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YOGa Clean Air ने जुटाए ₹20 करोड़, Info Edge Ventures ने किया निवेश; अब Tier-II शहरों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर नजर

क्लीन-एयर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप YOGa Clean Air ने ₹20 करोड़ की Series A फंडिंग जुटाई है। इस निवेश दौर का नेतृत्व Info Edge Ventures ने किया, जबकि Eternal के फाउंडर दीपिंदर गोयल और Three Words Capital ने भी भागीदारी की। कंपनी नई पूंजी के जरिए मौजूदा बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने, नए Tier-I और Tier-II शहरों में विस्तार करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे नए क्षेत्रों में अपनी एयर-क्वालिटी टेक्नोलॉजी ले जाने की योजना बना रही है।

YOGa Clean Air ने जुटाए ₹20 करोड़, Info Edge Ventures ने किया निवेश; अब Tier-II शहरों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर नजर
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

YOGa Clean Air ने Series A में जुटाए ₹20 करोड़

भारत में बढ़ती वायु प्रदूषण की समस्या के बीच इंडोर एयर-क्वालिटी टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली YOGa Clean Air ने अपनी विस्तार योजनाओं के लिए ₹20 करोड़ की Series A फंडिंग हासिल की है।

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Info Edge Ventures ने किया है। इसके अलावा Eternal के फाउंडर दीपिंदर गोयल और निवेश फर्म Three Words Capital ने भी इस दौर में भाग लिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह YOGa Clean Air की पहली बाहरी फंडिंग है। कंपनी अब तक बड़े पैमाने पर अपने कारोबार और रेफरल आधारित ग्रोथ के जरिए आगे बढ़ती रही थी।

₹20 करोड़ की डील कैसे हुई?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल ₹20 करोड़ का ट्रांजैक्शन प्राथमिक पूंजी और सेकेंडरी ट्रांजैक्शन का मिश्रण है।

करीब ₹10 करोड़ कंपनी में प्राथमिक पूंजी के रूप में आए हैं, जबकि शेष ₹10 करोड़ सेकेंडरी ट्रांजैक्शन से जुड़े हैं।

इस अंतर को समझना महत्वपूर्ण है। पूरी ₹20 करोड़ की राशि कंपनी के विस्तार के लिए नई नकदी के रूप में उपलब्ध नहीं होगी; प्राथमिक हिस्से से प्राप्त पूंजी ही सीधे कंपनी में जाती है।

नए Tier-I और Tier-II शहरों में विस्तार की तैयारी

YOGa Clean Air नई पूंजी का इस्तेमाल अपने मौजूदा बाजारों में उपस्थिति मजबूत करने और अतिरिक्त Tier-I तथा Tier-II शहरों तक पहुंच बढ़ाने के लिए करना चाहती है।

कंपनी की योजना केवल घरों और पारंपरिक कमर्शियल बिल्डिंग तक सीमित रहने की नहीं है। वह अपनी एयर-क्वालिटी टेक्नोलॉजी को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और अन्य नए वातावरणों में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर भी काम कर रही है।

यह रणनीति कंपनी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में एयर-क्वालिटी मैनेजमेंट घर, स्कूल या ऑफिस जैसे स्थिर इंडोर वातावरण की तुलना में अलग तकनीकी चुनौतियां पेश करता है।

क्या है YOGa की ‘Clean Air Bubble’ टेक्नोलॉजी?

YOGa Clean Air पारंपरिक पोर्टेबल एयर प्यूरीफायर से अलग मॉडल पर काम करने का दावा करती है।

कंपनी की पेटेंटेड Clean Air Bubble टेक्नोलॉजी का उद्देश्य किसी सीमित हिस्से की हवा को फिल्टर करने के बजाय पूरे इंडोर स्पेस की एयर क्वालिटी को मैनेज करना है।

यह सिस्टम बाहर से अंदर आने वाली हवा को फिल्टर करता है और इंडोर स्पेस में बाहर की तुलना में थोड़ा अधिक एयर प्रेशर बनाए रखने के सिद्धांत पर काम करता है। इसका उद्देश्य दरवाजों, खिड़कियों या दूसरी खुली जगहों से प्रदूषित बाहरी हवा के प्रवेश को कम करना है।

इसके साथ सिस्टम इंडोर कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) स्तर को भी मैनेज करने के लिए डिजाइन किया गया है।

5,000 से ज्यादा परिवारों और संस्थानों तक पहुंच

कंपनी के मुताबिक, उसकी एयर-क्वालिटी टेक्नोलॉजी फिलहाल 11 भारतीय शहरों में इस्तेमाल हो रही है।

