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बेंगलुरु CEO ने Bittu Tabahi के सफाई अभियान को दिया समर्थन, फंड जुटाने की पेशकश

मध्य प्रदेश की अजनार नदी से शुरू हुआ Bittu Tabahi का सफाई अभियान अब दिल्ली-NCR सहित कई जगहों तक पहुंच चुका है। इसी बीच बेंगलुरु के CEO सिद्धार्थ डायलानी ने उनके काम की सराहना करते हुए उनसे जुड़ने और अभियान के लिए समान सोच रखने वाले लोगों से फंड जुटाने की इच्छा जताई है।

बेंगलुरु CEO ने Bittu Tabahi के सफाई अभियान को दिया समर्थन, फंड जुटाने की पेशकश
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: India Today; Siddharth Dialani/X

Bittu Tabahi के अभियान को मिला नया समर्थन

सोशल मीडिया पर अपने सफाई अभियानों को लेकर चर्चा में आए Surendra Singh Choudhary, जिन्हें लोग Bittu Tabahi के नाम से जानते हैं, के काम को अब बेंगलुरु के एक उद्यमी का समर्थन मिला है।

India Today की 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु स्थित CEO Siddharth Dialani ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए Bittu के सफाई अभियान की तारीफ की और लोगों से उनसे संपर्क कराने में मदद मांगी।

डायलानी ने अपनी पोस्ट में कहा कि Bittu का काम उन्हें भारत में स्वच्छता के लिए और अधिक करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने Bittu के कुछ अभियानों में आर्थिक योगदान देने के साथ-साथ समान सोच रखने वाले लोगों से फंड जुटाने की इच्छा भी जताई। Hindustan Times ने भी इसी पोस्ट और पेशकश की रिपोर्टिंग की है।

यह फिलहाल फंड जुटाने की पेशकश है; उपलब्ध रिपोर्टिंग में किसी निश्चित राशि के जुटाए या Bittu को हस्तांतरित किए जाने की पुष्टि नहीं है।

कौन हैं Bittu Tabahi?

Bittu Tabahi का वास्तविक नाम Surendra Singh Choudhary है। वह मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के बियावरा से हैं और अजनार नदी की सफाई के अपने प्रयासों के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा में आए।

रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने नदी से प्लास्टिक, बोतलों और दूसरे कचरे को निकालने का काम महीनों तक जारी रखा। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 26 जनवरी से अभियान शुरू किया और शुरुआती उपकरणों तथा जरूरी सामान पर अपने करीब ₹30,000 खर्च किए।

उनके काम के वीडियो और नदी के पहले तथा बाद के दृश्य सोशल मीडिया पर फैलने के बाद अभियान को देश और विदेश में पहचान मिली।

मध्य प्रदेश से दिल्ली-NCR तक पहुंचा सफाई अभियान

अजनार नदी तक सीमित रहने के बजाय Bittu ने बाद में अपने अभियान को अन्य क्षेत्रों तक ले जाने की बात कही।

सितंबर में उन्होंने बेंगलुरु के Turahalli Forest में स्थानीय लोगों और पर्यावरण समूहों के साथ सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इस अभियान में पर्यावरणविद और सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी A.N. Yellappa Reddy भी शामिल थे।

इसके बाद Bittu दिल्ली पहुंचे। India Today के मुताबिक, 20 सितंबर को World Cleanup Day के अवसर पर शुरू किए गए तीन दिवसीय अभियान के पहले चरण में Bittu और स्वयंसेवकों ने यमुना नदी के किनारे से 585 किलोग्राम कचरा हटाया।

अभियान इसके बाद गुरुग्राम पहुंचा, जहां Bittu की टीम ने Khedki Daula से 2,435 किलोग्राम कचरा हटाने की जानकारी दी। तीन शहरों वाला अभियान Noida के Sector 94 स्थित Yuva Shakti Ghat तक पहुंचा।

यह अंतर महत्वपूर्ण है: ये आंकड़े अभियान से जुड़े सोशल मीडिया अपडेट और मीडिया रिपोर्टों में बताए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र सरकारी ऑडिट के आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

The Ocean Cleanup से भी मिला था प्रस्ताव

Bittu के काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान मिला है।

इस महीने Netherlands स्थित पर्यावरण संगठन The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO Boyan Slat ने Bittu को अपने संगठन के साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था। बाद में Bittu ने बताया कि उनकी संगठन के साथ बातचीत हुई है।

India Today ने भी रिपोर्ट किया कि इस प्रस्ताव के बाद Bittu ने अपने followers से पूछा था कि सफाई अभियान को आगे भारत के किस राज्य में ले जाना चाहिए।

इससे Bittu का अभियान स्थानीय नदी की सफाई से आगे बढ़कर अलग-अलग शहरों में लोगों को जोड़ने वाले अभियान का रूप लेता दिखाई दिया है।

आर्थिक मदद क्यों हो सकती है महत्वपूर्ण?

Bittu के अभियान का अगला चरण केवल व्यक्तिगत प्रयास पर निर्भर रहने के बजाय volunteers, उपकरण, protective gear, कचरा ढुलाई और disposal जैसी व्यवस्थाओं की मांग कर सकता है।

यहीं Siddharth Dialani की पेशकश महत्वपूर्ण संदर्भ जोड़ती है। उनका प्रस्ताव केवल व्यक्तिगत donation तक सीमित नहीं है; उन्होंने समान सोच रखने वाले लोगों से Bittu के काम के लिए फंड जुटाने की बात भी कही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई औपचारिक fundraising campaign स्थापित किया गया है या कितना पैसा जुटाने का लक्ष्य रखा जाएगा।

सोशल मीडिया पर डायलानी की पोस्ट के जवाब में कुछ लोगों ने आर्थिक योगदान देने में रुचि भी दिखाई, जबकि अन्य ने इस बात पर चर्चा की कि इस तरह के अभियान को देश के अन्य शहरों और जल निकायों तक कैसे बढ़ाया जा सकता है।

वायरल अभियान से आगे की असली चुनौती

Bittu Tabahi की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने से आगे एक व्यावहारिक सवाल भी सामने रखती है—किसी सार्वजनिक स्थान को एक बार साफ करने के बाद उसे दोबारा कचरे से भरने से कैसे रोका जाए?

Bittu का मौजूदा मॉडल लोगों को सफाई अभियान में प्रत्यक्ष रूप से शामिल करने पर केंद्रित है। Bengaluru से Delhi-NCR तक उनके हालिया अभियानों में volunteers की भागीदारी भी दिखाई दी है।

यदि आर्थिक सहयोग और स्थानीय volunteer networks बढ़ते हैं, तो इससे अभियान का दायरा बढ़ सकता है। लेकिन लंबे समय तक असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि साफ किए गए स्थानों पर नियमित waste collection, disposal और स्थानीय स्तर पर कचरा न फैलाने की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है।


Source

Primary Source: India Today, September 25, 2026 — Bengaluru CEO supports Bittu Tabahi's cleanup mission, offers to raise funds for him.

Additional Sources: Hindustan Times, Times of India, Moneycontrol और Bittu Tabahi के सार्वजनिक social-media updates से संबंधित रिपोर्टिंग।

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