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वायरल

2 साल से खराब नेटवर्क पर भड़के ग्रामीण, टेक्नीशियन को टावर से बांधा; फिर कहानी में आया चौंकाने वाला मोड़

उत्तर प्रदेश के Fatehpur जिले के Hardauli गांव में खराब मोबाइल नेटवर्क से नाराज ग्रामीणों ने एक telecom technician को कथित तौर पर बंधक बनाकर मोबाइल टावर से बांध दिया। पुलिस के मुताबिक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि technician ने ही शिकायत ऊपर तक पहुंचाने के लिए खुद को बांधने का सुझाव दिया था, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

2 साल से खराब नेटवर्क पर भड़के ग्रामीण, टेक्नीशियन को टावर से बांधा; फिर कहानी में आया चौंकाने वाला मोड़
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

उत्तर प्रदेश के Fatehpur जिले में लंबे समय से खराब मोबाइल नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी एक असामान्य घटना में बदल गई। Hardauli गांव में टावर पर काम करने पहुंचे एक telecom technician को स्थानीय लोगों ने घेर लिया और कथित तौर पर रस्सी से मोबाइल टावर से बांध दिया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मौके पर मौजूद सात लोगों की पहचान की गई और उनमें से छह को wrongful confinement तथा breach of peace से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

बाद में कुछ मीडिया रिपोर्टों में एक असामान्य दावा सामने आया—technician ने कथित तौर पर ग्रामीणों को खुद सुझाव दिया था कि वे उसे बंधक बना लें, ताकि मामला telecom company के senior officials तक पहुंचे और नेटवर्क की समस्या पर कार्रवाई हो।

यह दावा अभी पुलिस की ओर से पुष्ट तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।

कहां और कैसे हुई घटना?

घटना Uttar Pradesh के Fatehpur जिले के Bindki क्षेत्र के Hardauli गांव की है।

पुलिस के मुताबिक technician की पहचान Aditya Bhan Singh के रूप में हुई है। वह गुरुवार को गांव में स्थित telecom tower पर काम करने पहुंचा था।

स्थानीय लोगों ने उसे घेर लिया और खराब mobile connectivity को लेकर सवाल करने लगे। इसके बाद स्थिति बिगड़ी और technician को टावर से बांध दिया गया।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में Singh को टावर से बंधा देखा गया, जबकि आसपास कई लोग और बच्चे मौजूद थे।

ग्रामीणों का आरोप—दो साल से नेटवर्क की परेशानी

Hardauli के कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि वे करीब दो वर्षों से connectivity failures का सामना कर रहे हैं।

उनका दावा था कि वे 5G data packages के लिए भुगतान कर रहे हैं, लेकिन उन्हें खराब 4G connectivity मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार network connection कुछ समय बाद टूट जाता था।

स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पिछले करीब तीन महीनों से कोई कर्मचारी टावर पर नहीं आया था।

पुलिस के मुताबिक यह Aditya Bhan Singh का इस tower पर पहला दौरा था और उसने संबंधित firm करीब तीन महीने पहले ही join की थी।

इससे एक अहम तथ्य सामने आता है—जिस कर्मचारी को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा, वह कथित दो साल पुरानी समस्या के दौरान लंबे समय से उस site पर काम नहीं कर रहा था।

फिर आया कहानी में 'Twist'

घटना के बाद कुछ रिपोर्टों ने मामले में एक अलग पहलू सामने रखा।

इन रिपोर्टों के अनुसार जब ग्रामीण technician पर network problem ठीक कराने का दबाव बना रहे थे, तब उसने कथित तौर पर सुझाव दिया कि उसे बंधक बना लिया जाए। दावा है कि ऐसा करने से मामला telecom company के senior अधिकारियों तक पहुंच सकता था और नेटवर्क समस्या पर तेजी से कार्रवाई हो सकती थी।

हालांकि इस दावे को सावधानी से देखने की जरूरत है।

Indian Express में प्रकाशित पुलिस के विस्तृत बयान के अनुसार, जांच के दौरान कुछ ग्रामीणों ने कहा कि उनका मानना था कि technician को रस्सी से बांधने पर senior officials तक संदेश जाएगा और दूसरे कर्मचारी समस्या ठीक करने गांव आएंगे। इस पुलिस विवरण में technician द्वारा खुद ऐसा करने का सुझाव देने की पुष्टि नहीं की गई है।

