़ जुटाने की मंजूरी
Mint द्वारा देखे गए Slice Small Finance Bank के Extraordinary General Meeting (EGM) नोटिस के अनुसार, बैंक ने शेयरधारकों से ₹485 करोड़ जुटाने की मंजूरी मांगी थी।
इसमें ₹403.47 करोड़ compulsorily convertible debentures के जरिए और ₹81.49 करोड़ partly paid equity shares के जरिए जुटाने का प्रस्ताव था। नोटिस में Moore Strategic Ventures, Kado Global, Neo entities, Blume Ventures, Raise Fintech और PixelSky Capital सहित कई प्रस्तावित निवेशकों के नाम शामिल थे।
Mint के अनुसार, प्रस्तावित निवेश में Moore Strategic Ventures से ₹106 करोड़, Kado Global से ₹95 करोड़, Blume Ventures से ₹44 करोड़, Raise Fintech से ₹40 करोड़ और PixelSky Capital से ₹25 करोड़ शामिल थे।
$1 बिलियन से ऊपर पहुंची Slice की वैल्यूएशन अब इतनी कम क्यों?
Slice 2021 में $220 मिलियन की Series B फंडिंग के बाद यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुई थी। उस दौर में भारतीय फिनटेक कंपनियों को तेजी से बढ़ते डिजिटल ग्राहक आधार और भविष्य की विकास क्षमता के आधार पर ऊंचे multiples मिल रहे थे।
अब परिस्थितियां अलग हैं।
Slice सिर्फ एक फिनटेक या consumer-credit कंपनी नहीं रही। North East Small Finance Bank के साथ विलय के बाद कंपनी एक रेगुलेटेड बैंकिंग संस्था के रूप में काम कर रही है। यह विलय अक्टूबर 2024 में पूरा हुआ और बाद में बैंक का नाम Slice Small Finance Bank कर दिया गया।
इस बदलाव के साथ निवेशकों के लिए कंपनी को आंकने का तरीका भी बदलता है। किसी तेजी से बढ़ते टेक स्टार्टअप की तरह केवल यूजर ग्रोथ या भविष्य के राजस्व को देखने के बजाय बैंकिंग कारोबार में deposits, loan book, asset quality, profitability, capital adequacy और book value जैसे संकेतक अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
इसलिए कम वैल्यूएशन को केवल कारोबार में गिरावट का सीधा प्रमाण मानना भी अधूरा निष्कर्ष होगा। कंपनी की संरचना और जिस आधार पर निवेशक उसका मूल्यांकन कर रहे हैं, दोनों बदल चुके हैं।
वैल्यूएशन घटी, लेकिन वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
नई फंडिंग का समय दिलचस्प है क्योंकि Slice के कुछ प्रमुख वित्तीय संकेतकों में सुधार दर्ज हुआ है।
जून तिमाही में बैंक ने ₹50.9 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में ₹10.1 करोड़ का नुकसान हुआ था। कुल आय सालाना आधार पर बढ़कर ₹413.8 करोड़ हो गई।
बैंक के deposits लगभग दोगुने होकर ₹5,765 करोड़ तक पहुंच गए, जबकि advances बढ़कर करीब ₹5,039 करोड़ रहे। Gross bad loans का अनुपात भी 6.31% से घटकर 4.36% हो गया। जून के अंत तक capital adequacy ratio 18.17% था।
ये आंकड़े बताते हैं कि वैल्यूएशन में भारी कटौती और ऑपरेशनल प्रदर्शन दो अलग पहलू हैं। निवेशकों ने कंपनी को पहले के मुकाबले कम कीमत दी है, लेकिन उसी समय बैंक अपने deposits, lending और profitability में सुधार दर्ज कर रहा है।
Slice के लिए $100 मिलियन की फंडिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
Slice के लिए यह पूंजी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैंक बनने के बाद उसकी जरूरतें पुराने फिनटेक मॉडल से अलग हैं। बैंकिंग कारोबार में तेजी से loan book बढ़ाने के साथ पर्याप्त capital base बनाए रखना जरूरी होता है।
नई फंडिंग Slice को अपनी बैलेंस शीट मजबूत करने और बैंकिंग कारोबार के विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध करा सकती है। साथ ही, यह निवेश यह भी दिखाता है कि कम वैल्यूएशन के बावजूद संस्थागत निवेशक कंपनी के बैंकिंग मॉडल में पूंजी लगाने के लिए तैयार हैं।
लेकिन नई कीमत पुराने निवेशकों के लिए एक स्पष्ट valuation reset भी है। करीब $1.3–1.5 बिलियन के पिछले स्तरों की तुलना में $450–470 मिलियन की वैल्यूएशन उस दौर से बड़ा बदलाव दिखाती है जब भारतीय फिनटेक स्टार्टअप्स को आक्रामक growth expectations पर मूल्यांकित किया जाता था।
Slice की कहानी अब फिनटेक से ज्यादा बैंकिंग की
Slice की अगली परीक्षा यह नहीं होगी कि वह दोबारा कितनी जल्दी यूनिकॉर्न वैल्यूएशन हासिल करती है। अधिक महत्वपूर्ण यह होगा कि वह एक स्मॉल फाइनेंस बैंक के रूप में कितनी स्थायी और लाभदायक वृद्धि हासिल कर पाती है।
Deposits में तेजी, loan book का विस्तार और profitability में सुधार शुरुआती सकारात्मक संकेत हैं। इसके साथ asset quality और पर्याप्त regulatory capital बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।
इस नजरिए से $100 मिलियन का नया राउंड दो संदेश देता है: Slice ने बड़ी मात्रा में पूंजी जुटाने की क्षमता बरकरार रखी है, लेकिन बाजार अब उसके पुराने फिनटेक दौर की कीमत चुकाने को तैयार नहीं है।
