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बिहार के सांसद ने फर्राटेदार मराठी बोलकर चौंकाया, Devendra Fadnavis से बातचीत का वीडियो वायरल; जानिए महाराष्ट्र से खास कनेक्शन

बिहार के सीतामढ़ी से JD(U) सांसद Devesh Chandra Thakur का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से धाराप्रवाह मराठी में बातचीत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह बातचीत उस समय हुई जब नेपाल में बाढ़ से प्रभावित होकर बिहार पहुंचे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जा रही थी। सांसद की मराठी के पीछे उनका महाराष्ट्र से दशकों पुराना शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक जुड़ाव है।

बिहार के सांसद ने फर्राटेदार मराठी बोलकर चौंकाया, Devendra Fadnavis से बातचीत का वीडियो वायरल; जानिए महाराष्ट्र से खास कनेक्शन
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

बिहार के सांसद की फर्राटेदार मराठी चर्चा में, Devendra Fadnavis से बातचीत का वीडियो वायरल

देश में भाषा को लेकर समय-समय पर होने वाली राजनीतिक बहस के बीच बिहार के एक सांसद का धाराप्रवाह मराठी बोलते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया है।

वीडियो में बिहार के सीतामढ़ी से JD(U) सांसद Devesh Chandra Thakur महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से फोन पर मराठी में बातचीत करते दिखाई देते हैं।

लेकिन यह बातचीत सिर्फ भाषा कौशल दिखाने का मौका नहीं थी। इसके पीछे नेपाल में आई बाढ़ से बचकर बिहार पहुंचे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाने की कोशिश जुड़ी थी।

नेपाल से बिहार पहुंचे थे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री

रिपोर्ट के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के तीर्थयात्रियों का एक समूह प्रभावित क्षेत्र से निकलकर बिहार पहुंचा।

कुल 106 तीर्थयात्री सीतामढ़ी के रास्ते बिहार में दाखिल हुए। वहां जिला प्रशासन ने उनके लिए भोजन, ठहरने और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की। इसके बाद उन्हें पटना के रास्ते नागपुर भेजने की तैयारी की गई।

इसी दौरान सांसद Devesh Chandra Thakur भी यात्रियों की मदद और उनकी आगे की यात्रा की व्यवस्था में शामिल हुए।

Devendra Fadnavis से मराठी में हुई बातचीत

सोशल मीडिया पर चर्चा में आए एक वीडियो में Thakur महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से फोन पर बात करते दिखाई देते हैं।

बातचीत के दौरान उन्होंने मराठी में यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी दी और उनकी यात्रा के लिए अतिरिक्त रेलवे कोच की व्यवस्था से जुड़ी बात की। रिपोर्ट के अनुसार, Patna-Nanded Express में एक अतिरिक्त कोच की व्यवस्था बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी।

Thakur ने बातचीत के दौरान Fadnavis से कहा:

“Ho Saheb! There’s no problem. They’re all with us, safe.”

इस बातचीत में उनकी सहज और धाराप्रवाह मराठी ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा।

यात्रियों से भी मराठी में संवाद

एक अन्य वीडियो में महाराष्ट्र की एक महिला यात्री खाने की तारीफ करते हुए मराठी में अपनी प्रतिक्रिया देती दिखाई देती हैं। वह भोजन को बेहद अच्छा बताते हुए कहती हैं कि इसे प्यार से बनाया गया है।

Thakur उनके पास खड़े होकर बातचीत में शामिल होते हैं। ऐसे समय में यात्रियों को अपनी भाषा में संवाद करने वाला जनप्रतिनिधि मिलना इस घटना को सामान्य प्रशासनिक सहायता से अलग बनाता है।

बिहार के सांसद को इतनी अच्छी मराठी कैसे आती है?

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि बिहार से सांसद Devesh Chandra Thakur इतनी धाराप्रवाह मराठी कैसे बोलते हैं?

