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upGrad ने पूरा किया Unacademy का अधिग्रहण, $3.44 अरब से करीब $200 मिलियन तक पहुंची वैल्यूएशन

Ronnie Screwvala की अगुवाई वाली upGrad ने Unacademy का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह ऑल-स्टॉक डील Unacademy को करीब $200 मिलियन से कुछ अधिक की वैल्यू देती है, जबकि 2021 में कंपनी का पीक वैल्यूएशन $3.44 अरब था। यह सौदा भारतीय edtech सेक्टर में महामारी के दौर के तेज विस्तार से मौजूदा consolidation तक आए बड़े बदलाव को भी दिखाता है।

upGrad ने पूरा किया Unacademy का अधिग्रहण, $3.44 अरब से करीब $200 मिलियन तक पहुंची वैल्यूएशन
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द्वारा Jeet Nirmal

स्रोत: Janta Scope

भारतीय शिक्षा-प्रौद्योगिकी यानी edtech सेक्टर में एक महत्वपूर्ण consolidation पूरा हो गया है। Ronnie Screwvala के नेतृत्व वाली upGrad ने Unacademy का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिसकी वैल्यू करीब $200 मिलियन से कुछ अधिक बताई गई है।

Unacademy के सह-संस्थापक और CEO Gaurav Munjal ने 1 सितंबर 2026 को सौदा पूरा होने की पुष्टि की। यह मुख्य रूप से शेयरों के आदान-प्रदान पर आधारित लेनदेन है, जिसमें Unacademy के शेयरधारकों को upGrad के शेयर मिलेंगे।

इस डील का सबसे उल्लेखनीय पहलू Unacademy की वैल्यूएशन में आया बदलाव है। 2021 में कंपनी की वैल्यू करीब $3.44 अरब तक पहुंच गई थी। मौजूदा सौदे की कीमत उसके उस शिखर से लगभग 94% कम है।

Gaurav Munjal ने स्वीकार किया—पीक पर फंड जुटाया, काफी कम वैल्यू पर बिक्री

डील पूरी होने की घोषणा करते हुए Gaurav Munjal ने Unacademy के वैल्यूएशन में आई गिरावट को खुलकर स्वीकार किया।

उन्होंने कहा, “We raised at a peak, but sold at a fraction of that.”

यानी कंपनी ने उस समय पूंजी जुटाई जब उसका वैल्यूएशन अपने उच्च स्तर पर था, लेकिन अंतिम सौदा उस मूल्य के एक छोटे हिस्से पर हुआ।

Munjal के मुताबिक, हालांकि यह वैल्यूएशन के लिहाज से बड़ा अंतर है, लेकिन कंपनी के पास स्वतंत्र रूप से कारोबार जारी रखने का विकल्प भी मौजूद था।

उन्होंने कहा कि Unacademy का topline करीब ₹400 करोड़ था, उसके अधिकांश कारोबार profitable या profitability के करीब थे और कंपनी के पास करीब ₹900 करोड़ की नकदी थी।

इसलिए Munjal ने सौदे को ऐसी बिक्री के रूप में पेश नहीं किया जो तत्काल पूंजी की कमी के कारण जरूरी हो गई हो। उनके अनुसार, upGrad के साथ जुड़ना शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अधिक आकर्षक रणनीतिक रास्ता लगा।

ऑल-स्टॉक डील में क्या हुआ?

यह सौदा मुख्य रूप से all-stock transaction है। इसका अर्थ है कि Unacademy के शेयरधारकों को कंपनी बेचने के बदले केवल नकद भुगतान करने के बजाय upGrad के शेयर दिए जा रहे हैं।

TechCrunch को Ronnie Screwvala द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लेनदेन में Unacademy की वैल्यू करीब ₹1,955 करोड़ या लगभग $206 मिलियन रखी गई। Angel investors को closing के समय cash out किया गया।

इस संरचना का मतलब है कि Unacademy के मौजूदा शेयरधारकों का आर्थिक हित पूरी तरह समाप्त होने के बजाय अब upGrad की भविष्य की वैल्यू से भी जुड़ सकता है।

CCI ने जुलाई में दी थी मंजूरी

इस अधिग्रहण को पूरा करने से पहले एक महत्वपूर्ण regulatory hurdle भी पार किया गया।

Competition Commission of India (CCI) ने 7 जुलाई 2026 को Sorting Hat Technologies Private Limited—जो Unacademy की कानूनी इकाई है—में हिस्सेदारी के अधिग्रहण और उसके upGrad Education Private Limited में विलय को मंजूरी दी थी।

