AI assistants अब केवल सवालों के जवाब देने या टेक्स्ट लिखने तक सीमित नहीं रह गए हैं। वेबसाइट पर जाकर कई चरणों वाला काम पूरा करने की उनकी क्षमता भी तेजी से चर्चा का विषय बन रही है। इसी बदलाव की एक झलक भारत में वायरल हुए एक train-ticket experiment में देखने को मिली।
Content creator Manthan Jethwani ने ChatGPT Astra को IRCTC के जरिए Mumbai से Rajkot की ट्रेन तलाशने और booking process आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। उनके demonstration के अनुसार AI ने यात्रा से जुड़ी कई जानकारियां खुद दर्ज कीं, उपलब्ध ट्रेनें खोजीं और seat availability भी check की।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है: उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक AI ने अपने आप अंतिम payment पूरा नहीं किया। Creator ने कहा कि payment करना उनके लिए बाकी रह गया था।
कैसे शुरू हुआ ChatGPT Astra का Experiment?
रिपोर्टों के मुताबिक Manthan Jethwani ने पहले GPT-6 Astra को लेकर एक reel पोस्ट की थी। उस पर एक user ने पूछा कि क्या AI भारत की railway ticketing service IRCTC पर train ticket भी book कर सकता है।
Jethwani को शुरुआत में संदेह था कि AI सरकारी वेबसाइट पर इस तरह की प्रक्रिया संभाल पाएगा। इसके बाद उन्होंने इसे खुद आजमाने का फैसला किया।
उन्होंने ChatGPT Astra को browser इस्तेमाल करते हुए 20 September को Mumbai से Rajkot, रात 9 बजे से 11 बजे के बीच, दो लोगों के लिए AC class में train ticket खोजने का निर्देश दिया।
AI ने IRCTC पर क्या-क्या किया?
Creator के demonstration के अनुसार ChatGPT Astra ने booking workflow के कई चरण खुद संभाले।
AI ने departure और destination stations चुने, यात्रा की तारीख तथा समय की preference दर्ज की और उपलब्ध trains की तलाश शुरू की। इसके बाद उसने ticket availability भी check की।
रिपोर्टों के मुताबिक उसकी शुरुआती search में criteria से मेल खाने वाले विकल्प मिले, लेकिन उपलब्ध tickets waiting list में थे।
इसके बाद AI ने creator से पूछा कि वह आगे क्या करना चाहते हैं।
Jethwani ने उसे अगले दिन के लिए विकल्प तलाशने को कहा। AI ने फिर search process को आगे बढ़ाया और alternative options की जांच की।
क्या ChatGPT Astra ने वास्तव में Ticket खरीद लिया?
यहीं वायरल दावे और वास्तविक demonstration के बीच अंतर समझना जरूरी है।
Creator के अनुसार AI ने searching, train selection और form-filling जैसे कई steps संभाल लिए थे। लेकिन final payment उन्होंने AI के भरोसे नहीं छोड़ा था।
Jethwani ने कहा कि उनके लिए केवल payment करना बाकी था।
इसलिए इस experiment को यह कहकर प्रस्तुत करना कि AI ने पूरी तरह autonomously ticket खरीद लिया, उपलब्ध जानकारी से ज्यादा मजबूत दावा होगा। ज्यादा सटीक निष्कर्ष यह है कि AI ने IRCTC booking workflow को payment stage के करीब तक automate करने की क्षमता प्रदर्शित की।
Waiting List मिलने पर AI ने मांगा अगला निर्देश
Experiment का एक दिलचस्प पहलू यह था कि AI ने unavailable या waitlisted result मिलने के बाद मनमाने ढंग से निर्णय लेने के बजाय user से अगला निर्देश मांगा।
जब शुरुआती options waiting list में मिले, तब creator ने उसे अगले दिन की trains देखने को कहा।
ऐसे interactions AI agents की उस दिशा को दिखाते हैं जिसमें software केवल information उपलब्ध कराने के बजाय website interfaces के साथ interact करता है और जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण निर्णय के लिए user को वापस control देता है।
Viral Video पर आया ‘Tatkal’ Challenge
Demonstration के वायरल होने के बाद social media users ने AI के लिए और कठिन challenges सुझाए।
एक commenter ने Tatkal booking में इसे आजमाने की चुनौती दी। उसका कहना था कि अगर AI Tatkal में ऐसा कर पाए, तब उसकी क्षमता ज्यादा प्रभावशाली मानी जाएगी।
यह चुनौती दिलचस्प है क्योंकि Tatkal booking में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और लोकप्रिय routes पर उपलब्ध seats तेजी से खत्म हो सकती हैं।
एक अन्य user ने सुझाव दिया कि AI को resume देकर वास्तविक jobs के लिए applications करने का test किया जाए।
Viral Experiment क्यों है महत्वपूर्ण?
इस demonstration की अहमियत सिर्फ train ticket खोजने में नहीं है।
Traditional chatbot में user सवाल पूछता है और AI जवाब देता है। Agent-like systems इससे एक कदम आगे जाकर browser में कई sequential actions कर सकते हैं—जैसे किसी website को खोलना, fields भरना, options compare करना और user की conditions के आधार पर अगला step चुनना।
Mumbai-Rajkot experiment इसी बदलाव का एक practical example बनकर सामने आया है।
हालांकि, एक viral demonstration से यह साबित नहीं होता कि ऐसा system हर IRCTC booking, हर account या Tatkal जैसी high-demand परिस्थितियों में समान reliability के साथ काम करेगा।
Convenience के साथ Security और User Control भी अहम
Browser-controlling AI agents जितने शक्तिशाली होते जाएंगे, उतने ही security और user-control से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण होंगे।
Train booking जैसे काम में passenger details, account credentials और payment information जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल हो सकती है। ऐसे मामलों में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि AI कौन-से actions खुद कर सकता है और किन महत्वपूर्ण चरणों—खासकर payment या final confirmation—पर user की अनुमति जरूरी है।
इस वायरल experiment में payment user के पास रहना इसी distinction को महत्वपूर्ण बनाता है।
AI Assistants के अगले दौर की झलक?
Manthan Jethwani का experiment फिलहाल एक social-media demonstration है, लेकिन इसने AI assistants की बदलती भूमिका पर दिलचस्प बहस शुरू कर दी है।
अगर browser-based AI agents विश्वसनीय तरीके से ऐसी प्रक्रियाएं संभालने लगते हैं, तो भविष्य में travel booking, online forms, shopping और दूसरे repetitive digital tasks में users को हर field और page खुद navigate करने की जरूरत कम हो सकती है।
फिलहाल इस experiment से सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही निकलता है: ChatGPT Astra ने Mumbai-Rajkot IRCTC booking के कई steps को automate करते हुए payment से पहले तक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का demonstration दिया—लेकिन इसे पूरी तरह autonomous successful ticket purchase कहना उपलब्ध रिपोर्टों से प्रमाणित नहीं है।
