Udaan का बड़ा B2B दांव: ₹500 करोड़ में LYNK का अधिग्रहण, Swiggy को मिलेगी करीब 3.2% हिस्सेदारी
भारत के बिजनेस-टू-बिजनेस कॉमर्स बाजार में दो बड़े स्टार्टअप नाम एक नए रिश्ते में बंधने जा रहे हैं। Udaan ने Swiggy के स्वामित्व वाली LYNK Logistics को ₹500 करोड़ मूल्य के सौदे में खरीदने पर सहमति जताई है।
इस लेनदेन की खास बात इसकी संरचना है। Udaan, LYNK के लिए Swiggy को सीधे ₹500 करोड़ नकद नहीं देगा। इसके बजाय Udaan की पैरेंट कंपनी Trustroot Internet Private Limited (TIPL) में preference equity shares जारी किए जाएंगे। इसके जरिए Swiggy को Udaan में करीब 2.8% हिस्सेदारी मिलेगी।
Swiggy इसके साथ TIPL में ₹75 करोड़ का नया निवेश भी करेगी, जिससे उसे करीब 0.4% अतिरिक्त हिस्सेदारी मिलेगी। दोनों को मिलाकर Udaan में Swiggy की हिस्सेदारी लगभग 3.2% हो जाएगी।
यह सौदा Udaan के लिए केवल एक अधिग्रहण नहीं है। कंपनी ऐसे समय LYNK को अपने साथ जोड़ रही है जब वह अपने कारोबार की अर्थव्यवस्था सुधारने, प्रमुख बाजारों में पकड़ मजबूत करने और लंबी अवधि में सार्वजनिक बाजार की तैयारी की दिशा में आगे बढ़ रही है।
LYNK से Udaan को क्या मिलेगा?
LYNK एक technology-led retail distribution platform है, जो consumer brands और retailers के बीच वितरण नेटवर्क संचालित करती है।
इसका कारोबार खास तौर पर चार बड़े शहरों में केंद्रित है। बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता मिलकर LYNK के करीब 75% राजस्व में योगदान करते हैं।
Udaan के लिए यह भौगोलिक मौजूदगी महत्वपूर्ण है।
कंपनी पहले से retailers और brands को अपने B2B commerce network के जरिए जोड़ती है। LYNK के जुड़ने से उसे नए retail relationships, distribution capabilities और consumer brands के साथ मौजूदा कारोबारी संबंधों तक पहुंच मिलेगी।
Udaan का कहना है कि यह अधिग्रहण उसके cluster-led operating model के अनुरूप है, जिसमें कंपनी चुनिंदा बाजारों में पर्याप्त कारोबार और वितरण घनत्व तैयार करने पर जोर देती है।
Udaan CEO Vaibhav Gupta ने क्या कहा?
Udaan के co-founder और CEO Vaibhav Gupta ने इस सौदे को भारत के eB2B बाजार में मौजूद अवसर और कंपनी के कारोबारी सुधार की पुष्टि के रूप में पेश किया।
“This deal is a strong endorsement of the huge eB2B opportunity and the progress Udaan has made in building an efficient and sustainable business,” Gupta ने कहा।
उनके मुताबिक, Udaan ने अपने fundamentals मजबूत करने, unit economics सुधारने और cluster-led model को बड़े स्तर पर काम करने योग्य साबित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
Gupta ने कहा कि LYNK का अधिग्रहण Udaan की मौजूदगी को भारत के कुछ महत्वपूर्ण consumption markets में और मजबूत करेगा।
कंपनी की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा भारत के retail ecosystem के लिए technology-led distribution network तैयार करने की है।
Swiggy LYNK बेचकर भी B2B से पूरी तरह बाहर नहीं होगी
Swiggy के लिए यह सौदा दिलचस्प स्थिति बनाता है।
कंपनी LYNK का नियंत्रण Udaan को सौंप रही है, लेकिन बदले में Udaan की शेयरहोल्डर बन जाएगी। साथ ही ₹75 करोड़ का नया निवेश भी कर रही है।
Swiggy CFO Rahul Bothra ने कहा कि कंपनी भारत में B2B बाजार के अवसर को लेकर आशावादी बनी हुई है।
“Bringing LYNK together with Udaan, the market leader, combines complementary capabilities with Udaan's scale and technology-led platform serving India's retail ecosystem,” Bothra ने कहा।
उन्होंने कहा कि ₹75 करोड़ का नया निवेश इस क्षेत्र में Swiggy के भरोसे को दर्शाता है।
इस लिहाज से यह केवल asset sale नहीं है। Swiggy सीधे LYNK चलाने की जगह Udaan में अल्पांश हिस्सेदारी के जरिए B2B commerce के संभावित भविष्य से जुड़ी रहेगी।
Swiggy ने 2023 में खरीदी थी LYNK
LYNK की शुरुआत 2015 में Abinav Raja और Shekhar Bhende ने की थी। चेन्नई से शुरू हुई कंपनी ने FMCG brands को retailers से जोड़ने वाला technology-driven distribution network तैयार किया।
Swiggy ने 2023 में LYNK का अधिग्रहण किया था। उस समय यह कदम food delivery और quick commerce से बाहर retail distribution में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की Swiggy की रणनीति का हिस्सा था।
अब तीन साल बाद LYNK एक बार फिर नए मालिक के पास जा रही है।
फर्क यह है कि इस बार Swiggy कारोबार से पूरी तरह आर्थिक रूप से अलग नहीं हो रही। Udaan में मिलने वाली हिस्सेदारी उसे खरीदार कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन से जोड़ देगी।
LYNK का कारोबार कितना बड़ा है?