इसके बाद सौदे को अंतिम रूप देने का रास्ता साफ हो गया।

बातचीत कई महीनों तक चली, बीच में रुक भी गई थी डील

upGrad और Unacademy के बीच यह सौदा सीधे अंतिम चरण तक नहीं पहुंचा।

दोनों कंपनियों के बीच बातचीत 2025 के आखिर में शुरू हुई थी। शुरुआती चर्चाओं के दौरान valuation को लेकर सहमति नहीं बन पाई और जनवरी 2026 में बातचीत रुक गई।

इसके बाद मार्च में बातचीत फिर आगे बढ़ी और दोनों पक्षों ने 100% share-swap transaction के लिए term sheet पर सहमति बनाई।

अंततः regulatory approval मिलने के बाद सितंबर में acquisition पूरा हुआ।

यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि मौजूदा edtech बाजार में सिर्फ कंपनी का आकार या पिछला valuation ही निर्णायक नहीं है; खरीदार और निवेशक sustainable economics तथा भविष्य की strategic fit को भी ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

upGrad को क्या मिलेगा?

upGrad मुख्य रूप से higher education, professional upskilling, career development और enterprise learning जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति रखती है।

Unacademy के जुड़ने से कंपनी को online competitive-exam preparation क्षेत्र में सीधी और बड़ी मौजूदगी मिलती है।

Unacademy की तैयारी सेवाओं में UPSC, JEE, NEET और GATE जैसे प्रमुख competitive examinations शामिल रहे हैं।

इससे upGrad का learner base केवल higher education और working professionals तक सीमित रहने के बजाय competitive examination की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों तक भी विस्तृत हो सकता है।

यही इस acquisition का सबसे महत्वपूर्ण strategic पहलू है।

Unacademy, PrepLadder, AirLearn और Graphy पर क्या असर होगा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Unacademy, PrepLadder, AirLearn और Graphy Bengaluru से operate करेंगे। PrepLadder का headquarters Chandigarh से Bengaluru shift किया जाएगा।

Gaurav Munjal Unacademy के CEO के रूप में बने रहेंगे।

Unacademy ने कर्मचारियों से संबंधित ESOP exercise भी पूरी की है। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, करीब ₹45 करोड़ की ESOP exercise में लगभग 1,100 पूर्व कर्मचारियों में से करीब 1,000 ने हिस्सा लिया।

$3.44 अरब से $200 मिलियन: क्या बताता है valuation reset?

2021 में Unacademy का valuation लगभग $3.44 अरब था। उस समय महामारी के कारण online education की मांग तेजी से बढ़ी थी और भारतीय edtech कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी अपने चरम पर थी।

अब करीब $200 मिलियन की deal valuation उस दौर की तुलना में 90% से अधिक की गिरावट दिखाती है।

लेकिन इसे केवल Unacademy की कहानी मानना अधूरा होगा।

यह भारतीय edtech सेक्टर में हुए व्यापक बदलाव का भी संकेत है। महामारी के दौरान तेजी से विस्तार करने वाली कंपनियों को बाद में offline education की वापसी, ऊंची customer-acquisition costs और profitability पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इस कारण sector का focus अब केवल तेजी से users और revenue बढ़ाने से हटकर profitability, sustainable growth और consolidation की ओर बढ़ा है।

upGrad-Unacademy डील क्यों महत्वपूर्ण है?

इस acquisition से दोनों कंपनियों की अलग-अलग strengths एक बड़े education ecosystem के भीतर आ सकती हैं।

Unacademy की competitive exam preparation और consumer learning में मौजूदगी है, जबकि upGrad higher education, professional learning और enterprise-focused education में सक्रिय है।

इस combination से upGrad को learner journey के ज्यादा हिस्सों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलता है—competitive examinations से लेकर higher education और professional upskilling तक।

हालांकि इन संभावित synergies का वास्तविक वित्तीय असर भविष्य के execution पर निर्भर करेगा। डील पूरी होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि integration या growth targets निश्चित रूप से हासिल होंगे।

भारतीय Edtech के लिए बड़ा संकेत

Unacademy-upGrad transaction भारतीय edtech बाजार के नए दौर का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

महामारी के समय इस उद्योग की पहचान तेजी से funding जुटाने, aggressive expansion और ऊंची valuations से बनी थी। अब बाजार का जोर sustainable businesses, profitability और strategic consolidation की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Unacademy का $3.44 अरब के peak valuation से करीब $200 मिलियन की acquisition valuation तक पहुंचना इस बदलाव को बेहद स्पष्ट तरीके से सामने रखता है।

वहीं upGrad के लिए यह सिर्फ एक competitor का acquisition नहीं है। Unacademy के जरिए उसे भारत के बड़े online test-preparation segment में प्रवेश मिलता है और उसका education portfolio पहले से कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।

आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि upGrad अलग-अलग education brands और learner segments को कितनी प्रभावी तरीके से एक ecosystem में जोड़ पाती है।


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