Ultrahuman को मिली $60 मिलियन की नई फंडिंग
भारतीय वियरेबल टेक्नोलॉजी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल Ultrahuman ने अपनी अगली विकास रणनीति के लिए करीब $60 मिलियन की पूंजी जुटाई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹583 करोड़ बैठती है।
RoC फाइलिंग के आधार पर सामने आई जानकारी के अनुसार, इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Qualcomm Ventures ने किया है। कंपनी की नई पूंजी ऐसे समय आई है जब Ultrahuman अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपना कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ अमेरिका में अपनी मौजूदगी फिर से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
Qualcomm Ventures का बड़ा निवेश
फाइलिंग के अनुसार, Qualcomm Ventures नवीनतम ट्रांच में करीब ₹143 करोड़ निवेश कर रही है।
इसके अलावा Laboratory Corporation of America Holdings (Labcorp) लगभग ₹95 करोड़ लगा रही है, जबकि मौजूदा निवेशक Blume Ventures की ओर से नवीनतम ट्रांच में करीब ₹45 करोड़ के निवेश की जानकारी सामने आई है।
कुल $60 मिलियन की फंडिंग में लगभग ₹282 करोड़ की वह राशि भी शामिल है जो इस साल पहले जुटाई गई थी, जबकि अगस्त में कंपनी ने अधिकतम ₹301 करोड़ की नई शेयर जारी करने की मंजूरी दी। इस तरह कुल फंडिंग करीब ₹583 करोड़ तक पहुंचती है।
करीब $360 मिलियन पहुंची Ultrahuman की वैल्यूएशन
नई फंडिंग के साथ Ultrahuman की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन करीब ₹3,450 करोड़ या लगभग $360 मिलियन आंकी गई है।
फाइलिंग के मुताबिक नवीनतम शेयर लगभग ₹7.85 लाख प्रति शेयर की कीमत पर जारी किए जा रहे हैं।
इससे पहले जुलाई 2026 में रिपोर्ट सामने आई थी कि Ultrahuman करीब $60 मिलियन जुटाने के लिए बातचीत कर रही थी, जिसमें कंपनी की संभावित पोस्ट-मनी वैल्यूएशन $360 मिलियन से $400 मिलियन के बीच बताई गई थी। उस समय फाइनल फंडिंग साइज और निवेशकों का मिश्रण तय नहीं था। अब RoC फाइलिंग से लगभग $60 मिलियन के राउंड और करीब $360 मिलियन की वैल्यूएशन की तस्वीर अधिक स्पष्ट हुई है।
Ultrahuman क्या करती है?
Ultrahuman की स्थापना Mohit Kumar और Vatsal Singhal ने की थी। कंपनी हेल्थ-टेक और वियरेबल डिवाइस सेगमेंट में काम करती है और उपयोगकर्ताओं को नींद, फिटनेस तथा मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने वाले उत्पाद विकसित करती है।
कंपनी के प्रमुख उत्पादों में Ring Air स्मार्ट रिंग, ग्लूकोज मॉनिटरिंग से जुड़ा M1 प्लेटफॉर्म और ब्लड टेस्टिंग प्लेटफॉर्म Blood Vision शामिल हैं।
Ultrahuman की अपनी प्रकाशित सामग्री के मुताबिक Ring AIR उसके कारोबार का सबसे तेजी से बढ़ने वाला एंट्री-पॉइंट रहा है, जबकि PowerPlugs और UltrahumanX जैसे उत्पादों से recurring revenue बढ़ाने की रणनीति भी कंपनी के बिजनेस मॉडल का हिस्सा है।
अमेरिका में वापसी क्यों है महत्वपूर्ण?
Ultrahuman की आगे की रणनीति में अमेरिकी बाजार खास तौर पर महत्वपूर्ण है। कंपनी को फिनलैंड की स्मार्ट-रिंग कंपनी Oura के साथ पेटेंट विवाद का सामना करना पड़ा था।
अगस्त 2025 में अमेरिकी International Trade Commission ने Oura के पक्ष में फैसला दिया था। विवाद स्मार्ट रिंग के डिजाइन पेटेंट से जुड़ा था और इसके बाद Ultrahuman के Ring Air पर अमेरिका में आयात तथा बिक्री से संबंधित प्रतिबंध लगे थे।
मार्च 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, Ultrahuman ने अमेरिकी बाजार के लिए अपनी Ring Pro को नए सिरे से डिजाइन किया और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि इसका डिजाइन पेटेंट उल्लंघन के जोखिम से बचने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इसलिए नई पूंजी सिर्फ कंपनी के सामान्य विस्तार के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है; यह Ultrahuman की दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण wearable-tech बाजारों में से एक अमेरिका में अपनी स्थिति दोबारा बनाने की कोशिश को भी समर्थन दे सकती है। नवीनतम रिपोर्ट भी बताती है कि कंपनी कारोबार विस्तार के साथ अमेरिकी मौजूदगी को फिर से मजबूत करना चाहती है।
भारतीय Wearable-Tech सेक्टर के लिए क्या मायने रखती है यह डील?
Ultrahuman की $60 मिलियन की फंडिंग यह दिखाती है कि निवेशकों की दिलचस्पी अब केवल सामान्य फिटनेस ट्रैकिंग तक सीमित नहीं है। स्मार्ट रिंग, स्लीप ट्रैकिंग, मेटाबॉलिक हेल्थ और लगातार स्वास्थ्य डेटा उपलब्ध कराने वाले डिवाइस तेजी से व्यापक डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का हिस्सा बन रहे हैं।
Ultrahuman के लिए चुनौती सिर्फ नए बाजारों में पहुंचना नहीं होगी। कंपनी को Oura जैसे स्थापित वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करते हुए हार्डवेयर इनोवेशन, पेटेंट अनुपालन और अपने हेल्थ-डेटा इकोसिस्टम को भी मजबूत करना होगा।
Qualcomm Ventures जैसे रणनीतिक टेक निवेशक का इस राउंड का नेतृत्व करना इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि Ultrahuman का भविष्य सेंसर, लो-पावर कंप्यूटिंग, डेटा प्रोसेसिंग और wearable hardware जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सुधार से सीधे जुड़ा हुआ है।
आगे क्या?
नई पूंजी Ultrahuman को अंतरराष्ट्रीय विस्तार और अपने wearable-health पोर्टफोलियो को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त वित्तीय क्षमता देती है। हालांकि कंपनी कितनी तेजी से अमेरिकी बाजार में अपनी स्थिति दोबारा स्थापित कर पाती है और स्मार्ट-रिंग से आगे अपने हेल्थ प्लेटफॉर्म को कितना बड़ा बना पाती है, यह उसके अगले चरण की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल RoC फाइलिंग से सामने आया करीब $60 मिलियन का फंडिंग राउंड और लगभग $360 मिलियन का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन भारतीय consumer health-tech और wearable सेक्टर में Ultrahuman की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं का संकेत देता है।