इसका जवाब उनके लंबे महाराष्ट्र कनेक्शन में छिपा है।

Thakur का जन्म बिहार के सीतामढ़ी में हुआ, लेकिन उनकी पढ़ाई और शुरुआती राजनीतिक जीवन का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र में बीता।

उनकी संसदीय प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने Sainik School, Nashik में पढ़ाई की। इसके बाद वह पुणे गए, जहां उन्होंने Fergusson College से BA Honours और बाद में ILS Law College से कानून की डिग्री हासिल की।

यानी मराठी उनके लिए हाल में सीखी गई भाषा नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र में बिताए लंबे समय का हिस्सा है।

पुणे से शुरू हुआ था छात्र राजनीति का सफर

Thakur का महाराष्ट्र से रिश्ता सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा।

उन्होंने पुणे में छात्र राजनीति में भी हिस्सा लिया और तत्कालीन University of Pune, जिसे अब Savitribai Phule Pune University के नाम से जाना जाता है, में छात्र संघ चुनाव भी लड़ा था।

सीतामढ़ी जिला प्रशासन की प्रोफाइल का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि वह 1970 से 1980 तक Maharashtra State Youth Congress Committee से जुड़े रहे।

इसके बाद 1980 से 1985 तक Maharashtra State Congress Committee के सदस्य भी रहे।

महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं के साथ भी किया काम

Thakur बाद में Maharashtra Pradesh Youth Congress के उपाध्यक्ष भी बने।

उनका महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों Vilasrao Deshmukh और Sushilkumar Shinde जैसे कांग्रेस नेताओं से भी राजनीतिक जुड़ाव रहा।

यही लंबा सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक अनुभव यह समझाने में मदद करता है कि बिहार के सांसद होने के बावजूद वह मराठी में इतनी सहजता से बातचीत कैसे कर पाते हैं।

बिहार की राजनीति में लंबा अनुभव

महाराष्ट्र में शुरुआती राजनीतिक अनुभव के बाद Thakur का मुख्य राजनीतिक आधार बिहार बना।

उन्होंने 2002 से Bihar Legislative Council के सदस्य के रूप में काम किया। अगस्त 2022 में वह बिहार विधान परिषद के सभापति बने।

इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में सीतामढ़ी से जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे।

भाषा विवाद के बीच वीडियो को क्यों मिली इतनी चर्चा?

Thakur का वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस फिर चर्चा में है।

हाल के समय में मुंबई में टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा जानने से जुड़े नियमों पर भी विवाद हुआ है। इससे पहले हिंदी और मराठी को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी बयानबाजी तथा कुछ विवादित घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

इसी पृष्ठभूमि के कारण बिहार के सांसद का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के यात्रियों से सहज मराठी में बातचीत करना सोशल मीडिया पर सामान्य वायरल वीडियो से कहीं अधिक चर्चा का विषय बन गया।

सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में कुछ लोगों ने इसे भारत की भाषाई विविधता और आपसी सम्मान का उदाहरण बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे महाराष्ट्र में चल रही भाषा संबंधी बहस से जोड़कर देखा। ये सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं लोगों की राय हैं, न कि कोई आधिकारिक निष्कर्ष।

वायरल वीडियो की असली कहानी सिर्फ भाषा नहीं

इस घटना में सांसद की मराठी स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींच रही है, लेकिन इसका दूसरा महत्वपूर्ण पहलू संकट के समय राज्यों के बीच सहयोग है।

नेपाल की बाढ़ से निकलकर बिहार पहुंचे महाराष्ट्र के यात्रियों को भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई तथा उन्हें सुरक्षित महाराष्ट्र पहुंचाने के प्रयास किए गए।

ऐसे में वायरल वीडियो की कहानी केवल यह नहीं है कि “बिहार के सांसद मराठी बोलते हैं”। इसके पीछे महाराष्ट्र में बिताए उनके लंबे जीवन का इतिहास और आपदा के समय अलग-अलग राज्यों के प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय भी शामिल है।

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