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अनंत अंबानी ने 23 महीने के वेदांश के ₹9 करोड़ के इलाज में मदद का दिया भरोसा, SMA Type 1 से जूझ रहा मासूम

Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type 1 से जूझ रहे 23 महीने के वेदांश सिंह के इलाज के लिए करीब ₹9 करोड़ की जरूरत बताई गई है। वेदांश के लिए फंड जुटा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मयुरेश गुजर का कहना है कि अनंत अंबानी ने बच्चे के इलाज का खर्च उठाने का भरोसा दिया है। हालांकि, अभियान टीम ने यह भी कहा है कि औपचारिक पुष्टि और आगे की प्रक्रिया का अभी इंतजार है।

अनंत अंबानी ने 23 महीने के वेदांश के ₹9 करोड़ के इलाज में मदद का दिया भरोसा, SMA Type 1 से जूझ रहा मासूम
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: यह रिपोर्ट मुख्य रूप से The Indian Express और Mid-day में प्रकाशित विवरणों तथा मयुरेश गुजर द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है।

वेदांश के लिए जारी अभियान को मिली बड़ी उम्मीद

23 महीने के वेदांश सिंह के महंगे इलाज के लिए चल रही धन जुटाने की मुहिम को एक महत्वपूर्ण उम्मीद मिली है। वेदांश Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type 1 नामक गंभीर आनुवंशिक बीमारी से जूझ रहा है और उसके इलाज की अनुमानित लागत करीब ₹9 करोड़ बताई जा रही है।

मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मयुरेश गुजर और उनकी टीम पिछले कई सप्ताह से वेदांश के लिए धन जुटाने का अभियान चला रहे थे। गुजर के अनुसार, इसी अभियान के दौरान अनंत अंबानी ने वेदांश के इलाज में मदद करने और खर्च उठाने का भरोसा दिया।

लालबागचा राजा के पास हुई मुलाकात

रिपोर्टों के अनुसार, 21 सितंबर को मुंबई में लालबागचा राजा के पास गुजर और उनकी टीम वेदांश की मदद के लिए बैनर लेकर अभियान चला रही थी।

गुजर का कहना है कि अनंत अंबानी की नजर उनके बैनर पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और अभियान के बारे में जानकारी ली। दोनों के बीच करीब पांच मिनट बातचीत हुई। गुजर ने उन्हें वेदांश की बीमारी, इलाज और आवश्यक धनराशि के बारे में बताया।

गुजर के अनुसार, इसी बातचीत के दौरान अंबानी ने इलाज में सहायता करने का भरोसा दिया और बच्चे को अस्पताल लाने की बात कही। दोनों पक्षों के बीच संपर्क विवरण भी साझा किए गए।

टीम ने पहले ही जुटाए थे करीब ₹2.22 करोड़

वेदांश के इलाज के लिए अभियान पहले से बड़े स्तर पर चल रहा था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, गुजर और उनकी टीम ने सार्वजनिक अपील और सोशल मीडिया अभियान के जरिए लगभग ₹2.22 करोड़ जुटा लिए थे। फिर भी यह राशि करीब ₹9 करोड़ की अनुमानित उपचार लागत से काफी कम थी।

अभियान के दौरान टीम मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर लोगों से सहयोग की अपील करती रही। सोशल मीडिया ने भी इस मुहिम को अधिक लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

‘खुशी से कांप रहे थे’

अंबानी से मुलाकात के बाद गुजर ने उस पल को बेहद भावुक बताया। उनके मुताबिक, टीम कई दिनों से लगातार अभियान चला रही थी और अचानक मिली इस उम्मीद के बाद वे “खुशी से कांप रहे थे।”

उनका कहना था कि लगातार मेहनत, नींद रहित रातें और खराब मौसम में चलाया गया अभियान उस समय सार्थक महसूस हुआ। बाद में इस घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर देखा गया।

क्या मदद की औपचारिक पुष्टि हो चुकी है?

यह इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इलाज का खर्च उठाने का भरोसा देने की जानकारी मयुरेश गुजर की ओर से सामने आई है।

रिपोर्ट प्रकाशित होने तक अभियान टीम अंबानी की ओर से आगे की औपचारिक पुष्टि और संपर्क का इंतजार कर रही थी। इसलिए इसे पूरी हो चुकी ₹9 करोड़ की आर्थिक सहायता के बजाय इलाज का खर्च उठाने की पेशकश/भरोसे के रूप में प्रस्तुत करना अधिक सटीक है।

SMA Type 1 क्या है?

Spinal Muscular Atrophy एक आनुवंशिक बीमारी है जो शरीर की मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका कोशिकाओं को प्रभावित करती है। SMA Type 1 इसका गंभीर रूप माना जाता है और बहुत कम उम्र में इसके लक्षण सामने आ सकते हैं।

वेदांश के मामले में परिवार और अभियान टीम उपचार को लेकर समय की अहमियत पर लगातार जोर दे रहे हैं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

वेदांश की कहानी केवल एक परिवार की आर्थिक चुनौती तक सीमित नहीं है। यह उन परिस्थितियों की ओर भी ध्यान खींचती है जहां दुर्लभ बीमारियों के अत्यधिक महंगे उपचार के लिए परिवारों को बड़े पैमाने पर क्राउडफंडिंग और निजी सहायता पर निर्भर होना पड़ सकता है।

इस अभियान ने यह भी दिखाया है कि सोशल मीडिया किसी मेडिकल फंडरेजिंग अभियान को तेजी से बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचा सकता है। हालांकि, ऐसे अभियानों में उपचार की जानकारी, आवश्यक धनराशि और प्राप्त सहायता की पुष्टि को स्पष्ट रखना भी जरूरी है।

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