अनार छीलने के बाद आपकी उंगलियां भी भूरी या काली पड़ जाती हैं? देखने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसकी संभावित वजह अनार के छिलके और रस में मौजूद प्राकृतिक plant compounds हैं।
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, अनार का छिलका polyphenols और tannins से भरपूर होता है। इनमें punicalagin, punicalin और ellagic acid जैसे यौगिक शामिल हैं। उपलब्ध शोध में punicalagin को अनार के छिलके के प्रमुख tannins में से एक बताया गया है।
अनार में anthocyanins भी पाए जाते हैं। ये पानी में घुलने वाले प्राकृतिक pigments हैं और अनार के लाल रंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिर उंगलियां इतनी गहरी क्यों दिखने लगती हैं?
फल को तोड़ते और छीलते समय छिलके तथा रस के phenolic compounds त्वचा के संपर्क में आते हैं। Pomegranate peel में polyphenols की मात्रा विशेष रूप से अधिक पाई गई है, और शोध यह भी दिखाता है कि फल के छिलके में enzymatic browning से जुड़े phenolic बदलाव हो सकते हैं।
इसी वजह से त्वचा पर लगे रस/छिलके के compounds समय के साथ गहरे भूरे रंग के दाग जैसा रूप दे सकते हैं। हालांकि, मनुष्य की उंगलियों पर अनार से बनने वाले काले दाग की सटीक chemical reaction पर प्रत्यक्ष clinical research सीमित मिली। इसलिए इसे केवल किसी एक compound या reaction का परिणाम बताना वैज्ञानिक रूप से ज्यादा निश्चित दावा होगा।
दाग से कैसे बचें?
अगर आपकी त्वचा आसानी से stain होती है, तो अनार छीलते समय food-safe gloves पहनना सबसे आसान उपाय है। काम खत्म होने के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना भी उपयोगी है। त्वचा पर बहुत तेज chemical cleaner या जरूरत से ज्यादा रगड़ने से बचें।
JantaScope Takeaway
अनार छीलने के बाद उंगलियों का गहरा होना आम तौर पर फल के प्राकृतिक pigments और polyphenol-rich पदार्थों के त्वचा के संपर्क में आने से जुड़ा माना जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि जिस छिलके को हम फेंक देते हैं, वही हिस्सा tannins और दूसरे bioactive polyphenols का समृद्ध स्रोत है।