इसलिए फिलहाल इतना ही निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि technician को बांधने का उद्देश्य कथित तौर पर telecom company के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान खींचना था; यह विचार technician ने खुद दिया था या नहीं, इस पर उपलब्ध रिपोर्टिंग एक जैसी नहीं है।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

Fatehpur के SP Abhimanyu Manglik के अनुसार, मामला सोशल मीडिया के जरिए पुलिस के संज्ञान में आया। उन्होंने कहा कि Hardauli गांव में एक technician को स्थानीय लोगों द्वारा बंधक बनाए जाने की घटना सामने आई थी।

पुलिस ने मौके पर मौजूद सात लोगों की पहचान की। इनमें से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।

Bindki police station के SHO Shailesh Kumar Singh के अनुसार आरोपियों के खिलाफ wrongful confinement के साथ breach of peace से संबंधित कार्रवाई भी की गई।

पुलिस पहुंचने से पहले छोड़ दिया गया था Technician

घटना की शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि technician करीब दो घंटे तक बंधा रहा।

हालांकि Indian Express की 12 सितंबर की अपडेटेड रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की टीम सूचना मिलने के बाद गांव पहुंची, लेकिन तब तक ग्रामीण technician को छोड़ चुके थे।

घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया और उसी ने मामले को बड़े स्तर पर चर्चा में ला दिया।

खराब नेटवर्क से Digital Services पर असर का दावा

ग्रामीणों ने कहा कि कमजोर connectivity केवल फोन कॉल तक सीमित समस्या नहीं थी।

अन्य रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय लोगों ने internet access, online classes और digital payments जैसी सेवाओं में परेशानी होने का दावा किया। उनका कहना था कि recharge के लिए पूरी रकम देने के बावजूद अपेक्षित network service नहीं मिल रही थी।

ये ग्रामीणों द्वारा किए गए दावे हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में telecom operator की ओर से network performance पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

घटना से उठता बड़ा सवाल

Hardauli की घटना ग्रामीण क्षेत्रों में digital connectivity की बढ़ती अहमियत को भी दिखाती है।

मोबाइल नेटवर्क अब केवल कॉल करने का माध्यम नहीं है। Online education, UPI और अन्य digital payments, government services और रोजमर्रा के internet access के लिए स्थिर connectivity महत्वपूर्ण हो चुकी है।

इस वजह से खराब network service लंबे समय तक बनी रहने पर लोगों की नाराजगी बढ़ सकती है। लेकिन किसी कर्मचारी को बंधक बनाना या उसकी स्वतंत्रता को सीमित करना शिकायत दर्ज कराने का वैध तरीका नहीं है—और इसी कारण मामले में पुलिस कार्रवाई हुई।

दूसरी तरफ, ग्रामीणों द्वारा बताए गए दो साल पुराने connectivity issues की शिकायतों की वास्तविक स्थिति और telecom operator ने उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए, यह अलग सवाल है जिस पर उपलब्ध रिपोर्टिंग में पूरी जानकारी नहीं है।

क्या Technician ने सच में खुद को बांधने को कहा था?

फिलहाल इस मामले का यही सबसे दिलचस्प, लेकिन सबसे कम पुष्ट हिस्सा है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में sources के हवाले से कहा गया है कि Aditya Bhan Singh ने खुद यह तरीका सुझाया ताकि मामला company management तक पहुंचे। दूसरी ओर पुलिस की विस्तृत जानकारी केवल यह बताती है कि ग्रामीणों के एक वर्ग को लगा था कि technician को बांधने से senior officials का ध्यान आकर्षित होगा।

इसलिए वायरल कहानी के इस “bizarre twist” को अभी दावा ही माना जाना चाहिए, स्थापित तथ्य नहीं।

जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट हो सकता है कि technician को बांधने का विचार वास्तव में किसका था और घटना किन परिस्थितियों में उस स्तर तक पहुंची।

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