इनमें दिल्ली-NCR, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।

YOGa का कहना है कि उसके सिस्टम 5,000 से अधिक परिवारों और संस्थानों तक पहुंच चुके हैं। कंपनी घरों के अलावा स्कूल, अस्पताल, ऑफिस और जिम जैसे स्थानों के लिए भी एयर-क्वालिटी समाधान उपलब्ध कराती है।

कंपनी के पास अपनी टेक्नोलॉजी से जुड़े दो पेटेंट भी हैं।

प्रदूषण घटाने को लेकर कंपनी का बड़ा दावा

YOGa Clean Air का दावा है कि उसकी टेक्नोलॉजी ऐसे हालात में भी इंडोर प्रदूषण स्तर को single-digit readings तक कम करने में सक्षम रही है, जब बाहर प्रदूषण का स्तर 900 µg/m³ से अधिक था।

यह आंकड़ा कंपनी का दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से सार्वभौमिक प्रदर्शन मानक नहीं माना जाना चाहिए। कंपनी के अनुसार, उसकी टेक्नोलॉजी के प्रदर्शन को IIT Delhi द्वारा भी स्वतंत्र रूप से validate किया गया है।

इसलिए फंडिंग से अलग, कंपनी के विस्तार के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अलग-अलग शहरों, बिल्डिंग डिजाइन और उपयोग के वातावरण में सिस्टम किस स्तर की निरंतर performance दे पाता है।

2019 में औपचारिक रूप से स्थापित हुई कंपनी

YOGa का शुरुआती कॉन्सेप्ट Sachin Panwar से जुड़ा है और कंपनी को YOGAN Solutions Pvt Ltd के रूप में 2019 में Sachin Panwar, Deepak Raina और Gaurav Nagar के साथ औपचारिक रूप दिया गया।

कंपनी के नेतृत्व में IIT Delhi के प्रोफेसर Mukesh Khare भी non-executive chairman के रूप में शामिल हैं।

YOGa ने अब तक काफी हद तक रेफरल और word-of-mouth आधारित ग्रोथ पर जोर दिया है। अब बाहरी संस्थागत पूंजी मिलने के बाद कंपनी के सामने इस मॉडल को बड़े स्तर पर ले जाने की चुनौती होगी।

YOGa Clean Air की फंडिंग क्यों महत्वपूर्ण है?

यह फंडिंग सिर्फ एक एयर-प्यूरीफायर कंपनी में निवेश के रूप में देखना सीमित नजरिया होगा।

भारत में इंडोर एयर-क्वालिटी सेक्टर धीरे-धीरे पारंपरिक portable air purifiers से आगे बढ़ रहा है। कंपनियां अब पूरे कमरे या बिल्डिंग की एयर-क्वालिटी मैनेजमेंट, HVAC-integrated filtration, monitoring और दूसरे तकनीकी समाधानों पर काम कर रही हैं।

YOGa इसी बदलाव के बीच अपनी Clean Air Bubble टेक्नोलॉजी को एक building-level solution के तौर पर विस्तार देना चाहती है।

कंपनी की रणनीति में B2B ग्राहक भी ज्यादा महत्वपूर्ण होते दिखाई दे रहे हैं। बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, अस्पताल, स्कूल और दूसरे संस्थागत ग्राहक सफल होने पर व्यक्तिगत घरेलू ग्राहकों की तुलना में बड़े कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध करा सकते हैं।

आगे क्या होगा सबसे बड़ा टेस्ट?

₹20 करोड़ की Series A फंडिंग YOGa Clean Air को विस्तार के लिए अतिरिक्त संसाधन देती है, लेकिन कंपनी की असली परीक्षा अब execution की होगी।

नए शहरों में सर्विस नेटवर्क बनाना, बढ़ते B2B कारोबार को संभालना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे नए उपयोग मामलों में टेक्नोलॉजी को सफलतापूर्वक लागू करना इसके अगले चरण के प्रमुख पहलू होंगे।

साथ ही, एयर-क्वालिटी टेक्नोलॉजी में ग्राहकों के लिए सिर्फ शुरुआती इंस्टॉलेशन नहीं बल्कि लंबे समय तक सिस्टम की प्रभावशीलता, मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग कॉस्ट भी महत्वपूर्ण होती है।

ऐसे में YOGa की Series A फंडिंग कंपनी के लिए केवल पूंजी जुटाने का पड़ाव नहीं, बल्कि यह साबित करने का मौका भी है कि उसका अब तक का रेफरल-आधारित और अपेक्षाकृत सीमित स्तर का कारोबार एक बड़े राष्ट्रीय clean-air platform में बदल सकता है या नहीं।


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