Swiggy से जुड़े disclosures के मुताबिक, मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में संबंधित B2B authorised distribution business ने ₹668 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था।
यह Swiggy के consolidated revenue का लगभग 2.90% था।
31 मार्च 2026 तक इस कारोबार से जुड़ी net assets करीब ₹500 करोड़ थीं, जो Swiggy की consolidated net worth का लगभग 2.73% थीं।
यहां corporate structure का एक महत्वपूर्ण अंतर है। रिपोर्टेड disclosures के मुताबिक Lynks Logistics Limited ने standalone आधार पर FY26 में कोई revenue दर्ज नहीं किया था। B2B authorised distribution business Swiggy Networks के भीतर संचालित हो रहा था और सौदा पूरा होने से पहले उसे LYNK entity में transfer किया जाना है।
इसलिए ₹668 करोड़ के revenue को बिना संदर्भ के सीधे LYNK Logistics Limited का standalone revenue बताना सही नहीं होगा।
Udaan की IPO तैयारी के बीच आया सौदा
LYNK acquisition ऐसे समय आया है जब Udaan अपने वित्तीय ढांचे में बड़े बदलाव कर रही है।
कंपनी ने हाल में $160 million का recapitalisation exercise पूरा किया। इसमें fresh equity, नया debt और मौजूदा debt का equity में conversion शामिल था।
Lightspeed Venture Partners, M&G Investments और Moonstone Capital इस प्रक्रिया से जुड़े निवेशकों में शामिल थे। इसमें एक global investment management firm से लगभग $45 million की private credit financing भी शामिल थी।
Udaan के मुताबिक, इससे उसकी balance sheet मजबूत हुई और profitable growth की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिक वित्तीय लचीलापन मिला।
साथ ही कंपनी अपनी लंबी अवधि की public-market readiness पर भी काम कर रही है।
Udaan के कारोबार में सुधार के संकेत
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार Q4 CY23 से Q1 CY26 तक के 10 quarters में Udaan के revenue ने करीब 25% CAGR की दर से वृद्धि की।
इसी अवधि में contribution margin में लगभग 500 basis points का सुधार हुआ, जबकि EBITDA burn करीब 70% घटा।
कंपनी higher-margin categories पर भी अधिक जोर दे रही है।
Udaan के मुताबिक, उसके operating cities में Staples sales का लगभग 15–25% हिस्सा private labels से आने लगा है।
बेंगलुरु, जो कंपनी का सबसे बड़ा operating city है, EBITDA profitability तक पहुंच चुका है। Udaan इसे अपने cluster-based model को अन्य बाजारों में दोहराने की क्षमता के संकेत के रूप में देखती है।
ये सभी आंकड़े कंपनी द्वारा बताए गए operating metrics हैं और इन्हें audited forward performance guarantee के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ShopKirana के बाद दूसरा बड़ा अधिग्रहण
LYNK पिछले कुछ समय में Udaan का दूसरा महत्वपूर्ण acquisition है।
कंपनी ने 2025 में retail technology startup ShopKirana को all-stock transaction में खरीदा था।
दोनों acquisitions में एक समान रणनीतिक दिशा दिखाई देती है: Udaan केवल अपना marketplace बड़ा करने के बजाय distribution infrastructure, retailer relationships और technology capabilities को अपने network में जोड़ने की कोशिश कर रही है।
LYNK इस रणनीति को दक्षिण और पूर्व भारत के कुछ प्रमुख बाजारों में अधिक गहराई दे सकती है।
₹500 करोड़ की डील का असली महत्व
इस सौदे को केवल “Udaan ने Swiggy से ₹500 करोड़ की कंपनी खरीद ली” के रूप में देखना अधूरा होगा।
इसमें दोनों कंपनियों की रणनीति अलग-अलग दिखाई देती है।
Udaan को एक स्थापित distribution network, brands के साथ relationships और चार प्रमुख consumption markets में अधिक पहुंच मिलेगी। Swiggy एक ऐसे कारोबार का प्रत्यक्ष नियंत्रण छोड़ रही है जो उसके मुख्य consumer-facing businesses से अलग है, लेकिन Udaan में लगभग 3.2% हिस्सेदारी लेकर B2B commerce की संभावित growth से जुड़ी रहेगी।
इसमें ₹75 करोड़ की fresh capital भी शामिल है, जो Udaan के लिए नए निवेश के रूप में आएगी।
हालांकि सौदा अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। यह customary closing conditions और आवश्यक regulatory approvals के अधीन है।
इसलिए फिलहाल सबसे सटीक स्थिति यह है कि Udaan ने ₹500 करोड़ मूल्य के transaction में LYNK को acquire करने का समझौता किया है; अंतिम completion आवश्यक मंजूरियों और closing conditions के बाद होगी।
